एडीजी पीयूष ने आजमगढ़ में किया वार्षिक निरीक्षण, ‘शौर्य सभागार’ का उद्घाटन आजमगढ़। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन द्वारा बुधवार को जनपद आजमगढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय एवं थाना नगर कोतवाली का गहन निरीक्षण किया गया तथा पुलिस लाइन परिसर में नव-निर्मित ‘शौर्य सभागार’ का विधिवत उद्घाटन भी किया गया। निरीक्षण के दौरान Sunil Kumar Singh, पुलिस उप-महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र एवं Dr. Anil Kumar, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस लाइन में परेड की सलामी एडीजी ने सर्वप्रथम पुलिस लाइन में भव्य परेड की सलामी ली और टोलीवार निरीक्षण किया। जवानों के अनुशासन, टर्नआउट, शस्त्र संचालन की दक्षता, मार्च-पास्ट की एकरूपता, कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। परेड की सराहना करते हुए उन्होंने नियमित प्रशिक्षण और उच्च अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। ‘शौर्य सभागार’ का उद्घाटन परेड के उपरांत पुलिस लाइन परिसर में लगभग 700 व्यक्तियों की क्षमता वाले आधुनिक ‘शौर्य सभागार’ का उद्घाटन किया गया। अत्याधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित यह सभागार विभागीय गोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं आधिकारिक बैठकों के लिए उपयोगी होगा। एडीजी ने इसे पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण एडीजी ने पुलिस लाइन स्थित निर्माणाधीन भवन, आरटीसी बैरक, पुलिस स्टोर, मेस, जीडी कार्यालय, गणना कार्यालय, डायल-112, डीसीआर, एमटी शाखा, कम्प्यूटर लैब तथा ‘नन्हे सितारे’ कॉरिडोर सहित अन्य शाखाओं का निरीक्षण किया। साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव, शस्त्र एवं संसाधनों के संधारण और वाहनों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपराध गोष्ठी में दिए निर्देश निरीक्षण के बाद आयोजित अपराध गोष्ठी में राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशील कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध के विरुद्ध प्रभावी कदम तथा वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और जनविश्वास बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। जनसुनवाई एवं कार्यालय निरीक्षण एडीजी, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनसुनवाई भी की गई, जिसमें फरियादियों की शिकायतें सुनकर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं—पत्र व्यवहार, आंकिक, डीसीआरबी, एलआईयू, महिला प्रकोष्ठ, जन शिकायत प्रकोष्ठ, फील्ड यूनिट एवं विशेष जांच प्रकोष्ठ—का निरीक्षण कर अभिलेखों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता पर बल दिया गया। नगर कोतवाली का निरीक्षण तत्पश्चात थाना नगर कोतवाली का निरीक्षण किया गया। थाना कार्यालय, मालखाना, बैरक, मेस, शौचालय, मिशन शक्ति कार्यालय एवं अभिलेखों की जांच की गई। मालखाने में जब्त माल की सुरक्षित प्रविष्टि और लंबित मामलों के निस्तारण तथा महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, प्रशिक्षणाधीन एएसपी प्रेमसुख दरिया, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन पर एडीजी ने जनपद पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए अपराध नियंत्रण, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं जनविश्वास को और मजबूत बनाने हेतु निरंतर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एडीजी पीयूष ने आजमगढ़ में किया वार्षिक निरीक्षण, ‘शौर्य सभागार’ का उद्घाटन आजमगढ़। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन द्वारा बुधवार को जनपद आजमगढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय एवं थाना नगर कोतवाली का गहन निरीक्षण किया गया तथा पुलिस लाइन परिसर में नव-निर्मित ‘शौर्य सभागार’ का विधिवत उद्घाटन भी किया गया। निरीक्षण के दौरान Sunil Kumar Singh, पुलिस उप-महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र एवं Dr. Anil Kumar, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस लाइन में परेड की सलामी एडीजी ने सर्वप्रथम पुलिस लाइन में भव्य परेड की सलामी ली और टोलीवार निरीक्षण किया। जवानों के अनुशासन, टर्नआउट, शस्त्र संचालन की दक्षता, मार्च-पास्ट की एकरूपता, कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली तथा प्रशिक्षण की
गुणवत्ता की समीक्षा की गई। परेड की सराहना करते हुए उन्होंने नियमित प्रशिक्षण और उच्च अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। ‘शौर्य सभागार’ का उद्घाटन परेड के उपरांत पुलिस लाइन परिसर में लगभग 700 व्यक्तियों की क्षमता वाले आधुनिक ‘शौर्य सभागार’ का उद्घाटन किया गया। अत्याधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित यह सभागार विभागीय गोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं आधिकारिक बैठकों के लिए उपयोगी होगा। एडीजी ने इसे पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण एडीजी ने पुलिस लाइन स्थित निर्माणाधीन भवन, आरटीसी बैरक, पुलिस स्टोर, मेस, जीडी कार्यालय, गणना कार्यालय, डायल-112, डीसीआर, एमटी शाखा, कम्प्यूटर लैब तथा ‘नन्हे सितारे’ कॉरिडोर सहित अन्य शाखाओं का निरीक्षण किया। साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव, शस्त्र एवं संसाधनों के संधारण
और वाहनों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपराध गोष्ठी में दिए निर्देश निरीक्षण के बाद आयोजित अपराध गोष्ठी में राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशील कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध के विरुद्ध प्रभावी कदम तथा वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और जनविश्वास बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। जनसुनवाई एवं कार्यालय निरीक्षण एडीजी, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनसुनवाई भी की गई, जिसमें फरियादियों की शिकायतें सुनकर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं—पत्र व्यवहार, आंकिक, डीसीआरबी, एलआईयू, महिला प्रकोष्ठ, जन शिकायत प्रकोष्ठ, फील्ड यूनिट एवं विशेष जांच
