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चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अभी तक न तो पट्टे बनाए गए हैं और न ही गांव की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। वे शिकायत करते हुए कहते हैं कि सरकार उनके गांव से संबंधित जानकारी पर कोई ध्यान नहीं देती है और उनकी समस्याओं पर बिलकुल भी गौर नहीं किया जा रहा है।
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चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अभी तक न तो पट्टे बनाए गए हैं और न ही गांव की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। वे शिकायत करते हुए कहते हैं कि सरकार उनके गांव से संबंधित जानकारी पर कोई ध्यान नहीं देती है और उनकी समस्याओं पर बिलकुल भी गौर नहीं किया जा रहा है।
More news from Chittorgarh and nearby areas
- समाचार प्लस की खबर के अनुसार, निम्बाहेड़ा में हुई आत्महत्या के मामले की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील में कल रात तेज आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुँचाया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण, छट्टारसी क्षेत्र और एक कार के पास तीन लोग घायल हो गए, जबकि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। इसी आंधी-बारिश के दौरान, जहाजपुर में एक छत गिरने से कार के अंदर बैठे तीन लोग मृत पाए गए।3
- अखिल भारतीय स्तर पर प्री-अप्रूवल व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस सेवा की मुख्य विशेषता यह है कि इसके लिए किसी भी तरह के कमीशन की आवश्यकता नहीं होती, और न ही उपभोक्ताओं को बैंक जाने की ज़रूरत पड़ेगी।1
- भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खाखला में कथित पट्टा घोटाले के एक बड़े मामले ने पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक हलचल मचा दी है। जिला परिषद की जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों के बाद, पूर्व सरपंच और वर्तमान प्रशासक रतनलाल स्वर्णकार, संबंधित वार्ड पंचों और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला परिषद ने सात दिन के भीतर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने और न्यायालय में कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, सरपंच पद पर रहते हुए रतनलाल स्वर्णकार ने अपने ही परिवार को लाभ पहुंचाया। उन्होंने अपनी पत्नी, पुत्रों और पुत्रवधू के नाम पर भूखंडों के पट्टे जारी कर दिए, और नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी के बावजूद उन्हें ताक पर रखकर परिवार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि एक ही परिवार को एक से ज्यादा भूखंड आवंटित किए गए, जिसमें सरपंच के पुत्र के नाम सड़क किनारे का एक कीमती व्यावसायिक भूखंड भी शामिल है। भूमि विक्रय से जुड़ी आवश्यक स्वीकृतियां भी नहीं ली गईं, जिससे पूरी आवंटन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह जरूरतमंदों का हक छीनकर अपनों को फायदा पहुंचाने का स्पष्ट मामला है। शिकायतकर्ता रतनलाल जाट की शिकायत पर गठित जांच समिति ने रिकॉर्ड की गहन छानबीन के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पंचायतीराज नियम 156, 157 और 167 के उल्लंघन की पुष्टि की गई। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया है और कई जिम्मेदार अधिकारियों की नींद उड़ गई है। जिला परिषद ने सहाड़ा के विकास अधिकारी को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे सात दिन के भीतर सक्षम न्यायालय में निगरानी दर्ज कराएं और दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएं। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समय-सीमा में कार्रवाई नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के खुलासे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। गांव में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही हैं, तो वर्षों तक यह घोटाला किसके संरक्षण में चलता रहा। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। खाखला पट्टा घोटाले ने फिलहाल पूरे जिले की राजनीति और प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, और सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी हैं कि क्या सात दिन के भीतर एफआईआर दर्ज होगी और जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा, या फिर यह मामला फाइलों में ही दब जाएगा। इस बड़े एक्शन और एफआईआर के आदेश से गांव में खुशी की लहर है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे आयोजन स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का सागर हिलोरें लेने लगा। इस अवसर पर कथा के माध्यम से श्रोताओं को यह बताया गया कि भगवान का ज्ञान ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।1
- निम्बाहेड़ा जिला हॉस्पिटल से बाईक चोरी करते हुए कुछ चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने मौके पर ही बाईक चुरा रहे इन चोरों को धर दबोचा।1
- भीलवाड़ा एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पटवारी लोकेश जोशी को ₹1000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।1
- एक ही समाज और एक ही रिश्ते में सोच का कितना बड़ा अंतर है, यह दो अलग-अलग वीडियो में साफ देखा जा सकता है। एक वीडियो में एक बहू अपने बुजुर्ग ससुर को अमानवीय तरीके से घसीटती हुई दिख रही है, मानो वह इंसान नहीं बल्कि एक बोझ हों। वहीं, दूसरे वीडियो में एक बहू अपने ससुर को अपने पिता के समान मानकर पूरी सेवा कर रही है, उन्हें नहला रही है और सम्मान दे रही है। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि रिश्तों की खूबसूरती खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि संस्कारों और व्यवहार से तय होती है। यह केवल बहू या ससुर का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इंसानियत का सवाल है। आज की पीढ़ी को यह तय करना होगा कि वे अपने बच्चों के लिए कैसा उदाहरण स्थापित करना चाहते हैं। शब्द 'बहू' भले ही एक हो, लेकिन किसी के लिए बुजुर्ग बोझ के समान हैं तो किसी के लिए वे भगवान का रूप। यह अंतर सिर्फ संस्कारों का ही है।1