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बेलढाना ग्राम पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार सरपंच को पता नहीं।।
एसएन पटेल पत्रकार
बेलढाना ग्राम पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार सरपंच को पता नहीं।।
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- *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी* सागर मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।* *क्या है पूरा मामला:* जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। *उठ रहे गंभीर सवाल:* 1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं। 2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे? 3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई? 4. *संपदा पोर्टल पर लट्टीट्यूड-लोंगिट्यूड, फोटोग्राफ्स* किसने अपलोड किए? मौके पर गया कौन? 5. *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई। *कानून क्या कहता है:* मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है। *प्रशासन से मांग:* ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए 2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो 3. पूरे केसली तहसील में पिछले 15 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो 4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए *यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे। --- *हेडलाइन ऑप्शन:* 1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन 2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई 3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्श *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।* *क्या है पूरा मामला:* जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। *उठ रहे गंभीर सवाल:* 1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं। 2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे? 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