आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व को ध्यान में रखते हुए, टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष छह दिवसीय प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और प्रभावी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना है, साथ ही पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से कुशलता और संवेदनशीलता के साथ निपटने के लिए तैयार करना है। इसी अभियान के चौथे बैच के प्रशिक्षण सत्र में, पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और जनसुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। अपने संबोधन में, पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि सिंहस्थ जैसे आयोजन केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं से भी जुड़े होते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के सहयोगी, मार्गदर्शक और संकट की घड़ी में सहायता प्रदान करने वाले संरक्षक के रूप में भी कार्य करना चाहिए। उन्होंने ड्यूटी के दौरान संयम, धैर्य, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय, यातायात संचालन, जनसुविधाओं का प्रबंधन और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल सुरक्षा, लापता व्यक्तियों की खोज, सार्वजनिक सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग और अफवाहों की रोकथाम जैसे व्यावहारिक पहलुओं से भी अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक मंडलोई ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता पूर्व नियोजन, सतत सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम भावना पर निर्भर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रत्येक पुलिसकर्मी की सजगता और कर्तव्यनिष्ठा से सुनिश्चित होती है, और जनसहयोग किसी भी बड़े आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होता है। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसे महापर्व हमारी पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण की वास्तविक परीक्षा होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहाँ वह श्रद्धा, विश्वास और सम्मान के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके। टीकमगढ़ पुलिस सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर सतत प्रशिक्षण, समन्वय और क्षमता संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्यरत है, ताकि महापर्व के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का सर्वोत्तम स्तर सुनिश्चित किया जा सके।
आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व को ध्यान में रखते हुए, टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष छह दिवसीय प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और प्रभावी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना है, साथ ही पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से कुशलता और संवेदनशीलता के साथ निपटने के लिए तैयार करना है। इसी अभियान के चौथे बैच के प्रशिक्षण सत्र में, पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और जनसुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। अपने संबोधन में, पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि सिंहस्थ जैसे आयोजन केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं से भी जुड़े होते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के सहयोगी, मार्गदर्शक और संकट की घड़ी में सहायता प्रदान करने वाले संरक्षक के रूप में भी कार्य करना चाहिए। उन्होंने ड्यूटी के दौरान संयम, धैर्य, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय, यातायात संचालन, जनसुविधाओं का प्रबंधन और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल सुरक्षा, लापता व्यक्तियों की खोज, सार्वजनिक सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग और अफवाहों की रोकथाम जैसे व्यावहारिक पहलुओं से भी अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक मंडलोई ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता पूर्व नियोजन, सतत सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम भावना पर निर्भर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रत्येक पुलिसकर्मी की सजगता और कर्तव्यनिष्ठा से सुनिश्चित होती है, और जनसहयोग किसी भी बड़े आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होता है। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसे महापर्व हमारी पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण की वास्तविक परीक्षा होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहाँ वह श्रद्धा, विश्वास और सम्मान के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके। टीकमगढ़ पुलिस सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर सतत प्रशिक्षण, समन्वय और क्षमता संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्यरत है, ताकि महापर्व के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का सर्वोत्तम स्तर सुनिश्चित किया जा सके।
- टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव धसान थाना क्षेत्र में एक महिला डांसर के साथ हुई मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर थाना प्रभारी का बयान भी सामने आया है।1
- जतारा के बहlरूताल में लोक निर्माण विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही के कारण लगभग एक साल से एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस वजह से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क फिर से कटने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अधूरे पुल के कारण उन्हें लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, और बरसात में नाले में पानी बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उनके अनुसार, मुख्य ठेकेदार ने काम एक पेटी ठेकेदार को सौंप दिया था, जिसने प्रारंभिक भुगतान मिलने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य ठेकेदार की लापरवाही के अलावा, विभागीय स्तर पर कुछ प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों की समस्याओं ने भी कार्य में देरी की है। इस मामले में, लोक निर्माण विभाग के जतारा एसडीओ ने स्वीकार किया कि कार्य ठेकेदार की लापरवाही और कुछ प्रशासनिक सुधारों के कारण रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर जल्द ही पुल निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।4
