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गौ माता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं 🚩 प्रेस विज्ञप्ति | भारतीय गोरक्षा परिषद 🚩 घायल अवस्था में मिली गौ माता का भारतीय गोरक्षा परिषद ने कराया उपचार, नगर पालिका के सहयोग से सुरक्षित गौशाला भिजवाया हापुड़, उत्तर प्रदेश। आज भारतीय गोरक्षा परिषद को सूचना प्राप्त हुई कि जनपद हापुड़ में बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर के पास एक गौ माता घायल अवस्था में इधर-उधर भटक रही है। सूचना मिलते ही भारतीय गोरक्षा परिषद के जिला सचिव वंश प्रजापति अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर गौ माता की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद पशुपालन विभाग की सहायता से घायल गौ माता का उपचार कराया गया। उपचार के उपरांत नगर पालिका के सहयोग से गौ माता को सुरक्षित रूप से गौशाला भिजवाया गया। भारतीय गोरक्षा परिषद ने इस मानवीय कार्य में सहयोग करने वाले पशुपालन विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहित चौधरी ने कहा कि गौवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण संगठन की प्राथमिकता है। किसी भी स्थान पर घायल, बीमार या निराश्रित गौवंश की सूचना मिलने पर संगठन के गौसेवक यथासंभव तत्काल सहायता के लिए पहुंचते हैं। भारतीय गोरक्षा परिषद का संकल्प — गौवंश की सेवा, सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ जनहित की सेवा। 🚩 जय गौ माता! जय गोपाल! 🚩 भारतीय गोरक्षा परिषद टीम मोहित चौधरी, उत्तर प्रदेश 24 घंटे निःस्वार्थ और निःशुल्क सेवा

1 hr ago
user_गौ सेवक मोहित चौधरी
गौ सेवक मोहित चौधरी
हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

गौ माता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं 🚩 प्रेस विज्ञप्ति | भारतीय गोरक्षा परिषद 🚩 घायल अवस्था में मिली गौ माता का भारतीय गोरक्षा परिषद ने कराया उपचार, नगर पालिका के सहयोग से सुरक्षित गौशाला भिजवाया हापुड़, उत्तर प्रदेश। आज भारतीय गोरक्षा परिषद को सूचना प्राप्त हुई कि जनपद हापुड़ में बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर के पास एक गौ माता घायल अवस्था में इधर-उधर भटक रही है। सूचना मिलते ही भारतीय गोरक्षा परिषद के जिला सचिव वंश प्रजापति अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर गौ माता की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद पशुपालन विभाग की सहायता से घायल गौ माता का उपचार कराया गया। उपचार के उपरांत नगर पालिका के सहयोग से गौ माता को सुरक्षित रूप से गौशाला भिजवाया गया। भारतीय गोरक्षा परिषद ने इस मानवीय कार्य में सहयोग करने वाले पशुपालन विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहित चौधरी ने कहा कि गौवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण संगठन की प्राथमिकता है। किसी भी स्थान पर घायल, बीमार या निराश्रित गौवंश की सूचना मिलने पर संगठन के गौसेवक यथासंभव तत्काल सहायता के लिए पहुंचते हैं। भारतीय गोरक्षा परिषद का संकल्प — गौवंश की सेवा, सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ जनहित की सेवा। 🚩 जय गौ माता! जय गोपाल! 🚩 भारतीय गोरक्षा परिषद टीम मोहित चौधरी, उत्तर प्रदेश 24 घंटे निःस्वार्थ और निःशुल्क सेवा

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  • गौ माता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं 🚩 प्रेस विज्ञप्ति | भारतीय गोरक्षा परिषद 🚩 घायल अवस्था में मिली गौ माता का भारतीय गोरक्षा परिषद ने कराया उपचार, नगर पालिका के सहयोग से सुरक्षित गौशाला भिजवाया हापुड़, उत्तर प्रदेश। आज भारतीय गोरक्षा परिषद को सूचना प्राप्त हुई कि जनपद हापुड़ में बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर के पास एक गौ माता घायल अवस्था में इधर-उधर भटक रही है। सूचना मिलते ही भारतीय गोरक्षा परिषद के जिला सचिव वंश प्रजापति अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर गौ माता की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद पशुपालन विभाग की सहायता से घायल गौ माता का उपचार कराया गया। उपचार के उपरांत नगर पालिका के सहयोग से गौ माता को सुरक्षित रूप से गौशाला भिजवाया गया। भारतीय गोरक्षा परिषद ने इस मानवीय कार्य में सहयोग करने वाले पशुपालन विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहित चौधरी ने कहा कि गौवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण संगठन की प्राथमिकता है। किसी भी स्थान पर घायल, बीमार या निराश्रित गौवंश की सूचना मिलने पर संगठन के गौसेवक यथासंभव तत्काल सहायता के लिए पहुंचते हैं। भारतीय गोरक्षा परिषद का संकल्प — गौवंश की सेवा, सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ जनहित की सेवा। 🚩 जय गौ माता! जय गोपाल! 🚩 भारतीय गोरक्षा परिषद टीम मोहित चौधरी, उत्तर प्रदेश 24 घंटे निःस्वार्थ और निःशुल्क सेवा
