जयपुर। मानबाग आनंद कॉलोनी, वार्ड नंबर 14 स्थित खसरा नंबर 13/1 की भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में चरागाह के रूप में दर्ज बताई जा रही है, पर कथित अवैध निर्माण का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य जारी है, जबकि प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल दिखाई दे रहा है। मौके पर मौजूद आफताब नामक व्यक्ति ने निर्माण करवाने की बात स्वीकार करते हुए जमीन को अपना बताया और वैध दस्तावेज़ होने का दावा किया। वहीं जानकारी मिली कि नगर निगम द्वारा कार्य रुकवाने के लिए स्थल पर एक गार्ड तैनात किया गया है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहने के आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। नगर निगम की उपायुक्त द्वारा भूमि को सरकारी बताया जाना मामले को और संवेदनशील बनाता है। यदि जमीन सरकारी है तो निर्माण किस आधार पर हो रहा है? यदि दस्तावेज़ वैध हैं तो रोक की कार्रवाई क्यों? और यदि अवैध हैं तो अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। गार्ड की मौजूदगी में निर्माण जारी रहने से विभागीय जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने मांग की है कि खसरा नंबर 13/1 की स्थिति स्पष्ट कर स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यदि अवैध कब्जा सिद्ध हो तो संबंधित व्यक्ति, जिम्मेदार अधिकारियों और तैनात गार्ड के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाए। मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी पर है।
जयपुर। मानबाग आनंद कॉलोनी, वार्ड नंबर 14 स्थित खसरा नंबर 13/1 की भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में चरागाह के रूप में दर्ज बताई जा रही है, पर कथित अवैध निर्माण का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य जारी है, जबकि प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल दिखाई दे रहा है। मौके पर
मौजूद आफताब नामक व्यक्ति ने निर्माण करवाने की बात स्वीकार करते हुए जमीन को अपना बताया और वैध दस्तावेज़ होने का दावा किया। वहीं जानकारी मिली कि नगर निगम द्वारा कार्य रुकवाने के लिए स्थल पर एक गार्ड तैनात किया गया है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहने के आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। नगर निगम की उपायुक्त
द्वारा भूमि को सरकारी बताया जाना मामले को और संवेदनशील बनाता है। यदि जमीन सरकारी है तो निर्माण किस आधार पर हो रहा है? यदि दस्तावेज़ वैध हैं तो रोक की कार्रवाई क्यों? और यदि अवैध हैं तो अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। गार्ड
की मौजूदगी में निर्माण जारी रहने से विभागीय जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने मांग की है कि खसरा नंबर 13/1 की स्थिति स्पष्ट कर स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यदि अवैध कब्जा सिद्ध हो तो संबंधित व्यक्ति, जिम्मेदार अधिकारियों और तैनात गार्ड के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाए। मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी पर है।
- जयपुर में 6 मार्च से बजरंग सेना का आमरण अनशन, गौमाता को “राष्ट्र माता” और “राज्य माता” का दर्जा देने की मांग जयपुर। बजरंग सेना के प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में 6 मार्च 2026 से आमरण अनशन की घोषणा की गई। यह अनशन जयपुर स्थित शहीद स्मारक, गवर्नमेंट हॉस्टल परिसर में सुबह 11 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। प्रेस वार्ता में बताया गया कि बजरंग सेना, संत-महात्माओं और सर्व हिंदू समाज के सहयोग से गौमाता को “राष्ट्र माता” एवं “राज्य माता” का दर्जा देने सहित कुल 10 मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। संगठन ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से इन मांगों पर शीघ्र कानून बनाने की अपील की है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकारें इन मांगों को स्वीकार नहीं करती हैं, तो आमरण अनशन जारी रहेगा और इस विषय को लेकर पूरे देश में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कार्यालय में राजेश शर्मा (प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान), पं. अशोक शर्मा (राष्ट्रीय प्रमुख), विजय शर्मा (राष्ट्रीय महासचिव), दीपक कुमार चौधरी (प्रदेश उपाध्यक्ष), दीपक अग्रवाल (युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष, जयपुर) सहित बजरंग सेना के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। संगठन ने इसे आस्था और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय बताते हुए समाज से व्यापक समर्थन की अपील की है।1
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- बोर्ड परीक्षा के बीच सरकारी स्कूल से एक छात्र को जबरन उठाते हुए वीडियो वायरल । शिक्षक और छात्र देखते रहे, कोई मदद नहीं। बच्चे पर कथित हमला, दांत और नाखून तक निकाले जाने की खबरें। राजस्थान में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े! वायरल वीडियो1
