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बेलढाना ग्राम पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार सरपंच को पता नहीं।।

17 hrs ago
user_एसएन पटेल पत्रकार
एसएन पटेल पत्रकार
सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

बेलढाना ग्राम पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार सरपंच को पता नहीं।।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by User3213
    1
    Post by User3213
    user_User3213
    User3213
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इंदौर भोपाल हाइवे पर सफर कर रहे यात्री सावधानी बरतें देखें आंधी तूफान का live video
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    इंदौर भोपाल हाइवे पर सफर कर रहे यात्री सावधानी बरतें देखें आंधी तूफान का   live video
    user_Raghvendr Singh
    Raghvendr Singh
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by एसएन पटेल पत्रकार
    1
    Post by एसएन पटेल पत्रकार
    user_एसएन पटेल पत्रकार
    एसएन पटेल पत्रकार
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • भाजापा मंडल अध्यक्ष श्याम तिवारी ने मंडल पदाधिकारियों की बैठक ली
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    भाजापा मंडल अध्यक्ष श्याम तिवारी ने मंडल पदाधिकारियों की बैठक ली
    user_पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
    पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
    Newspaper publisher जैसिनगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कई वर्षों से पत्रकारों की अनेक मांगों को सरकार के द्वारा सुनने के बाद भी कोई सख्त कदम न उठाए जाने और हर दिन पत्रकारों कर होते हमलों और झूठे मामले दर्ज होने आदि मांगों को लेकर प्रदेशभर के पत्रकार साथियों ने राजधानी में एकत्र होकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार को उनके वादे याद दिलाएं एवं पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का सरकार को अल्टीमेटम दिया
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    कई वर्षों से पत्रकारों की अनेक मांगों को सरकार के द्वारा सुनने के बाद भी कोई सख्त कदम न उठाए जाने और हर दिन पत्रकारों कर होते हमलों और झूठे मामले दर्ज होने आदि मांगों को लेकर प्रदेशभर के पत्रकार साथियों ने राजधानी में एकत्र होकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार को उनके वादे याद दिलाएं एवं 
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का सरकार को अल्टीमेटम दिया
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी* सागर मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।* *क्या है पूरा मामला:* जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। *उठ रहे गंभीर सवाल:* 1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं। 2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे? 3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई? 4. *संपदा पोर्टल पर लट्टीट्यूड-लोंगिट्यूड, फोटोग्राफ्स* किसने अपलोड किए? मौके पर गया कौन? 5. *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई। *कानून क्या कहता है:* मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है। *प्रशासन से मांग:* ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए 2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो 3. पूरे केसली तहसील में पिछले 15 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो 4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए *यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे। --- *हेडलाइन ऑप्शन:* 1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन 2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई 3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्श *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।* *क्या है पूरा मामला:* जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। *उठ रहे गंभीर सवाल:* 1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं। 2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे? 3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई? मौके पर गया कौन? *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई। *कानून क्या कहता है:* मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है। *प्रशासन से मांग:* ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए 2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो 3. पूरे केसली तहसील में पिछले 5 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो 4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए *यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे। --- *हेडलाइन ऑप्शन:* 1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन 2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई 3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्शक *
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    *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी*
सागर 
मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।*
*क्या है पूरा मामला:*
जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई।
*उठ रहे गंभीर सवाल:*
1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं।
2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे?
3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई?
4. *संपदा पोर्टल पर लट्टीट्यूड-लोंगिट्यूड, फोटोग्राफ्स* किसने अपलोड किए? मौके पर गया कौन?
5. *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई।
*कानून क्या कहता है:*
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है।
*प्रशासन से मांग:*
ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 
1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए
2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो
3. पूरे केसली तहसील में पिछले 15 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो
4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए
*यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे।
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*हेडलाइन ऑप्शन:*
1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन
2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई
3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्श
*मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी 
मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।*
*क्या है पूरा मामला:*
जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई।
*उठ रहे गंभीर सवाल:*
1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं।
2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे?
3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई?
मौके पर गया कौन?
*राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई।
*कानून क्या कहता है:*
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है।
*प्रशासन से मांग:*
ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 
1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए
2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो
3. पूरे केसली तहसील में पिछले 5 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो
4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए
*यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे।
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*हेडलाइन ऑप्शन:*
1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन
2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई
3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्शक
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    user_Deepak mishra
    Deepak mishra
    केसली, सागर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • 2023 में भाजपा ने वचन पत्र में लिखा था कि लाड़ली बहनों को पक्का मकान दिया जाएगा। आज मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में लाड़ली बहनों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं।
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    2023 में भाजपा ने वचन पत्र में लिखा था कि लाड़ली बहनों को पक्का मकान दिया जाएगा।
आज मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में लाड़ली बहनों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं।
    user_Sonu prajapati journalist Pres
    Sonu prajapati journalist Pres
    Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जान जोखिम मे डाल कर कर रहे थे सफर मौके पर पहुंची पुलिस गाड़ी रुकवाई और फिर
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    जान जोखिम मे डाल कर कर रहे थे सफर मौके पर पहुंची पुलिस गाड़ी रुकवाई और फिर
    user_Raghvendr Singh
    Raghvendr Singh
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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