सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के निकट हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका कॉलोनी (वार्ड-21) में वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हालत यह है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन तक दूभर हो जाता है। स्थानीय निवासी हेमा शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन अक्सर गड्ढों में फंस जाते हैं और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं; बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं इंद्रा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय निवासी राकेश मीणा ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें जलभराव और कीचड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच श्याम वाटिका की यह बदहाल सड़क प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही है, और अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देते हैं।
सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के निकट हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका कॉलोनी (वार्ड-21) में वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हालत यह है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन तक दूभर हो जाता है। स्थानीय निवासी हेमा शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन अक्सर गड्ढों में फंस जाते हैं और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं; बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं इंद्रा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय निवासी राकेश मीणा ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें जलभराव और कीचड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच श्याम वाटिका की यह बदहाल सड़क प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही है, और अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देते हैं।
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के ऐचेर सहित आसपास के गांवों से चारधाम यात्रा पर गए लगभग 50 से 60 श्रद्धालुओं का एक समूह अपनी धार्मिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करके सकुशल वापस लौट आया है। गांव पहुंचने पर, ग्रामीणों ने इन यात्रियों का अत्यंत गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया और पुष्पमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, हरिद्वार और वाराणसी सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। यात्रियों ने बताया कि इस चारधाम यात्रा से उन्हें गहरी आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभूति प्राप्त हुई। उन्होंने देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना कर अपने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। चारधाम यात्रा से लौटने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर पूरे गांव में भारी उत्साह का माहौल रहा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लौटे हुए श्रद्धालुओं ने अपने यात्रा के अनुभवों को साझा किया और तीर्थ स्थलों की महत्ता के साथ-साथ धार्मिक परंपराओं के बारे में भी जानकारी दी।1
- 'सहकार से समृद्धि' के संकल्प को साकार करने की दिशा में राजस्थान देश में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई "विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना" के माध्यम से प्रदेश के अन्नदाताओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में विशेष प्रावधान किए हैं, जिनके तहत आधुनिक गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। इन प्रयासों से किसानों की कड़ी मेहनत को सुरक्षित किया जा रहा है और उनकी आय सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह प्रदेश के किसान भाइयों-बहनों के साथ हर कदम पर खड़ी है, जिससे उनकी समृद्धि की राह आसान हो सके।1
- डॉक्टर श्री राजकुमार जी शर्मा साहब राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले की नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं।1
- आज दोपहर चोरु ग्रामवाशियों ने रोडवेज बसों के गाँव के अंदर नहीं जाने की समस्या को लेकर सड़क जाम कर दिया। टोंक जिले के उनियारा में लगे इस चक्का जाम को खुलवाने के लिए डीवाईएसपी आकांशा चौधरी, तहसीलदार धर्मेन्द्र तसेरा और उनियारा एएसआई रतनलाल ने सक्रिय प्रयास किए। लगभग दो घंटे तक चला यह जाम, अधिकारियों की मशक्कत और डीवाईएसपी के कहने पर ग्रामीणों ने हटा दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि रोडवेज बसों को गाँव के अंदर नहीं ले जाने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।1
- श्योपुर में SP ऑफिस के बाहर एक दम्पति के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पत्नी निशा बानो ने आरोप लगाया कि उनका पति एक 17 साल की लड़की को अपने साथ रखे हुए है और उससे शादी करने की तैयारी में है। निशा बानो ने यह भी बताया कि उनके पास पति और उस लड़की से संबंधित 'बिस्तर का वीडियो' भी मौजूद है। अपनी तीन बेटियों का हवाला देते हुए, निशा बानो ने अपनी परेशानी व्यक्त की और पूछा कि वह अब क्या करे।1
- जयपुर में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। महिला का दावा है कि उसके मकान पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने की साज़िश की जा रही है।1
- टोंक जिले के चौरु क्षेत्र में रोडवेज बस के नहीं आने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। अपने गुस्से का इजहार करते हुए, ग्रामीणों ने टोंक-सवाईमाधोपुर हाइवे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के निकट हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका कॉलोनी (वार्ड-21) में वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हालत यह है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन तक दूभर हो जाता है। स्थानीय निवासी हेमा शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन अक्सर गड्ढों में फंस जाते हैं और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं; बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं इंद्रा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय निवासी राकेश मीणा ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें जलभराव और कीचड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच श्याम वाटिका की यह बदहाल सड़क प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही है, और अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देते हैं।1