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जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत महेरव गांव के पास सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही जलालपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मृतक युवक के शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब इस मामले की छानबीन में जुट गई है।
Jitendra bahadur Dubey
जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत महेरव गांव के पास सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही जलालपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मृतक युवक के शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब इस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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- जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत महेरव गांव के पास सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही जलालपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मृतक युवक के शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब इस मामले की छानबीन में जुट गई है।1
- राजस्थान के सीकर जिले के रींगस क्षेत्र के भवानीपुरा गांव के रहने वाले सीआईएसएफ जवान संतोष कुमार वर्मा देश सेवा के दौरान छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए। यह घटना तब सामने आई जब वीडियो देखकर आँखें नम कर देने वाला एक मार्मिक दृश्य सामने आया। शहीद संतोष कुमार वर्मा ने महज चार महीने पहले ही अपनी सेवा जॉइन की थी, जिसके बाद उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। जब शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके गांव पहुंचा, तो पूरा गांव गमगीन हो गया। सबसे भावुक पल तब आया जब उनके बड़े भाई अपने छोटे भाई के पार्थिव शरीर को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े, मानो पागल हो गए हों। परिजनों के अनुसार, बड़े भाई ने संतोष को अपने बच्चे की तरह पाला-पोसा था, उसे पढ़ाया-लिखाया था और सेना में भर्ती होने तक में मदद की थी।1
- थाना चौकी से न्याय न मिलने पर कमरे पर कब्जे का आरोप, न्याय की गुहार लेकर ढोल-नगाड़े के साथ IG कार्यालय पहुंचा परिवार* वाराणसी के नदेसर राजबाजार स्थित मकान संख्या S-17/23 में कमरे पर जबरन कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए स्वर्गीय सुरेश चंद का परिवार सोमवार को ढोल-नगाड़ों के साथ IG जोन कार्यालय पहुंचा। परिजनों का कहना है कि सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनके कमरे में ताला लगाकर कब्जा कर लिया गया है। मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस चौकी में की गई, लेकिन कार्रवाई न होने और दूसरे पक्ष का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए परिवार ने उच्च अधिकारियों से न्याय की मांग की है।1
- वाराणसी के ग्राम चक्का में आदिवासी मुसहर समुदाय की जमीन पर यादव लोगों और ग्राम प्रधान मधुबन ने कब्जा कर लिया है, जिससे आदिवासी समुदाय के लोग बेहद परेशान हैं। जांच के दौरान यह सामने आया है कि कुल 10 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है।1
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- वाराणसी के कैन्ट थाना क्षेत्र के नदेशर निवासी एक परिवार ने स्थानीय पुलिस पर अपनी शिकायत पर सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में, परिवार ने एडीजी वाराणसी जोन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता राजकुमारी देवी के अनुसार, संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में बीते 7 जून को संतोष सेठ उनके मकान में घुस आए थे और उन्होंने कई कमरों में ताला लगा दिया था। परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद चौकी पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस कथित निष्क्रियता के बाद, परिवार के कुल 25 सदस्यों के साथ वे पहले एडीजी कार्यालय पहुंचे। इसके उपरांत, उन्होंने कमिश्नर वाराणसी के पास जाकर इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। अब इस मामले को जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है, क्योंकि नदेशर का यह परिवार न्याय की गुहार लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचा है।1
- वाराणसी में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा माँ बागेश्वरी देवी प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा के आठवें दिन महंत बालक देवाचार्य जी महाराज ने भरत चरित्र का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन प्रस्तुत किया। उनके प्रवचन को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विह्वल हो गए और उनकी आँखें नम हो गईं। महंत देवाचार्य ने अपने संबोधन में भरत को भारतीय संस्कृति में त्याग, समर्पण, भ्रातृप्रेम, धर्मनिष्ठा और आदर्श शासन का सर्वोच्च प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भरत का चरित्र हमें सिखाता है कि सत्ता और वैभव से बढ़कर मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक प्रेम होता है। कथा के अनुसार, जब भरत को भगवान श्रीराम के वनवास और महाराज दशरथ के निधन का समाचार मिला, तब उन्होंने अपनी माता कैकेयी के अनुचित वरदानों का कठोर विरोध किया। स्वयं को इस घटना के लिए उत्तरदायी मानते हुए उन्होंने गहरा दुःख व्यक्त किया, अयोध्या का राज सिंहासन स्वीकार करने से इंकार किया और चित्रकूट जाकर प्रभु श्रीराम से राजगद्दी संभालने का आग्रह किया। कथा व्यास ने इस प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भरत ने श्रीराम की चरण पादुकाओं को अयोध्या के सिंहासन पर स्थापित कर स्वयं एक सेवक के रूप में नंदीग्राम में रहकर राज्य का संचालन किया, जो विश्व इतिहास में दुर्लभ त्याग, निष्ठा और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने वर्तमान सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में भरत के आदर्शों की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति उनके चरित्र से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का पालन करे, तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सुख, शांति एवं सद्भाव का वातावरण स्थापित हो सकता है। इस कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' की भी गरिमामयी उपस्थिति रही और उन्होंने व्यास पीठ की आरती उतारी। मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया। कथा की समाप्ति पर डॉ. अजय जायसवाल, रविशंकर सिंह, जयशंकर गुप्ता, प्रमोद यादव मुन्ना, वतन कुशवाहा, किशोर सेठ, विजय कुमार, राजेश गुप्ता, मुन्नू लाल, संजय महाराज, मंगल सेठ, रवि झुनझुनवाला, श्री प्रकाश, विपुल गुप्ता, विष्णु गुप्ता, डॉ. पुष्पा जायसवाल, रोशनी जी और अनामिका जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों और धर्मप्रेमियों ने श्रीराम नाम संकीर्तन एवं आरती में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के मद्देनजर, जौनपुर के जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन० और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री कुँवर अनुपम सिंह ने परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए टी.डी. कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1