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    गौ माता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं
🚩 प्रेस विज्ञप्ति | भारतीय गोरक्षा परिषद 🚩
घायल अवस्था में मिली गौ माता का भारतीय गोरक्षा परिषद ने कराया उपचार, नगर पालिका के सहयोग से सुरक्षित गौशाला भिजवाया
हापुड़, उत्तर प्रदेश।
आज भारतीय गोरक्षा परिषद को सूचना प्राप्त हुई कि जनपद हापुड़ में बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर के पास एक गौ माता घायल अवस्था में इधर-उधर भटक रही है। सूचना मिलते ही भारतीय गोरक्षा परिषद के जिला सचिव वंश प्रजापति अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचकर गौ माता की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद पशुपालन विभाग की सहायता से घायल गौ माता का उपचार कराया गया। उपचार के उपरांत नगर पालिका के सहयोग से गौ माता को सुरक्षित रूप से गौशाला भिजवाया गया।
भारतीय गोरक्षा परिषद ने इस मानवीय कार्य में सहयोग करने वाले पशुपालन विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहित चौधरी ने कहा कि गौवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण संगठन की प्राथमिकता है। किसी भी स्थान पर घायल, बीमार या निराश्रित गौवंश की सूचना मिलने पर संगठन के गौसेवक यथासंभव तत्काल सहायता के लिए पहुंचते हैं।
भारतीय गोरक्षा परिषद का संकल्प — गौवंश की सेवा, सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ जनहित की सेवा।
🚩 जय गौ माता! जय गोपाल! 🚩
भारतीय गोरक्षा परिषद
टीम मोहित चौधरी, उत्तर प्रदेश
24 घंटे निःस्वार्थ और निःशुल्क सेवा
    user_गौ सेवक मोहित चौधरी
    गौ सेवक मोहित चौधरी
    हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • यातायात माह का शुभारंभ, एसपी ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी हापुड़। यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को जनपद हापुड़ में यातायात माह नवंबर का शुभारंभ किया गया। एसपी मधुबन कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए पुलिसकर्मियों, स्टाफ तथा एनसीसी छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। एसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने के साथ ही निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए। उन्होंने लोगों से नशे की हालत में वाहन न चलाने और सड़क पर सुरक्षित तरीके से वाहन संचालन करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान एसपी ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर एएसपी महेश कुमार एवं क्षेत्राधिकारी यातायात समेत पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और एनसीसी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यातायात माह के दौरान जनपद में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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    यातायात माह का शुभारंभ, एसपी ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
हापुड़। यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को जनपद हापुड़ में यातायात माह नवंबर का शुभारंभ किया गया। एसपी मधुबन कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए पुलिसकर्मियों, स्टाफ तथा एनसीसी छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। एसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने के साथ ही निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए। उन्होंने लोगों से नशे की हालत में वाहन न चलाने और सड़क पर सुरक्षित तरीके से वाहन संचालन करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान एसपी ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर एएसपी महेश कुमार एवं क्षेत्राधिकारी यातायात समेत पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और एनसीसी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यातायात माह के दौरान जनपद में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
    user_KHABAR EXPRESS UP/UK
    KHABAR EXPRESS UP/UK
