मऊ में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से इनर व्हील क्लब मऊ द्वारा "No Plastic, Only Cloth Bag" परियोजना का सफल आयोजन किया गया। इस परियोजना का शुभारंभ क्लब की PDC आशा खत्री जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर कपड़े के थैलों का वितरण किया गया और आम लोगों को प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से छोड़कर पर्यावरण हितैषी कपड़े के झोले अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि क्लब की सभी सदस्यों ने अपने-अपने घरों से खुद हाथों से सिले हुए कपड़े के झोले बड़ी संख्या में लाकर इस सेवा कार्य को सफल बनाया। सदस्यों का यह समर्पण, सहयोग और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता वास्तव में प्रेरणादायी रही। इस पुनीत कार्य में निवर्तमान अध्यक्ष मीना अग्रवाल, पद्मा मिश्रा, डॉ. कुसुम वर्मा, पूनम गुप्ता, सुजाता सिंह, सोनी गुप्ता, रंजना जालान, मीता जालान, अर्चना कपूर, रुचि अग्रवाल, सचिव विनीता पाण्डेय, कोषाध्यक्ष कीर्ति अग्रवाल, IASO अनीता सिंह तथा अन्य सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता काफी सराहनीय रही। अंत में सभी ने मिलकर संकल्प लिया— "प्लास्टिक हटाएँ, कपड़े का झोला अपनाएँ, पर्यावरण बचाएँ।"
मऊ में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से इनर व्हील क्लब मऊ द्वारा "No Plastic, Only Cloth Bag" परियोजना का सफल आयोजन किया गया। इस परियोजना का शुभारंभ क्लब की PDC आशा खत्री जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर कपड़े के थैलों का वितरण किया गया और आम लोगों को प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से छोड़कर पर्यावरण हितैषी कपड़े के झोले अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि क्लब की सभी सदस्यों ने अपने-अपने घरों से खुद हाथों से सिले हुए कपड़े के झोले बड़ी संख्या में लाकर इस सेवा कार्य को सफल बनाया। सदस्यों का यह समर्पण, सहयोग और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता वास्तव में प्रेरणादायी रही। इस पुनीत कार्य में निवर्तमान अध्यक्ष मीना अग्रवाल, पद्मा मिश्रा, डॉ. कुसुम वर्मा, पूनम गुप्ता, सुजाता सिंह, सोनी गुप्ता, रंजना जालान, मीता जालान, अर्चना कपूर, रुचि अग्रवाल, सचिव विनीता पाण्डेय, कोषाध्यक्ष कीर्ति अग्रवाल, IASO अनीता सिंह तथा अन्य सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता काफी सराहनीय रही। अंत में सभी ने मिलकर संकल्प लिया— "प्लास्टिक हटाएँ, कपड़े का झोला अपनाएँ, पर्यावरण बचाएँ।"
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया है। मंच से एक मफ़लर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 25-30 साल पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें कोई नहीं जानता था, तब उन्हें न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था। इस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार मिले थे, जिनमें से एक खास मफ़लर उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि वे आज भी इस मफ़लर का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे वे उनके प्यार का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया।1
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- मऊ जिले के नुरुल्लाहपुर गाँव में विकास कार्य न होने से स्थानीय जनता बेहद परेशान है। यहाँ के ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय विधायक दोनों पर ही क्षेत्र में कोई भी काम न करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने यहाँ कोई काम नहीं कराया है, जिसके कारण पूरी जनता त्रस्त है। इसके साथ ही, गाँव में स्वच्छता की स्थिति को लेकर भी लोग काफी परेशान हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती (हर्रैया और कप्तानगंज क्षेत्र) में योगी आदित्यनाथ ने 504 करोड़ रुपये की लागत वाली 77 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस विकास-केंद्रित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखे राजनीतिक हमले किए। योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी फंड कब्रिस्तान की दीवारों पर खर्च होते थे, जबकि उनकी सरकार के कार्यकाल में 1500 मंदिरों का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कब्रिस्तान बनाम मंदिर के नरेटिव को हवा देते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार कब्रिस्तान और वक्फ के नाम पर अतिक्रमण को बढ़ावा देती थी, जबकि कांवर यात्रा जैसी हिंदू परंपराओं और 'जय श्री राम' के नारों पर रोक लगाती थी। सपा के एक जिलाध्यक्ष की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा हो रहा था, सपा जिलाध्यक्ष खुद आए थे। लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान ही दिखाई देता था।" उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज कसा कि अब वे भी भगवा पहनकर कांवर यात्रा में शामिल होना चाहते हैं, जबकि उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ने के प्रयास हुए और कांवर यात्राओं को रोका गया। शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में केवल नकल और बेरोजगारी ही हाथ लगती थी, जबकि आज बेहतर शिक्षा व्यवस्था मौजूद है। 10 जुलाई 2026 को दिया गया यह भाषण केवल एक विकास कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भाषण विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दोहरी रणनीति को मजबूत करते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देता है।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे एक बिजली के खम्बे में करंट आने से तीन बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पीड़ित बकरी स्वामी और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को मामले की सूचना दी, लेकिन गंभीर लापरवाही दिखाते हुए विभाग ने सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद जाकर बिजली की लाइन काटी। बकरी स्वामी इरसाद का साफ कहना है कि यह घटना पूरी तरह से बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने इस खंभे में करंट आने की शिकायत पहले भी कई बार बिजली विभाग से की थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह आम जनता के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने गुस्से में सवाल उठाया कि आज तो तीन बेजुबान जानवरों की जान गई है, लेकिन अगर इनकी जगह कोई इंसान होता तो इस मौत का जिम्मेदार कौन होता? गुस्साए लोगों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक इस बिजली के पोल को रास्ते से नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे मृत जानवरों को भी वहां से नहीं हटने देंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में अक्सर यहां बिजली के खंभों में करंट उतर आता है, लेकिन विभाग इसे नजरअंदाज करता है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।3