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छतरपुर जिले के नौगांव में पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों और आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इस कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी अमित मेश्राम, थाना प्रभारी संजय राय, लुगासी चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता और सब इंस्पेक्टर प्रमोद रोहित ने संयुक्त रूप से उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण संदेश दिए।
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छतरपुर जिले के नौगांव में पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों और आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इस कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी अमित मेश्राम, थाना प्रभारी संजय राय, लुगासी चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता और सब इंस्पेक्टर प्रमोद रोहित ने संयुक्त रूप से उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण संदेश दिए।
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- छतरपुर जिले के नौगांव में पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों और आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इस कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी अमित मेश्राम, थाना प्रभारी संजय राय, लुगासी चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता और सब इंस्पेक्टर प्रमोद रोहित ने संयुक्त रूप से उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण संदेश दिए।1
- छतरपुर जिला अस्पताल में "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज, 29 जून को रात करीब 8:00 बजे संपन्न हुआ। छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के नेतृत्व में, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह और साइबर प्रभारी नेहा गुर्जर की टीम ने अस्पताल परिसर का दौरा किया। पुलिस दल ने वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ सदस्यों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया। पुलिस टीम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की और उन्हें यह भी बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत कैसे दर्ज कराई जाए। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य आमजन को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।1
- केंद्रीय मंत्री ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में राशन की दुकानें नहीं हैं या दुकान की दूरी अधिक है, वहां नियमों के अनुसार अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोली जानी चाहिए। साथ ही, मंत्री ने राशन वितरण में लापरवाही बरतने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। इस संबंध में, उन्होंने राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में एक विशिष्ट मामले का उल्लेख किया, जहां तीन माह में केवल एक बार राशन वितरित किया गया था। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।1
- छतरपुर जिले के राजनगर तहसील कार्यालय के लालपुर सर्कल में दबंगों द्वारा शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास निर्माण कार्य से संबंधित एक जांच रिपोर्ट को दिनदहाड़े एक फाइल से जबरन फाड़ दिया गया है, जिससे पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे तहसीलदार की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता रामपाल सिंह, जो डिगौनी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनके भाई का पैतृक मकान गत वर्ष तेज बारिश में ढह गया था। उनके भाई को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ा और कुछ महीने वहीं रुकना पड़ा। मकान गिरने के बाद पटवारी ने उनके मकान को शासकीय बताकर गलत रिपोर्ट लगा दी थी। जब रामपाल सिंह को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि मिली, तो दबंगों ने फर्जी शिकायत करके पटवारी से फिर गलत जांच रिपोर्ट बनवा ली और उनके कार्य को रुकवा दिया। इसके बाद पीड़ित ने तहसील कार्यालय पहुंचकर दोबारा जांच की मांग की, जिस पर तहसीलदार ने आरआई (राजस्व निरीक्षक) लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार को जांच सौंपी। आरआई ने मौके पर जाकर निष्पक्ष और बारीकी से जांच की, और अपनी रिपोर्ट तहसील कार्यालय के बाबू (क्लर्क) के पास सौंप दी थी। हालांकि, जब पीड़ित रामपाल सिंह कार्यालय पहुंचे, तो फाइल में वह जांच रिपोर्ट गायब थी। बाबू ने अपनी नाकामी छुपाते हुए कहा कि फाइल में से कोई जांच रिपोर्ट फाड़कर ले गया है और अब उन्हें दोबारा पीडीएफ मंगानी पड़ेगी। इस घटना से यह गंभीर प्रश्न उठ रहा है कि आखिर शासकीय रिकॉर्ड के साथ ऐसी छेड़खानी कौन कर सकता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दबंगों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे उनके भाई का फायदा उठाया है। इस तरह की घटनाएं न केवल शासकीय रिकॉर्ड की गोपनीयता को भंग करती हैं, बल्कि आम जनमानस में भी अविश्वास पैदा करती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।4
- छतरपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने आज 29 जून को दोपहर करीब 2:00 बजे राहुल गांधी के 'गुमशुदा' पोस्टरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि, "यह तो उन्हें चिंतन करना चाहिए कि इस तरह की स्थितियां क्यों निर्मित हों।" डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति या दल को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं और जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर कैसी धारणा बन रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने कोई सीधा राजनीतिक आरोप लगाने से परहेज किया। उनका यह बयान दिशा समिति की बैठक के बाद मीडिया के साथ एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान सामने आया, जिसके उपरांत राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर गरमागरम चर्चा शुरू हो गई है।1
- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही विधानसभा की झल्लार ग्राम पंचायत का एक शर्मनाक कारनामा सामने आया है, जहाँ एक मृत गौ माता को ग्राम पंचायत द्वारा संचालित कचरा वाहन में रस्सी से बाँधकर लगभग एक किलोमीटर तक सड़क पर घसीटा गया। यह अत्यंत निंदनीय घटना उस समय सामने आई है जब मध्यप्रदेश में गौ माता को सम्मानजनक अंतिम संस्कार देने की बात की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसे अमानवीय व्यवहार की घटनाएँ लगातार हो रही हैं। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर स्थानीय गौ सेवक शिवा आर्य, अन्य ग्रामीण और राष्ट्रीय हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं ने तत्काल वाहन को रुकवाया। उन्होंने इस अमानवीय कृत्य पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद जागरूक युवक शिवा आर्य ने गौ माता का अंतिम संस्कार किया और उनके शव को रखने के लिए तत्काल वाहन बुलाया।1