    Local News Reporter हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • असरा के जंगल में तीन बदमाशों का आतंक, मेरठ जनपद के दो लोगों से 2.40 लाख लूटे पशु मेला जा रहे दो लोगों से 2.40 लाख रुपये की लूट, असरा के जंगल में वारदात से हड़कंप हापुड़। थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के ग्राम असरा के जंगल में तीन बदमाशों ने पशु मेला मथुरा जा रहे मेरठ निवासी दो लोगों से 2 लाख 40 हजार रुपये लूट लिए। वारदात 31 अक्टूबर 2026 की बताई गई है। जानकारी के अनुसार, थाना मुंडाली जनपद मेरठ निवासी दोनों व्यक्ति पशु मेला मथुरा जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम असरा के जंगल में तीन लोगों ने उनसे 2.40 लाख रुपये छीन लिए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। मामले में पीड़ितों की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का अनावरण किया जाएगा।
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    असरा के जंगल में तीन बदमाशों का आतंक, मेरठ जनपद के दो लोगों से 2.40 लाख लूटे
पशु मेला जा रहे दो लोगों से 2.40 लाख रुपये की लूट, असरा के जंगल में वारदात से हड़कंप
हापुड़। थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के ग्राम असरा के जंगल में तीन बदमाशों ने पशु मेला मथुरा जा रहे मेरठ निवासी दो लोगों से 2 लाख 40 हजार रुपये लूट लिए। वारदात 31 अक्टूबर 2026 की बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, थाना मुंडाली जनपद मेरठ निवासी दोनों व्यक्ति पशु मेला मथुरा जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम असरा के जंगल में तीन लोगों ने उनसे 2.40 लाख रुपये छीन लिए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
मामले में पीड़ितों की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का अनावरण किया जाएगा।
    user_Narender singh
    Narender singh
    Farmer हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • हापुड़ में यातायात माह नवंबर-2026 का शुभारंभ, एसपी मधुबन कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना हापुड़ में यातायात माह नवंबर-2026 का शुभारंभ, एसपी मधुबन कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना हापुड़। जनपद हापुड़ में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यातायात माह नवंबर-2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए पुलिसकर्मियों एवं एनसीसी के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान एसपी मधुबन कुमार सिंह ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित स्टाफ को यातायात नियमों का पालन करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार एवं क्षेत्राधिकारी यातायात जितेंद्र कुमार सहित संबंधित पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं एनसीसी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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    हापुड़ में यातायात माह नवंबर-2026 का शुभारंभ, एसपी मधुबन कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना
हापुड़ में यातायात माह नवंबर-2026 का शुभारंभ, एसपी मधुबन कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना
हापुड़। जनपद हापुड़ में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यातायात माह नवंबर-2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए पुलिसकर्मियों एवं एनसीसी के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान एसपी मधुबन कुमार सिंह ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित स्टाफ को यातायात नियमों का पालन करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार एवं क्षेत्राधिकारी यातायात जितेंद्र कुमार सहित संबंधित पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं एनसीसी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
    user_Amit Kumar
    Amit Kumar
    हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मेरठ काशी टोल प्लाजा पर कुछ कांग्रेसियों को पुलिसकर्मियों ने रोका मेरठ में कांग्रेसियों ने दिल्ली चलो के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और बस में बैठकर दिल्ली के लिए रवाना हुए जीने टोल प्लाजा पर पुलिस कर्मियों ने रॉका तभी कांग्रेसियों के साथ पुलिस की नोकझोंक लगातार चलती रही कुछ कांग्रेसियों को बस में ही डिटेन कर लिया गया
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    मेरठ काशी टोल प्लाजा पर कुछ कांग्रेसियों को पुलिसकर्मियों ने रोका 


मेरठ में कांग्रेसियों ने दिल्ली चलो के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और बस में बैठकर दिल्ली के लिए रवाना हुए जीने टोल प्लाजा पर पुलिस कर्मियों ने रॉका तभी कांग्रेसियों के साथ पुलिस की नोकझोंक लगातार चलती रही कुछ कांग्रेसियों को बस में ही डिटेन  कर लिया गया
    user_Yusuf khan
    Yusuf khan