प्रकोष्ठ—का निरीक्षण कर अभिलेखों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता पर बल दिया गया। नगर कोतवाली का निरीक्षण तत्पश्चात थाना नगर कोतवाली का निरीक्षण किया गया। थाना कार्यालय, मालखाना, बैरक, मेस, शौचालय, मिशन शक्ति कार्यालय एवं अभिलेखों की जांच की गई। मालखाने में जब्त माल की सुरक्षित प्रविष्टि और लंबित मामलों के निस्तारण तथा महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, प्रशिक्षणाधीन एएसपी प्रेमसुख दरिया, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन पर एडीजी ने जनपद पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए अपराध नियंत्रण, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं जनविश्वास को और मजबूत बनाने हेतु निरंतर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
- जनपद आजमगढ़ के मुबारकपुर नगर पंचायत क्षेत्र में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। सभासद सुलेमान अंसारी तथा मासूम आज़मी सहित अन्य लोगों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में देरी, तकनीकी खामियां और दस्तावेजों के सत्यापन में बाधा के कारण आम जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।1
- चीनी रोबोडॉग: Galgotias की प्रोफेसर ने दी सफाई1
- Post by Kabya Chauhan1
- *मऊ में भीषण सड़क हादसा: कोयला लदे ट्रेलर में आग, चालक जिंदा जला* जनादेश टुडे घोसी, मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर पीछे से टक्कर को हादसे का कारण माना जा रहा है हालांकि वास्तविक वजहों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।3
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- Post by Bala Ji1
- *खबर का जोरदार असर*जबरदस्त नारेबाजी बौखलाया केंद्र प्रभारी स्वयं बयान में कबूल रहा कि मैं फोर्थ क्लास का हूं कर्मचारी *वायरल वीडियो में होश उड़ा देने वाला बयान* आखिर फोर्थ क्लास कर्मचारी को कैसे बना दिया गया केंद्र प्रभारी *🚨 मेगा ब्रेकिंग* *उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लि. (PCF) अम्बेडकर नगर में भ्रष्टाचार का संगठित खेल?* जनपद अम्बेडकर नगर में PCF के जनपदीय कार्यालय से सामने आई जानकारी ने पूरे सहकारिता तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सहयोगी/चौकीदार विनय पटेल द्वारा मीडिया से कथित बातचीत में किए गए दावों ने उर्वरक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है। *🎥 कैमरे में कैद कथित दावे* मीडिया से बातचीत के दौरान निम्न गंभीर आरोप सामने आए: KSK ( किसान सेवा केन्द्र )को उर्वरक उपलब्ध कराने और प्रभार पाने के लिए “मोटी रकम” देने की बात। खाद लाने पर “बाबू से लेकर अधिकारी तक खिलाना-पिलाना पड़ता है” जैसा कथन। कार्यालय में अपने प्रभाव और रिश्तेदारों की मौजूदगी का दावा। दावे में बाबू से लेकर स्टोर कीपर तक अपने होने का दावा किया गया। “खबर चलने से कुछ नहीं होगा” जैसा बयान। यूरिया निर्धारित दर से 300 रुपये तक की कीमत पर बेचने का संकेत। हालांकि यह भी कहा गया कि बयान नशे की अवस्था में दिया गया, लेकिन यदि वीडियो साक्ष्य उपलब्ध है तो जांच आवश्यक हो जाती है। ⚖️ संभावित कानूनी प्रश्न यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निम्न बिंदुओं पर जांच बनती है: क्या किसी सहयोगी/चपरासी को वित्तीय या प्रभार संबंधी अधिकार दिए गए? यदि हाँ, किस आदेश से? उर्वरक की बिक्री दर क्या अधिकृत थी, और वास्तविक बिक्री दर क्या रही? क्या कार्यालय में हितों का टकराव (conflict of interest) या पारिवारिक प्रभाव है? कितने कर्मचारी कई वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं? क्या उर्वरक नियंत्रण आदेश/आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ? *📞 प्रशासन कीप्रतिक्रिया?* मीडिया द्वारा जिला प्रबंधक PCF से संपर्क का प्रयास किया गया, किंतु फोन रिसीव नहीं किया गया। आधिकारिक प्रतिक्रिया न आने से संदेह और गहरा गया है। निष्पक्ष जांच और दस्तावेजी सत्यापन के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं, परंतु आरोपों की गंभीरता को नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता। *❓ अब सबसे बड़े सवाल* क्या किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक मिल रहा है? क्या प्रभार और स्टॉक आवंटन में पारदर्शिता है? क्या उच्च अधिकारी स्वतंत्र जांच कराएंगे? 📢 यह मामला केवल एक कार्यालय का नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और सहकारिता व्यवस्था की साख का है। यदि आरोपों में सत्यता है तो यह व्यापक प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बनेगा। भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं… सत्य सामने आने तक जुड़े रहे आप मेरे साथ । *शेष खबर अगले अंक में...*1
- आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल (कक्षा 10) की प्रथम पाली में हिंदी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही छात्र-छात्राओं के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। अधिकांश विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र सिलेबस के अनुरूप और सरल स्तर का था। गद्य, पद्य और व्याकरण से जुड़े प्रश्न सीधे और स्पष्ट पूछे गए थे, जिससे तैयारी करने वाले छात्रों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। कई छात्रों ने कहा कि पेपर उम्मीद से भी ज्यादा आसान था, जिससे अच्छे अंक आने की संभावना बढ़ गई है। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली और बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना की।1