दूबेपुर के महायतापुर में लाखों की चोरी से दहशत, पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे सवाल चोरों ने बेखौफ होकर घर खंगाला दूबेपुर के महायतापुर में लाखों की चोरी से दहशत, पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे सवाल चोरों ने बेखौफ होकर घर खंगाला *ग्रामीण बोले—"अगर गश्त होती तो क्या इतनी बड़ी वारदात होती?"* सुलतानपुर। कोतवाली देहात क्षेत्र के दूबेपुर ग्राम पंचायत के महायतापुर गांव में हुई लाखों रुपये की चोरी ने एक बार फिर पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने देर रात एक घर को निशाना बनाकर नगदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब परिवार की नींद खुली तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी व बक्सों के ताले टूटे मिले। पीड़ित परिवार के अनुसार घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिस क्षेत्र में पुलिस नियमित रात्रि गश्त का दावा करती है, वहां चोर इतने आराम से वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए? क्या गश्त केवल सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित है या वास्तव में गांवों में पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है? ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात में प्रभावी गश्त होती, तो संभव है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद न होते। लोगों में यह भी चर्चा है कि पिछले कुछ समय से ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है और ऐसी घटनाओं ने भय का माहौल पैदा कर दिया है। अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि: क्या घटना के समय संबंधित बीट पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी? उस रात गश्त का रिकॉर्ड क्या कहता है? क्या संदिग्धों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है? ग्रामीणो की मांग है कि इस चोरी की घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और साथ ही रात्रि गश्त व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। चोरी में हुए नुकसान और अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दूबेपुर के महायतापुर में लाखों की चोरी से दहशत, पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे सवाल चोरों ने बेखौफ होकर घर खंगाला दूबेपुर के महायतापुर में लाखों की चोरी से दहशत, पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे सवाल चोरों ने बेखौफ होकर घर खंगाला *ग्रामीण बोले—"अगर गश्त होती तो क्या इतनी बड़ी वारदात होती?"* सुलतानपुर। कोतवाली देहात क्षेत्र के दूबेपुर ग्राम पंचायत के महायतापुर गांव में हुई लाखों रुपये की चोरी ने एक बार फिर पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने देर रात एक घर को निशाना बनाकर नगदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब परिवार की नींद खुली तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी व बक्सों के ताले टूटे मिले। पीड़ित परिवार के अनुसार घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिस क्षेत्र में पुलिस नियमित रात्रि गश्त का दावा करती है, वहां चोर इतने आराम से वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए? क्या गश्त केवल सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित है या वास्तव में गांवों में पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है? ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात में प्रभावी गश्त होती, तो संभव है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद न होते। लोगों में यह भी चर्चा है कि पिछले कुछ समय से ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है और ऐसी घटनाओं ने भय का माहौल पैदा कर दिया है। अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि: क्या घटना के समय संबंधित बीट पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी? उस रात गश्त का रिकॉर्ड क्या कहता है? क्या संदिग्धों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है? ग्रामीणो की मांग है कि इस चोरी की घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और साथ ही रात्रि गश्त व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। चोरी में हुए नुकसान और अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
- *जनवारी नाथ मंदिर परिसर में लगाए गए तीन आम के पौधे, 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को मिला समर्थन* लम्भुआ, सुलतानपुर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जनवारी नाथ मंदिर के पुजारी द्वारा माँ विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में तीन आम के पौधों का रोपण किया गया। ये पौधे लम्भुआ में चल रहे पौध वितरण अभियान के तहत लगाए गए। पौधरोपण के दौरान रिंकू तथा मंदिर में कार्यरत सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे और पौधे लगाने में सहयोग किया। इस अवसर पर अजय गौतम, श्याम देव, हनुमान, मानवाधिकार ऑर्गनाइजेशन के सदस्य अशोक वर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। मंदिर के पुजारी (बाबा) ने सभी उपस्थित लोगों को आशीर्वाद देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अभियान की सफलता की कामना की। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।4
- तहसील सदर में ठेकेदार के द्वारा अवैध वसूली का फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल सुल्तानपुर .....ब्रेकिंग तहसील सदर में ठेकेदार के द्वारा अवैध वसूली का फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल,,, *सुल्तानपुर। तहसील सदर में मोटरसाइकिल स्टैंड के ठेकेदार द्वारा की जा रही अवैध वसूली।* प्रशासन मौन एवं उक्त अवैध वसूली से बेखबर है। *अभी चंद दिनों पहले ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी करते हुए तहसील सदर में मोटरसाइकिल, फोर व्हीलर व साइकिल के स्टैंड हेतु ठेकेदारी व्यवस्था लागू की गई है।* जिसके तदोपरांत ठेकेदार के द्वारा जिला प्रशासन को गुमराह करते हुए पर व्यक्ति मोटरसाइकिल से ₹20 की अवैध वसूली की जा रही है। *जबकि सरकारी रेट ₹10 निर्धारित किया गया है।* ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि दबंग व मनबड पवित्र का ठेकेदार किसके सहारे वाहन स्वामियों से अवैध वसूली कर रहा है। *अब देखने वाली बात यह होगी कि सोशल मीडिया पर वायरल उक्त फुटेज का जिला प्रशासन संज्ञान लेता है या नहीं।* आपको बताते चले की जब से नीलामी प्रक्रिया तहसील सदर में लागू हुई है, तभी से अवैध वसूली करते हुए विवादों में लगातार बना रहता है ठेकेदारी व्यवस्था, *आखिर क्यों संज्ञान नहीं लेता तहसील प्रशासन।*1
- नाम पूछा... फिर मार दी गोली! कुलगाम आतंकी हमले में दूसरे मजदूर की भी मौत, देशभर में आक्रोश जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के हमले में घायल दूसरे प्रवासी मजदूर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब इस हमले में छत्तीसगढ़ के दोनों मजदूरों की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान हमला किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले से पहले आतंकियों ने कथित तौर पर उनके नाम पूछे थे। घटना की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच और आतंकियों की तलाश में जुटी हैं। #JammuKashmir #Kulgam #TerrorAttack #TRF #LashkarETaiba #Chhattisgarh #MigrantWorkers #BreakingNews #IndiaNews #Kashmir #Terrorism #TrendingNews #ERadioIndia1
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- लखनऊ में आवारा गाय का कहां मासूम पर किया हमला गंभीर हालत में अस्पताल पेपर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो लखनऊ। राजधानी के अर्जुनगंज इलाके में शाम के समय एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बच्चे पर अचानक एक आवारा गाय ने हमला कर दिया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1