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • करोड़ों का नाला, ढाई सूत की सरिया और घटिया निर्माण का आरोप! रानीगंज में सरकारी धन की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल* *करोड़ों का नाला, ढाई सूत की सरिया और घटिया निर्माण का आरोप! रानीगंज में सरकारी धन की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल* *दस एमएम सरिया का दावा, मौके पर पतली सरिया का इस्तेमाल? खुदाई से ढलाई तक जांच के घेरे में निर्माण कार्य, ठेकेदार और जिम्मेदार अभियंताओं की जवाबदेही पर सवाल* शंकरगढ़, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत विकासखंड शंकरगढ़ के रेलवे लाइन पार रानीगंज में रानीगंज से नारीबारी मार्ग की ओर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे नाले के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण स्थल पर दिखाई दे रही स्थिति और श्रमिकों द्वारा बताई गई जानकारी के बीच अंतर ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की आवश्यकता बढ़ा दी है। नाले में इस्तेमाल हो रही सरिया की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता, खुदाई की गहराई, आधार निर्माण और ढलाई की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब आखिर कौन देगा? जनता के धन से हो रहे निर्माण में यदि गुणवत्ता से समझौता हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसके सिर जाएगी? *दस एमएम सरिया बताई, मौके पर ढाई सूत की सरिया का संदेह—आखिर सच क्या है?* निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों द्वारा नाले में दस एमएम यानी लगभग तीन सूत की सरिया लगाए जाने की बात बताई गई, जबकि मौके पर मीडिया के निरीक्षण के दौरान इस्तेमाल की जा रही सरिया की मोटाई ढाई सूत के आसपास होने का संदेह सामने आया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण में वास्तव में कितने एमएम की सरिया इस्तेमाल की जा रही है? क्या सरिया की मोटाई स्वीकृत तकनीकी प्राक्कलन के अनुरूप है? क्या सरिया की दूरी, जाल की बनावट और उसकी मात्रा निर्धारित डिजाइन के अनुसार रखी गई है? यदि मौके पर इस्तेमाल सरिया स्वीकृत मानक से कम पाई जाती है तो क्या ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? सरिया की वास्तविक मोटाई की पुष्टि तकनीकी मापन से होनी चाहिए, लेकिन उठे सवालों को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं होगा। *नाले की खुदाई कितनी, ढलाई कितनी और आधार की मजबूती का हिसाब कौन देगा?* नाले की मजबूती केवल ऊपर से दिखाई देने वाली सीमेंट-कंक्रीट की ढलाई पर निर्भर नहीं करती। निर्धारित गहराई तक खुदाई, तल की सही तैयारी, आधार की मजबूती, कंक्रीट की मोटाई और सरिया की सही स्थिति निर्माण की गुणवत्ता के अहम हिस्से हैं। मौके पर सवाल यह भी है कि नाले की खुदाई कितनी गहराई तक की जा रही है? क्या खुदाई की माप तकनीकी नक्शे के अनुसार है? तल में पत्थर की गिट्टी किस निर्धारित मोटाई और प्रक्रिया से डाली जा रही है? उसके ऊपर कंक्रीट की ढलाई कितनी मोटी की जा रही है? क्या ढलाई से पहले विभागीय अभियंता मौके पर जांच करते हैं या निर्माण कार्य ठेकेदार की मर्जी से आगे बढ़ रहा है? निर्माण स्थल के वीडियो में तल की तैयारी और गिट्टी डालने की प्रक्रिया दिखाई देने की बात सामने आई है। अब विभाग को तकनीकी माप के साथ वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। *सीमेंट, बालू, गिट्टी और पानी के अनुपात की जांच क्यों नहीं?* नाले के निर्माण में इस्तेमाल हो रही सीमेंट, बालू, गिट्टी और पानी की गुणवत्ता तथा उनका निर्धारित अनुपात भी जांच का विषय है। क्या कंक्रीट स्वीकृत श्रेणी के अनुसार तैयार किया जा रहा है? क्या मिश्रण निर्धारित अनुपात में हो रहा है? क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची गई है? ढलाई के बाद नियमानुसार तराई यानी क्योरिंग कराई जा रही है या नहीं? यदि कंक्रीट की गुणवत्ता कमजोर रही तो नाले में दरारें पड़ने, किनारों के टूटने और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता परीक्षण कराना जरूरी है, न कि शिकायत सामने आने के बाद कागजी जांच की औपचारिकता निभाना। *करोड़ों का काम, लेकिन ठेकेदार और कार्यदायी संस्था का नाम तक स्पष्ट क्यों नहीं?* आखिर यह नाला किस विभाग या कार्यदायी संस्था द्वारा बनवाया जा रहा है? इसकी स्वीकृत लागत कितनी है? ठेकेदार कौन है? निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा क्या निर्धारित है? कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना पट्ट लगा है या नहीं? यदि लगा है तो उस पर दर्ज विवरण के अनुसार निर्माण कराया जा रहा है या नहीं? क्या निर्माण कार्य की माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा मौके पर किए गए काम से मेल खाती है? क्या ठेकेदार को भुगतान से पहले गुणवत्ता की जांच होती है? इन सवालों का जवाब सार्वजनिक होना चाहिए। सरकारी निर्माण कार्य में पारदर्शिता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। *अवर अभियंता से अधिशासी अभियंता तक—निगरानी की जिम्मेदारी किसकी?* निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल ठेकेदार की नहीं, बल्कि संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारियों की भी होती है। मौके पर अवर अभियंता कितनी बार निरीक्षण कर चुके हैं? सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता ने निर्माण की गुणवत्ता की जांच की है या नहीं? क्या सरिया की मोटाई, ढलाई की मोटाई और कंक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण कराया गया? यदि निर्माण कार्य मानकों के विपरीत हो रहा है तो क्या विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है? और यदि जानकारी है तो अब तक सुधारात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग को देना चाहिए। *जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से तकनीकी जांच की मांग* रानीगंज नाला निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर जिलाधिकारी प्रयागराज और मुख्य विकास अधिकारी को संज्ञान लेकर निष्पक्ष तकनीकी जांच करानी चाहिए। संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की मौजूदगी में सरिया की वास्तविक मोटाई, खुदाई की गहराई, आधार की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता और निर्माण की माप का परीक्षण कराया जाए। यदि नाला विकासखंड अथवा ग्राम पंचायत की योजना से बन रहा है तो खंड विकास अधिकारी और संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाए। वहीं यदि निर्माण किसी अन्य विभाग या संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है तो उसकी जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों का नाम सार्वजनिक किया जाए। *जनता के पैसे से निर्माण, ठेकेदार की मनमानी नहीं चलेगी!* रानीगंज से नारीबारी मार्ग की ओर बन रहा नाला क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन यदि निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो भविष्य में इसकी मजबूती और उपयोगिता पर संदेह होना स्वाभाविक है। क्या नाला निर्धारित मानकों के अनुसार बनेगा या कुछ वर्षों में टूट-फूट और जलभराव की समस्या फिर सामने आएगी? क्या निर्माण पूरा होने के बाद भी इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी तय होगी? जनता के धन से हो रहे निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच करे, निर्माण की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो ठेकेदार सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे। *सवाल साफ है—करोड़ों की लागत से बन रहे नाले की गुणवत्ता की गारंटी कौन देगा और निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर जवाबदेही किसकी तय होगी?*
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    करोड़ों का नाला, ढाई सूत की सरिया और घटिया निर्माण का आरोप! रानीगंज में सरकारी धन की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल*
*करोड़ों का नाला, ढाई सूत की सरिया और घटिया निर्माण का आरोप! रानीगंज में सरकारी धन की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल*
*दस एमएम सरिया का दावा, मौके पर पतली सरिया का इस्तेमाल? खुदाई से ढलाई तक जांच के घेरे में निर्माण कार्य, ठेकेदार और जिम्मेदार अभियंताओं की जवाबदेही पर सवाल*
शंकरगढ़, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत विकासखंड शंकरगढ़ के रेलवे लाइन पार रानीगंज में रानीगंज से नारीबारी मार्ग की ओर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे नाले के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण स्थल पर दिखाई दे रही स्थिति और श्रमिकों द्वारा बताई गई जानकारी के बीच अंतर ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की आवश्यकता बढ़ा दी है। नाले में इस्तेमाल हो रही सरिया की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता, खुदाई की गहराई, आधार निर्माण और ढलाई की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब आखिर कौन देगा? जनता के धन से हो रहे निर्माण में यदि गुणवत्ता से समझौता हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसके सिर जाएगी? *दस एमएम सरिया बताई, मौके पर ढाई सूत की सरिया का संदेह—आखिर सच क्या है?* निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों द्वारा नाले में दस एमएम यानी लगभग तीन सूत की सरिया लगाए जाने की बात बताई गई, जबकि मौके पर मीडिया के निरीक्षण के दौरान इस्तेमाल की जा रही सरिया की मोटाई ढाई सूत के आसपास होने का संदेह सामने आया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण में वास्तव में कितने एमएम की सरिया इस्तेमाल की जा रही है? क्या सरिया की मोटाई स्वीकृत तकनीकी प्राक्कलन के अनुरूप है? क्या सरिया की दूरी, जाल की बनावट और उसकी मात्रा निर्धारित डिजाइन के अनुसार रखी गई है? यदि मौके पर इस्तेमाल सरिया स्वीकृत मानक से कम पाई जाती है तो क्या ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? सरिया की वास्तविक मोटाई की पुष्टि तकनीकी मापन से होनी चाहिए, लेकिन उठे सवालों को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं होगा। *नाले की खुदाई कितनी, ढलाई कितनी और आधार की मजबूती का हिसाब कौन देगा?* नाले की मजबूती केवल ऊपर से दिखाई देने वाली सीमेंट-कंक्रीट की ढलाई पर निर्भर नहीं करती। निर्धारित गहराई तक खुदाई, तल की सही तैयारी, आधार की मजबूती, कंक्रीट की मोटाई और सरिया की सही स्थिति निर्माण की गुणवत्ता के अहम हिस्से हैं। मौके पर सवाल यह भी है कि नाले की खुदाई कितनी गहराई तक की जा रही है? क्या खुदाई की माप तकनीकी नक्शे के अनुसार है? तल में पत्थर की गिट्टी किस निर्धारित मोटाई और प्रक्रिया से डाली जा रही है? उसके ऊपर कंक्रीट की ढलाई कितनी मोटी की जा रही है? क्या ढलाई से पहले विभागीय अभियंता मौके पर जांच करते हैं या निर्माण कार्य ठेकेदार की मर्जी से आगे बढ़ रहा है? निर्माण स्थल के वीडियो में तल की तैयारी और गिट्टी डालने की प्रक्रिया दिखाई देने की बात सामने आई है। अब विभाग को तकनीकी माप के साथ वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। *सीमेंट, बालू, गिट्टी और पानी के अनुपात की जांच क्यों नहीं?* नाले के निर्माण में इस्तेमाल हो रही सीमेंट, बालू, गिट्टी और पानी की गुणवत्ता तथा उनका निर्धारित अनुपात भी जांच का विषय है। क्या कंक्रीट स्वीकृत श्रेणी के अनुसार तैयार किया जा रहा है? क्या मिश्रण निर्धारित अनुपात में हो रहा है? क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची गई है? ढलाई के बाद नियमानुसार तराई यानी क्योरिंग कराई जा रही है या नहीं? यदि कंक्रीट की गुणवत्ता कमजोर रही तो नाले में दरारें पड़ने, किनारों के टूटने और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता परीक्षण कराना जरूरी है, न कि शिकायत सामने आने के बाद कागजी जांच की औपचारिकता निभाना। *करोड़ों का काम, लेकिन ठेकेदार और कार्यदायी संस्था का नाम तक स्पष्ट क्यों नहीं?* आखिर यह नाला किस विभाग या कार्यदायी संस्था द्वारा बनवाया जा रहा है? इसकी स्वीकृत लागत कितनी है? ठेकेदार कौन है? निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा क्या निर्धारित है? कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना पट्ट लगा है या नहीं? यदि लगा है तो उस पर दर्ज विवरण के अनुसार निर्माण कराया जा रहा है या नहीं? क्या निर्माण कार्य की माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा मौके पर किए गए काम से मेल खाती है? क्या ठेकेदार को भुगतान से पहले गुणवत्ता की जांच होती है? इन सवालों का जवाब सार्वजनिक होना चाहिए। सरकारी निर्माण कार्य में पारदर्शिता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। *अवर अभियंता से अधिशासी अभियंता तक—निगरानी की जिम्मेदारी किसकी?* निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल ठेकेदार की नहीं, बल्कि संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारियों की भी होती है। मौके पर अवर अभियंता कितनी बार निरीक्षण कर चुके हैं? सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता ने निर्माण की गुणवत्ता की जांच की है या नहीं? क्या सरिया की मोटाई, ढलाई की मोटाई और कंक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण कराया गया? यदि निर्माण कार्य मानकों के विपरीत हो रहा है तो क्या विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है? और यदि जानकारी है तो अब तक सुधारात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग को देना चाहिए। *जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से तकनीकी जांच की मांग* रानीगंज नाला निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर जिलाधिकारी प्रयागराज और मुख्य विकास अधिकारी को संज्ञान लेकर निष्पक्ष तकनीकी जांच करानी चाहिए। संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की मौजूदगी में सरिया की वास्तविक मोटाई, खुदाई की गहराई, आधार की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता और निर्माण की माप का परीक्षण कराया जाए। यदि नाला विकासखंड अथवा ग्राम पंचायत की योजना से बन रहा है तो खंड विकास अधिकारी और संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाए। वहीं यदि निर्माण किसी अन्य विभाग या संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है तो उसकी जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों का नाम सार्वजनिक किया जाए। *जनता के पैसे से निर्माण, ठेकेदार की मनमानी नहीं चलेगी!