अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत धनगवां के पटपरिहा टोला में रविवार सुबह भालू के हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद दोनों महिलाओं को फुनगा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित पटपरिहा टोला निवासी 35 वर्षीय गुड्डी कोल, पति गोरेलाल कोल, और 65 वर्षीय त्तिजिया कोल, पति रामबदन कोल, सुबह अपने घर से कुछ दूरी पर खेत की ओर दिशा मैदान के लिए गई थीं। इसी दौरान जंगल से निकले एक विचरण कर रहे भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में गुड्डी कोल की कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि त्तिजिया कोल के चेहरे, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर जख्म हुए हैं। भालू के हमले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुँचे और शोर-शराबा करने लगे, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। इस घटना से पूरे गाँव में दहशत का माहौल बन गया है। ग्राम पंचायत धनगवां के सरपंच संजय गोठिया ने तत्काल मौके पर पहुँचकर घायलों को फुनगा अस्पताल पहुँचाने में मदद की। फुनगा अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया था। घटना की सूचना मिलने पर वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल के आग्रह पर सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र प्रताप सिंह और उमेश अग्रवाल ने फुनगा अस्पताल पहुँचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी जुटाई। शशिधर अग्रवाल ने उपवन मंडल अधिकारी अनूपपुर और वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा को घटना से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत धनगवां के पटपरिहा टोला में रविवार सुबह भालू के हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद दोनों महिलाओं को फुनगा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित पटपरिहा टोला निवासी 35 वर्षीय गुड्डी कोल, पति गोरेलाल कोल, और 65 वर्षीय त्तिजिया कोल, पति रामबदन कोल, सुबह अपने घर से कुछ दूरी पर खेत की ओर दिशा मैदान के लिए गई थीं। इसी दौरान जंगल से निकले एक विचरण कर रहे भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में गुड्डी कोल की कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि त्तिजिया कोल के चेहरे, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर जख्म हुए हैं। भालू के हमले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुँचे और शोर-शराबा करने लगे, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। इस घटना से पूरे गाँव में दहशत का माहौल बन गया है। ग्राम पंचायत धनगवां के सरपंच संजय गोठिया ने तत्काल मौके पर पहुँचकर घायलों को फुनगा अस्पताल पहुँचाने में मदद की। फुनगा अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया था। घटना की सूचना मिलने पर वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल के आग्रह पर सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र प्रताप सिंह और उमेश अग्रवाल ने फुनगा अस्पताल पहुँचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी जुटाई। शशिधर अग्रवाल ने उपवन मंडल अधिकारी अनूपपुर और वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा को घटना से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
- अंबिकापुर में नायब तहसीलदार और जनप्रतिनिधियों के बीच चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ एक महिला पार्षद ने नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, महिला पार्षद ने अधिकारी पर उनके साथ अनुचित व्यवहार करने और आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद पहले से ही चर्चा का विषय था, जब सीतापुर क्षेत्र में नायब तहसीलदार और विधायक समर्थकों के बीच कथित विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने नायब तहसीलदार और विधायक पक्ष की शिकायतों पर मामले दर्ज कर अपनी जाँच पहले ही शुरू कर दी थी। महिला पार्षद के इन आरोपों के सामने आने के बाद, इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। हालाँकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक स्तर पर जाँच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और जिला प्रशासन पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जाँच में क्या तथ्य सामने आते हैं। इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- भाजपा जिला उपाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने 'मन की बात' कार्यक्रम की सराहना की है। उन्होंने इस कार्यक्रम को जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम बताया है।1
- प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में अधिमास ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा, अनुराधा नक्षत्र और रविवार के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान हजारों भक्त श्रद्धालु, तीर्थयात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र पहुंचे और विभिन्न घाटों पर स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रातःकाल से ही मां नर्मदा के कोटितीर्थ कुंड, रामघाट, उत्तर एवं दक्षिण तट तथा आरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पवित्र नर्मदा जल में आस्था की डुबकी लगाई और मां नर्मदा का स्मरण करते हुए अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु नर्मदा उद्गम मंदिर पहुँचे, जहाँ लंबी कतारों में खड़े होकर उन्होंने भजन-कीर्तन एवं जयकारों के बीच मां नर्मदा के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मंदिर में माथा टेककर परिवार के सुख, शांति, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की, जिससे मंदिर परिसर पूरे दिन धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा स्नान एवं दर्शन-पूजन का यह क्रम सुबह लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक निरंतर चलता रहा। नर्मदा तटों, मंदिर परिसर तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर भक्तों और पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। मौसम की दृष्टि से भी यह दिन विशेष रहा, क्योंकि दोपहर लगभग 12 बजे तक नौतपा का प्रभाव दिखाई दिया और तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना रहा। हालाँकि, इसके बाद आसमान में काले बादल छा गए और रुक-रुक कर हल्की वर्षा होती रही, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और दर्शन-पूजन का क्रम निरंतर जारी रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।1
- एक नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई की है। इस घटना को लेकर, पुलिस अधीक्षक ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया है।1
- अनूपपुर पुलिस ने ग्राम करहीवाह से किसान टीकम कोल के घर के सामने से चोरी हुए तीन बैलों के मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम के निर्देश तथा एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने पशु चोरी के आरोपी भारत सिंह गोंड को गिरफ्तार कर तीनों चोरी हुए बैल बरामद कर लिए हैं। ये बैल करीब 45,000 रुपये कीमत के बताए गए हैं। यह मामला 30 मई 2026 को सामने आया, जब करहीवाह निवासी 56 वर्षीय किसान टीकम कोल (पिता मण्डल कोल) ने कोतवाली अनूपपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि पिछली रात उनके घर के बाहर बंधे तीन बैल अज्ञात चोरों ने चुरा लिए थे। इस पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 307/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक नितिन नामदेव और आरक्षक संजय सिंह की टीम ने रात में ही पशु चोर की तलाश की। उन्होंने ग्राम ठेही, थाना जैतहरी, अनूपपुर निवासी 25 वर्षीय भारत सिंह गोंड (पिता जयहिंद सिंह गोंड) को गिरफ्तार कर उससे चोरी किए गए तीनों बैल बरामद किए। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपी भारत सिंह गोंड से अन्य पशु चोरी के मामलों के संबंध में पूछताछ कर रही है, जिसके खिलाफ पहले से ही राजेंद्रग्राम थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज है।1