सीतापुर जिले के हरगांव थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्राम मदनापुर कैथाभारी से कबीरपुर जाने वाले खड़ंजे पर करीब 11 बजे मृतका का शव पड़ा मिला, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतका की पहचान 40 वर्षीय रेनू देवी के रूप में हुई है। बताया गया है कि रेनू देवी पिछले लगभग दो वर्षों से हरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कैथाभारी निवासी रक्षपाल सिंह के साथ रह रही थीं। परिजनों के अनुसार, रेनू देवी शराब की आदी थीं और अक्सर घर से बाहर चली जाती थीं। बुधवार शाम करीब छह बजे वह हरगांव से निकली थीं। रात में जब मीरा देवी ने उन्हें फोन किया, तो रेनू ने कैथाभारी स्थित घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन जब रक्षपाल घर लौटे तो वह वहां मौजूद नहीं थीं। गुरुवार सुबह खेतों की ओर जा रही महिलाओं ने उमाकांत पाण्डेय के खेत के पास खड़ंजे पर उनका शव देखा। पुलिस के अनुसार, मृतका के गले पर चोट और नाखून के निशान मिले हैं, जिससे संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, उनके पैरों में पहनी चांदी की बिछिया और मोबाइल फोन भी गायब मिले हैं, जिससे हत्या के बाद लूट की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी नेहा त्रिपाठी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। फोरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
सीतापुर जिले के हरगांव थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्राम मदनापुर कैथाभारी से कबीरपुर जाने वाले खड़ंजे पर करीब 11 बजे मृतका का शव पड़ा मिला, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतका की पहचान 40 वर्षीय रेनू देवी के रूप में हुई है। बताया गया है कि रेनू देवी पिछले लगभग दो वर्षों से हरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कैथाभारी निवासी रक्षपाल सिंह के साथ रह रही थीं। परिजनों के अनुसार, रेनू देवी शराब की आदी थीं और अक्सर घर से बाहर चली जाती थीं। बुधवार शाम करीब छह बजे वह हरगांव से निकली थीं। रात में जब मीरा देवी ने उन्हें फोन किया, तो रेनू ने कैथाभारी स्थित घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन जब रक्षपाल घर लौटे तो वह वहां मौजूद नहीं थीं। गुरुवार सुबह खेतों की ओर जा रही महिलाओं ने उमाकांत पाण्डेय के खेत के पास खड़ंजे पर उनका शव देखा। पुलिस के अनुसार, मृतका के गले पर चोट और नाखून के निशान मिले हैं, जिससे संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, उनके पैरों में पहनी चांदी की बिछिया और मोबाइल फोन भी गायब मिले हैं, जिससे हत्या के बाद लूट की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी नेहा त्रिपाठी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। फोरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
- सीतापुर से लखीमपुर की ओर जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक रोडवेज बस शुक्रवार को हरगांव क्षेत्र में सड़क हादसे का शिकार हो गई। सामने से आए एक वाहन को बचाने के प्रयास में बस चालक ने अचानक बस मोड़ी, जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और बस में सवार यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। हादसे में बस चालक को चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ राहत कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने सामने आए वाहन से टक्कर टालने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और बस को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण सामने आए वाहन को बचाने का प्रयास माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र में यूरिया खाद वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम मल्हपुर मजरा अहमदाबाद निवासी किसान बेचेलाल ने बिसवां स्थित जय मां ट्रेडिंग कंपनी, मधईपुर के संचालक पर सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने और जबरन अन्य उत्पाद बेचने का आरोप लगाया है। किसान के अनुसार, 266.50 रुपये प्रति बोरी के सरकारी मूल्य के बजाय दुकानदार द्वारा 450 रुपये की मांग की गई, साथ ही 350 रुपये का जिंक पैकेट खरीदना भी अनिवार्य बताया गया। जब पीड़ित किसान ने केवल यूरिया सरकारी दर पर उपलब्ध कराने की मांग की, तो दुकानदार ने विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट कर उसे दुकान से भगा दिया। पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी बिसवां से की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी व मारपीट के आरोपों में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की आगामी जांच और कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।2
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित समाज की युवती ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया है। सपा ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग उठा रहे पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया। पार्टी का दावा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के नाम पर पीड़ितों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, और ऐसे में जब न्याय की गुहार लगाने वाले परिवारों के साथ कठोर व्यवहार किया जाएगा, तो आम जनता का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए, सपा ने कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने पर जोर दिया है। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष इस मामले पर आमने-सामने आ गए हैं।1
- हरदोई जिले के विकासखंड भरावन अंतर्गत भगवा गांव में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे इस स्थिति का सामना कर रहे हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। प्रशासन की उदासीनता से नाराज होकर राष्ट्रीय विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास रावत अपने पदाधिकारियों के साथ जल में बैठकर सत्याग्रह पर उतर आए। इस प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अतरौली थाना अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह और ब्लॉक के अधिकारी मौके पर पहुंचे। विकास रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जब तक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे। अंततः शाम को प्रशासन द्वारा बुलडोजर मंगाकर नाले की खुदाई करवाई गई, जिसके बाद ही सत्याग्रह पर बैठे लोगों ने अपना धरना समाप्त किया।2
- लखनऊ के थाना गुडम्बा अंतर्गत बेहटा चौकी क्षेत्र के सैयारा गांव में पलका चौराहे के आगे स्थित आर.एच. कान्वेंट इंटर कॉलेज परिसर से जुड़ी एक वीडियो क्लिप सामने आई है। इस वीडियो में कथित रूप से कुछ व्यक्तियों और महिलाओं के बीच संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, जिसके बाद परिसर का उपयोग अनैतिक कार्यों के लिए किए जाने का दावा किया जा रहा है। मामले से जुड़े साक्ष्य और वीडियो को जल्द ही संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे जाने की बात कही जा रही है ताकि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर विधिक कार्रवाई की जा सके। इस घटना को शिक्षा जैसी पवित्र व्यवस्था की आड़ में अवैध गतिविधियां चलाने का गंभीर मामला माना जा रहा है।1
- लखनऊ के अकबरी गेट स्थित मुबीन होटल के पास आज सुबह से हो रही बारिश के दौरान बिजली के खम्बे में भीषण आग लग गई। शार्ट सर्किट के कारण खम्बे से उठी आग की लपटें ऐसी दिखाई दे रही थीं जैसे कोई आतिशबाजी हो रही हो। इस दौरान मुबीन होटल के एक कर्मचारी ने सीस फायर सिलेंडर का उपयोग कर आग पर काबू पाने की जद्दोजहद की। इस घटना में बिजली के तारों के बेतरतीब झुंड में लगा एक डिब्बा जलकर सड़क पर गिर गया। जलता हुआ यह डिब्बा पास खड़ी एक साइकिल पर गिरा, जिससे साइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इसे बिजली विभाग की भारी लापरवाही का नतीजा बताया।1