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अखिल भारतीय स्तर पर प्री-अप्रूवल व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस सेवा की मुख्य विशेषता यह है कि इसके लिए किसी भी तरह के कमीशन की आवश्यकता नहीं होती, और न ही उपभोक्ताओं को बैंक जाने की ज़रूरत पड़ेगी।
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अखिल भारतीय स्तर पर प्री-अप्रूवल व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस सेवा की मुख्य विशेषता यह है कि इसके लिए किसी भी तरह के कमीशन की आवश्यकता नहीं होती, और न ही उपभोक्ताओं को बैंक जाने की ज़रूरत पड़ेगी।
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- निम्बाहेड़ा जिला हॉस्पिटल से बाईक चोरी करते हुए कुछ चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने मौके पर ही बाईक चुरा रहे इन चोरों को धर दबोचा।1
- नीमच पुलिस ने एक बड़े मामले का 36 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक व्यास के नेतृत्व में गठित चार विशेष टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन आरोपियों से 90 हजार रुपये नकद और हथियार भी बरामद किए हैं, जिसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अभी तक न तो पट्टे बनाए गए हैं और न ही गांव की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। वे शिकायत करते हुए कहते हैं कि सरकार उनके गांव से संबंधित जानकारी पर कोई ध्यान नहीं देती है और उनकी समस्याओं पर बिलकुल भी गौर नहीं किया जा रहा है।1
- इंग्लैंड ने हाल ही में खेले गए एक फुटबॉल मुकाबले में पनामा को 2-0 से हराकर एक शानदार जीत दर्ज की है। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने बेहद प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने ग्रुप L में अपनी स्थिति को और भी मजबूत कर लिया है।1
- राजस्थान के उदयपुर में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी वारदात की साजिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है, जिससे एक गंभीर खतरे को टाला जा सका।1
- चित्तौड़गढ़ में भाजपा शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर सांसद सीपी जोशी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। भाजपा इन वर्षों को विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का कालखंड बता रही है। हालांकि, इसी समय चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन के जीवन, किसानों की जमीन, पर्यावरण, जल स्रोतों, रोजगार और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जो अब जिले की राजनीति का प्रमुख विमर्श बन गए हैं। इस विरोधाभास के केंद्र में यह प्रश्न है कि विकास का मॉडल कैसा हो – क्या यह केवल उद्योगों और परियोजनाओं की संख्या से मापा जाएगा या जनता की सुरक्षित जिंदगी, स्वच्छ हवा, पानी और रोजगार से भी। बड़ीसादड़ी क्षेत्र में जेरोफिक्स अपशिष्ट को लेकर उपजा विवाद अब केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा बन चुका है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति का आरोप है कि बड़े पैमाने पर अपशिष्ट डाले जाने से जनस्वास्थ्य को खतरा है और वे इस मामले की पारदर्शी जांच तथा भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुका है। इसी तरह, चंदेरिया में हिन्दुस्तान जिंक के फर्टिलाइजर प्लांट और बेगूं, निंबाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं को लेकर भी विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज है। जहां परियोजना समर्थक निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती का तर्क देते हैं, वहीं ग्रामीण और पर्यावरण से जुड़े लोग जल, हवा, मिट्टी और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के अध्ययन की मांग करते हैं। जनता का सवाल है कि क्या कागजों पर पर्यावरणीय सुरक्षा पर्याप्त है या इसका असर जमीन पर भी दिखेगा, क्योंकि हवा और पानी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में महसूस होते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उद्योग जरूरी हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें। चित्तौड़गढ़ के अफीम किसान वर्षों से लाइसेंस व्यवस्था, उत्पादन नीति, लागत, मौसम की मार और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं, विशेषकर जब सरकार किसान सम्मान और कृषि विकास की बात करती है। उनकी चिंता केवल फसल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं, जिले में उद्योग और बड़े प्रोजेक्ट होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने का सवाल उठ रहा है। ग्रामीण युवा कौशल विकास और स्थायी रोजगार के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि विकास केवल जमीन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समाज को उसका हिस्सा भी मिले। इसके अतिरिक्त, विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जहां विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं यह सवाल भी उठा कि वर्षों तक अतिक्रमण होने पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, और अब जनता केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था चाहती है। इन 12 सालों की उपलब्धियों के दावों के बीच, चित्तौड़गढ़ में उठ रहे ये जनमुद्दे संकेत देते हैं कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। जनता सवाल कर रही है कि क्या किसान मजबूत हुए, क्या अफीम किसान सुरक्षित हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला और उद्योगों के साथ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? चित्तौड़गढ़ आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरण, किसान और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की चुनौती है। लोकतंत्र में सरकारों की सफलता केवल परियोजनाओं की संख्या से नहीं बल्कि जनता के विश्वास से तय होती है। विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो इंसान, प्रकृति और भविष्य तीनों को साथ लेकर चले। आने वाले समय में जिले की सियासत इसी मूल प्रश्न से तय होगी: 'विकास किसका, कीमत किसकी और लाभ किस तक?'।1
- धरियावद में मोहर्रम के अवसर पर एक अखाड़े ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।1
- उदयपुर जिले के घासा मंडल की एक बैठक हनुमान मंदिर पर विधानसभा प्रत्याशी कृष्ण गोपाल पालीवाल के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और ‘संविधान हत्या दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले पखवाड़ा कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना था। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर, कार्यक्रम प्रभारी मोहब्बत सिंह राव, घासा मंडल अध्यक्ष पर्वत सिंह कीतावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष गणेश लाल कुम्हार और मुख्य अतिथि व विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और ‘संविधान हत्या दिवस’ से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- श्री सांवलियाजी मंदिर के भीतर एक गेट खोला जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठाया जा रहा है कि रथयात्रा मार्ग और डेयरी गेट सहित मंदिर के बाहर के गेट पहले की तरह कब खुलेंगे।1