- चिमनपुरा शाहपुरा में ब्रह्मलीन पद्मश्री बाबा नारायणदास महाराज की ओर से 45 वर्ष पूर्व स्थापित बाबा भगवान दास राजकीय महाविद्यालय को बीबीडी और बीएनडी नाम से अलग-अलग स्थानों पर संचालित करने तथा कला संकाय को दूर स्थानांतरित करने के आदेशों के विरोध में 5 वें दिन से विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण कॉलेज के मुख्यद्वार पर टैंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना जारी,छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल कुमार बुनकर, महेंद्र यादव,निहाल पलसानिया ने बताया कि ढाई साल पहले बाबा नारायणदास एवं बाबा भगवानदास दोनों कॉलेजों को एकीकृत कर एक ही परिसर में संचालित करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन हाल ही में बीएनडी कॉलेज के कला संकाय को अलग कर दूसरी जगह स्थानांतरित करने सघर्ष समिति के आदेश जारी किए गए हैं। इस निर्णय का ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने विरोध जताते हुए गत दिनों उपखंड अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एकीकरण बनाए रखने की मांग की थी। इस पर सुनवाई नहीं होने और कला संकाय के स्थानांतरण आदेश पर रोक नहीं लगाए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों एवं छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर टैट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, धरना स्थल पर छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल कुमार बुनकर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र यादव, एनएसयूआई ज़िलाध्यक्ष निहाल पलसानिया , पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र सिसोटिया, रोहिताश यादव एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष हनुल चौधरी, महासचिव राहुल बागड़ी, मनिन्द्र वर्मा, प्रभु अटल, हंसराज गुर्जर, सुभाष भड़ाना, जयराम ,रवि यादव सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे1
- आज दिन रामगढ़ में बस स्टैंड पर जाम लगा रहता है नहीं कोई सुविधा मिलती है आम जनता को यात्रा को एक घंटा हो जाते हैं आने जाने साधनों को भी रास्ता नहीं मिलता आवारा गाय माता डोलती है कोई दीवार करने वाला नहीं है प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा मैं आपका महेंद्र सिंह पत्रकार अलवर राजस्थान2
- *अलवर लोकसभा के ऐतिहासिक बजट पर किशनगढ़बास में भव्य स्वागत समारोह* *विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में बजट बनेगा मील का पत्थर : भूपेंद्र यादव* *इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव एवं धर्म गुरु भास्कर भारद्वाज मौजूद रहे।* जयबीर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट किशनगढ़बास (अलवर)। अलवर लोकसभा क्षेत्र के सर्वांगीण एवं संतुलित विकास हेतु स्वीकृत ऐतिहासिक और जनहितकारी बजट के उपलक्ष्य में आज किशनगढ़बास के बिरणवास चौकी पर केन्द्रीय मंत्री एवं अलवर के सांसद भूपेंद्र यादव का भव्य, आत्मीय एवं उत्साहपूर्ण स्वागत-अभिनंदन किया गया। यह आयोजन भाजपा के पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जनसमूह में विशेष उत्साह और विश्वास देखने को मिला। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट अलवर लोकसभा क्षेत्र में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल तथा रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। कार्यक्रम में जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, पंडित वेदप्रकाश शर्मा, कोटकासिम प्रधान श्रीमती संता देवी, वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक डाटा, पवित्र मनन दीप संस्थान के संपादक संत गुरुदेव भास्कर भारद्वाज जी सहित मंडल अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।1
- कॉलोनी में घरों में आने-जाने के लिए भी गंदगी गुजरना पड़ता है1
- जयपुर। मानबाग आनंद कॉलोनी, वार्ड नंबर 14 स्थित खसरा नंबर 13/1 की भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में चरागाह के रूप में दर्ज बताई जा रही है, पर कथित अवैध निर्माण का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य जारी है, जबकि प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल दिखाई दे रहा है। मौके पर मौजूद आफताब नामक व्यक्ति ने निर्माण करवाने की बात स्वीकार करते हुए जमीन को अपना बताया और वैध दस्तावेज़ होने का दावा किया। वहीं जानकारी मिली कि नगर निगम द्वारा कार्य रुकवाने के लिए स्थल पर एक गार्ड तैनात किया गया है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहने के आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। नगर निगम की उपायुक्त द्वारा भूमि को सरकारी बताया जाना मामले को और संवेदनशील बनाता है। यदि जमीन सरकारी है तो निर्माण किस आधार पर हो रहा है? यदि दस्तावेज़ वैध हैं तो रोक की कार्रवाई क्यों? और यदि अवैध हैं तो अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। गार्ड की मौजूदगी में निर्माण जारी रहने से विभागीय जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने मांग की है कि खसरा नंबर 13/1 की स्थिति स्पष्ट कर स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यदि अवैध कब्जा सिद्ध हो तो संबंधित व्यक्ति, जिम्मेदार अधिकारियों और तैनात गार्ड के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाए। मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी पर है।4