* रानीगंज से नारीबारी मार्ग की ओर बन रहा नाला क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन यदि निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो भविष्य में इसकी मजबूती और उपयोगिता पर संदेह होना स्वाभाविक है। क्या नाला निर्धारित मानकों के अनुसार बनेगा या कुछ वर्षों में टूट-फूट और जलभराव की समस्या फिर सामने आएगी? क्या निर्माण पूरा होने के बाद भी इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी तय होगी? जनता के धन से हो रहे निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच करे, निर्माण की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो ठेकेदार सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे। *सवाल साफ है—करोड़ों की लागत से बन रहे नाले की गुणवत्ता की गारंटी कौन देगा और निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर जवाबदेही किसकी तय होगी?*
    user_Hashme Alam
    Hashme Alam
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *थाना सिविल लाइन क्षेत्रान्तर्गत मोहनपुरी स्थित दयालेश्वर मंदिर से मूर्तियों की चोरी की घटना का खुलासा करते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में श्रीमति दीक्षा भौरया सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन महोदया की बाइट।*
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    *थाना सिविल लाइन क्षेत्रान्तर्गत मोहनपुरी स्थित दयालेश्वर मंदिर से मूर्तियों की चोरी की घटना का खुलासा करते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में श्रीमति दीक्षा भौरया सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन महोदया की बाइट।*
    user_Mohd Waseem
    Mohd Waseem
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दीपावली से पहले अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा बरामद, एक गिरफ्तार हापुड़। दीपावली से पहले अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ हापुड़ नगर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने रामपुर रोड स्थित ओम बिल्डिंग मैटेरियल के पास कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 19 कार्टून अवैध पटाखे बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत करीब 90 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहसिन पुत्र इमरान निवासी मोहल्ला नवीकरीम, थाना हापुड़ नगर के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद पटाखों को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन कर पटाखों का भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें ऐसे लोगों पर लगातार नजर रख रही हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध रूप से पटाखों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
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    दीपावली से पहले अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा बरामद, एक गिरफ्तार 
हापुड़। दीपावली से पहले अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ हापुड़ नगर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने रामपुर रोड स्थित ओम बिल्डिंग मैटेरियल के पास कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 19 कार्टून अवैध पटाखे बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत करीब 90 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहसिन पुत्र इमरान निवासी मोहल्ला नवीकरीम, थाना हापुड़ नगर के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद पटाखों को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन कर पटाखों का भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें ऐसे लोगों पर लगातार नजर रख रही हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध रूप से पटाखों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
    user_KHABAR EXPRESS UP/UK
    KHABAR EXPRESS UP/UK
    Local News Reporter हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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