- लखनऊ में हुए अग्निकांड की दुखद घटना के मद्देनजर, सीएम योगी ने अपना निर्धारित दौरा रद्द कर दिया है। वह तत्काल वापस लखनऊ पहुंचे और इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।2
- नगर परिषद पलेरा क्षेत्र में मंदिर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी अनियमितता और ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। वार्ड क्रमांक 5 स्थित किले के हनुमान जी मंदिर और वार्ड क्रमांक 12 स्थित सब्जी मंडी कुटी धाम मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर वार्डवासियों, नगरवासियों तथा विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कलेक्टर टीकमगढ़ के नाम आवेदन सौंपकर विस्तृत जांच की मांग की है। आवेदन में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है और कार्य गलत ढंग से किया जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा कई बार ठेकेदार को सही तरीके से काम करने की हिदायत दी गई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आवेदनकर्ताओं के अनुसार, ठेकेदार ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता और वह अधिकारियों को देख लेगा, जिससे वार्डवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होने तक काम को तुरंत रोका जाए। वार्डवासियों ने कलेक्टर से अपील की है कि एक जांच टीम का गठन कर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता सही पाए जाने के बाद ही आगे का कार्य कराया जाए, ताकि मंदिर निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। बजरंग दल के प्रखंड संयोजक राजेंद्र राय ने 'कमीशन खोरी' को खराब गुणवत्ता वाले कार्यों का कारण बताया और कहा कि अनेक निर्माण कार्यों में लापरवाही साफ दिख रही है। उन्होंने सीएमओ से इस मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। आवेदन में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वार्डवासी, नगरवासी और विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस आवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में प्रमुख रूप से मनीष तिवारी, राजेंद्र राय, मयंक गुप्ता, सोनू रैकवार, मोहित सोनी, राज परिहार, अवधेश रावत, टीनू तिवारी, संदीप नामदेव, अजय नामदेव, राहुल गंगेले, कुलदीप नामदेव, माधव सिंह राय, अमित तिवारी और अजय नामदेव सहित कई वार्डवासी, नगरवासी एवं विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के सदस्य शामिल हैं।4
- टीकमगढ़ जिले के जतारा विकास खंड की ग्राम पंचायत बम्होरी खास में कलेक्टर साहब के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। टेक्स्ट में यह प्रश्न पूछा गया है कि आखिर क्यों जिम्मेदार लोग इस मामले में मौन हैं। इस विषय पर राम सिंह यादव जी के साथ एक खास रिपोर्ट देखने की बात कही गई है।1
- टीकमगढ़ जिले के लक्कड़ खाना मोहल्ला क्षेत्र में नलों से गंदा पानी आने का मामला सामने आया है। इस समस्या से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- ललितपुर जिले के थाना मदनपुर क्षेत्र के ग्राम उल्दना खुर्द में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत एक बहु-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं ने भाग लेकर महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए, महिला आरक्षी रूबी बघेल ने पुलिस विभाग की प्राथमिकता के रूप में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, उनके संवैधानिक अधिकारों और शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही जागरूकता उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा करने और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनाती है। कार्यक्रम के दौरान, महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, महिला सहायता हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। महिलाओं को यह भी जानकारी दी गई कि छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रताड़ना या किसी अन्य अपराध की स्थिति में वे तत्काल इन सेवाओं का उपयोग करके सहायता प्राप्त कर सकती हैं। पुलिस टीम ने शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखने और उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया गया। महिलाओं और बालिकाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अज्ञात कॉल और संदेशों से सावधान रहने, बैंक खाते और ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा डिजिटल माध्यमों पर सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस कर्मियों ने चेतावनी दी कि थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक और सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसके अतिरिक्त, महिला आरक्षी ने बालिकाओं को शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया, यह कहते हुए कि शिक्षित और जागरूक बेटियां ही समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला हैं। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और हेल्पलाइन सेवाओं से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर पुलिस टीम द्वारा विस्तार से दिए गए। सम्मेलन में थाना मदनपुर पुलिस के अन्य कर्मियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां मौजूद रहीं। अंत में, पुलिस टीम ने सभी महिलाओं और बालिकाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, किसी भी घटना को छिपाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करने और समाज में महिला सुरक्षा तथा सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।4
- अयोध्या में राम से जुड़े करोड़ों रुपये की चोरी के घोटाले में एक बड़ा खुलासा हुआ है।1
- ललितपुर जिले के कोतवाली मड़ावरा थाना क्षेत्र स्थित बम्होरी कला पेट्रोल पंप के पास मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों बाइक चालक घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा दी गई सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल चालकों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा ले जाया गया। वहां चिकित्सकों द्वारा दोनों का उपचार किया जा रहा है, जिनकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइकें सामने से आ रही थीं और किसी कारणवश उनमें टक्कर हो गई, जिसमें चालकों को चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारी जुटाई।2