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जयपुर में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। महिला का दावा है कि उसके मकान पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने की साज़िश की जा रही है।
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जयपुर में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। महिला का दावा है कि उसके मकान पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने की साज़िश की जा रही है।
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- जयपुर में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। महिला का दावा है कि उसके मकान पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने की साज़िश की जा रही है।1
- आज दोपहर चोरु ग्रामवाशियों ने रोडवेज बसों के गाँव के अंदर नहीं जाने की समस्या को लेकर सड़क जाम कर दिया। टोंक जिले के उनियारा में लगे इस चक्का जाम को खुलवाने के लिए डीवाईएसपी आकांशा चौधरी, तहसीलदार धर्मेन्द्र तसेरा और उनियारा एएसआई रतनलाल ने सक्रिय प्रयास किए। लगभग दो घंटे तक चला यह जाम, अधिकारियों की मशक्कत और डीवाईएसपी के कहने पर ग्रामीणों ने हटा दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि रोडवेज बसों को गाँव के अंदर नहीं ले जाने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।1
- राजस्थान के दूनी में सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर चिकित्सकीय अव्यवस्थाओं के चलते एक युवक की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए लोगों ने दूनी मुख्य बस स्टैंड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। यह आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में समुचित व्यवस्था न होने के कारण युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।2
- टोंक जिले की टोंक तहसील के हरचनेड़ा ग्राम पंचायत स्थित सड़ा गाँव में सड़क की हालत बेहद खराब है। गाँव के भीतर की पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है और इसमें जगह-जगह पानी भरा रहता है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है। इस जर्जर और पानी से भरी सड़क के कारण खासकर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल पहुँचने के लिए इसी खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन छोटे बच्चों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए। उनकी पुकार है कि यह रास्ता तुरंत दुरुस्त हो ताकि उनकी आवाजाही सुगम हो सके और उन्हें प्रतिदिन की मुश्किलों से निजात मिल सके।1
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के ऐचेर सहित आसपास के गांवों से चारधाम यात्रा पर गए लगभग 50 से 60 श्रद्धालुओं का एक समूह अपनी धार्मिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करके सकुशल वापस लौट आया है। गांव पहुंचने पर, ग्रामीणों ने इन यात्रियों का अत्यंत गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया और पुष्पमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, हरिद्वार और वाराणसी सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। यात्रियों ने बताया कि इस चारधाम यात्रा से उन्हें गहरी आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभूति प्राप्त हुई। उन्होंने देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना कर अपने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। चारधाम यात्रा से लौटने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर पूरे गांव में भारी उत्साह का माहौल रहा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लौटे हुए श्रद्धालुओं ने अपने यात्रा के अनुभवों को साझा किया और तीर्थ स्थलों की महत्ता के साथ-साथ धार्मिक परंपराओं के बारे में भी जानकारी दी।1
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- राजस्थान में राज्यसभा चुनावों के ताजा अपडेट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बढ़त बनाए हुए है। वहीं, कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के निकट हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका कॉलोनी (वार्ड-21) में वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हालत यह है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन तक दूभर हो जाता है। स्थानीय निवासी हेमा शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन अक्सर गड्ढों में फंस जाते हैं और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं; बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं इंद्रा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय निवासी राकेश मीणा ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें जलभराव और कीचड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच श्याम वाटिका की यह बदहाल सड़क प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही है, और अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देते हैं।1