जतारा के बहlरूताल में लोक निर्माण विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही के कारण लगभग एक साल से एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस वजह से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क फिर से कटने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अधूरे पुल के कारण उन्हें लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, और बरसात में नाले में पानी बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उनके अनुसार, मुख्य ठेकेदार ने काम एक पेटी ठेकेदार को सौंप दिया था, जिसने प्रारंभिक भुगतान मिलने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य ठेकेदार की लापरवाही के अलावा, विभागीय स्तर पर कुछ प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों की समस्याओं ने भी कार्य में देरी की है। इस मामले में, लोक निर्माण विभाग के जतारा एसडीओ ने स्वीकार किया कि कार्य ठेकेदार की लापरवाही और कुछ प्रशासनिक सुधारों के कारण रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर जल्द ही पुल निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
जतारा के बहlरूताल में लोक निर्माण विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही के कारण लगभग एक साल से एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस वजह से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बारिश
के मौसम में गांवों का संपर्क फिर से कटने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अधूरे पुल के कारण उन्हें लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, और बरसात में नाले में पानी बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उनके अनुसार, मुख्य
ठेकेदार ने काम एक पेटी ठेकेदार को सौंप दिया था, जिसने प्रारंभिक भुगतान मिलने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य ठेकेदार की लापरवाही के अलावा, विभागीय स्तर पर कुछ प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों की समस्याओं ने भी कार्य में देरी की
है। इस मामले में, लोक निर्माण विभाग के जतारा एसडीओ ने स्वीकार किया कि कार्य ठेकेदार की लापरवाही और कुछ प्रशासनिक सुधारों के कारण रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर जल्द ही पुल निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
- जतारा के बहlरूताल में लोक निर्माण विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही के कारण लगभग एक साल से एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस वजह से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क फिर से कटने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अधूरे पुल के कारण उन्हें लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, और बरसात में नाले में पानी बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उनके अनुसार, मुख्य ठेकेदार ने काम एक पेटी ठेकेदार को सौंप दिया था, जिसने प्रारंभिक भुगतान मिलने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य ठेकेदार की लापरवाही के अलावा, विभागीय स्तर पर कुछ प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों की समस्याओं ने भी कार्य में देरी की है। इस मामले में, लोक निर्माण विभाग के जतारा एसडीओ ने स्वीकार किया कि कार्य ठेकेदार की लापरवाही और कुछ प्रशासनिक सुधारों के कारण रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर जल्द ही पुल निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।4
- पलेरा नगर के वार्ड क्रमांक 7 निवासी 70 वर्षीय लीलाधर नापित की नहर में गिरने से मौत हो गई। बताया गया है कि यह हादसा रात्रि करीब 10 बजे उस समय हुआ जब लीलाधर नापित अपने घर से खेत की ओर जा रहे थे और इसी दौरान वे रास्ते में वार्ड क्रमांक 4 में स्थित नहर में गिर गए। अगली सुबह, स्थानीय लोगों और परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में ले लिया है। शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा पहुँचाकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में पलेरा पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी पहुँचे। उन्होंने ऐतिहासिक झांसी किला मैदान में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री के पूरे दौरे के दौरान योगाभ्यास के साथ-साथ जनसंपर्क और कार्यक्रम के प्रमुख पल भी देखे गए, जिसकी खास झलकियाँ साझा की गईं।2
- टीकमगढ़ जिले के बलदेवगढ़ के टीला नरैनी क्षेत्र में अवैध मुरम का उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। नरैनी गौशाला के ठीक पीछे दिनदहाड़े जेसीबी मशीन और ट्रैक्टरों का उपयोग कर अवैध खुदाई की जा रही है, जिसके कारण गौशाला गिरने की कगार पर पहुँच गई है। यह सब खुलेआम होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन इन गतिविधियों से पूरी तरह बेखबर है।1
- भरत भूषण तिवारी से जुड़े एक एनकाउंटर की सत्यता पर सीधे तौर पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें इसे 'फर्जी' करार दिए जाने की आशंका व्यक्त की गई है। इस मामले में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि यदि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा इस केस की जांच की जाती है, तो इसमें गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों को तीन विशिष्ट वजहों के चलते उम्रकैद की सजा हो सकती है।1
- टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर स्थित दिगौड़ा कस्बे में अतिक्रमण ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। सड़क के दोनों ओर किए गए कब्जों के कारण दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। एक ओर फल विक्रेताओं ने सड़क किनारे कब्जा जमा रखा है, तो दूसरी ओर दुकानदारों ने अपनी दुकानें सड़क तक बढ़ा ली हैं। इन खराब हालात के कारण एक एंबुलेंस भी लंबे समय तक जाम में फंसी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आम जनता और मरीजों की इस परेशानी का जिम्मेदार कौन है।1
- जतारा के शासकीय अस्पताल को एक बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब कुल पाँच डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे। यह कदम अस्पताल में कई वर्षों से चली आ रही डॉक्टरों की कमी की समस्या का समाधान करता है, जिससे क्षेत्र के निवासियों और मरीजों को हो रही परेशानियाँ अब दूर होंगी। दरअसल, लंबे समय से डॉक्टरों की कमी के कारण नगर के शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और क्षेत्रवासियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को जतारा के विधायक ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया था, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। विधायक के लगातार प्रयासों के बाद, अब जतारा अस्पताल में पाँच डॉक्टरों की पदस्थापना कर दी गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी और उन्हें इलाज के लिए अन्य स्थानों पर जाने की परेशानी काफी हद तक कम होगी। क्षेत्रवासियों और नगरवासियों ने अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने पर अपनी खुशी व्यक्त की है और विधायक के इन प्रयासों की सराहना भी की है।3
- पलेरा नगर के वार्ड क्रमांक 7 निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग लीलाधर नापित की नहर में गिरने से मौत हो गई। बताया गया है कि यह हादसा वार्ड क्रमांक 4 में हुआ, जब लीलाधर नापित रात करीब 10 बजे अपने घर से खेत की ओर जा रहे थे और इसी दौरान रास्ते में वह नहर में गिर गए। सुबह स्थानीय लोगों और परिजनों को इस घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है। मृतक लीलाधर नापित के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा पहुंचाकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में आगे की कार्रवाई पलेरा पुलिस द्वारा की जा रही है।1