सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र में यूरिया खाद वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम मल्हपुर मजरा अहमदाबाद निवासी किसान बेचेलाल ने बिसवां स्थित जय मां ट्रेडिंग कंपनी, मधईपुर के संचालक पर सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने और जबरन अन्य उत्पाद बेचने का आरोप लगाया है। किसान के अनुसार, 266.50 रुपये प्रति बोरी के सरकारी मूल्य के बजाय दुकानदार द्वारा 450 रुपये की मांग की गई, साथ ही 350 रुपये का जिंक पैकेट खरीदना भी अनिवार्य बताया गया। जब पीड़ित किसान ने केवल यूरिया सरकारी दर पर उपलब्ध कराने की मांग की, तो दुकानदार ने विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट कर उसे दुकान से भगा दिया। पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी बिसवां से की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी व मारपीट के आरोपों में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की आगामी जांच और कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र में यूरिया खाद वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम मल्हपुर मजरा अहमदाबाद निवासी किसान बेचेलाल ने बिसवां स्थित जय मां ट्रेडिंग कंपनी, मधईपुर के संचालक पर सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने और जबरन अन्य उत्पाद बेचने का आरोप लगाया है। किसान के अनुसार, 266.50 रुपये प्रति बोरी के सरकारी मूल्य के बजाय दुकानदार द्वारा 450 रुपये की मांग की गई, साथ ही 350 रुपये का जिंक पैकेट खरीदना भी अनिवार्य बताया गया। जब पीड़ित किसान ने केवल
यूरिया सरकारी दर पर उपलब्ध कराने की मांग की, तो दुकानदार ने विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट कर उसे दुकान से भगा दिया। पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी बिसवां से की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी व मारपीट के आरोपों में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की आगामी जांच और कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
- सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र में यूरिया खाद वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम मल्हपुर मजरा अहमदाबाद निवासी किसान बेचेलाल ने बिसवां स्थित जय मां ट्रेडिंग कंपनी, मधईपुर के संचालक पर सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने और जबरन अन्य उत्पाद बेचने का आरोप लगाया है। किसान के अनुसार, 266.50 रुपये प्रति बोरी के सरकारी मूल्य के बजाय दुकानदार द्वारा 450 रुपये की मांग की गई, साथ ही 350 रुपये का जिंक पैकेट खरीदना भी अनिवार्य बताया गया। जब पीड़ित किसान ने केवल यूरिया सरकारी दर पर उपलब्ध कराने की मांग की, तो दुकानदार ने विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट कर उसे दुकान से भगा दिया। पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी बिसवां से की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी व मारपीट के आरोपों में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की आगामी जांच और कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।2
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित समाज की युवती ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया है। सपा ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग उठा रहे पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया। पार्टी का दावा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के नाम पर पीड़ितों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, और ऐसे में जब न्याय की गुहार लगाने वाले परिवारों के साथ कठोर व्यवहार किया जाएगा, तो आम जनता का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए, सपा ने कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने पर जोर दिया है। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष इस मामले पर आमने-सामने आ गए हैं।1
- सीतापुर से लखीमपुर की ओर जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक रोडवेज बस शुक्रवार को हरगांव क्षेत्र में सड़क हादसे का शिकार हो गई। सामने से आए एक वाहन को बचाने के प्रयास में बस चालक ने अचानक बस मोड़ी, जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और बस में सवार यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। हादसे में बस चालक को चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ राहत कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने सामने आए वाहन से टक्कर टालने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और बस को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण सामने आए वाहन को बचाने का प्रयास माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- सीतापुर के मछरेहटा में एक युवक अपनी पत्नी को ससुराल वापस लाने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे क्षेत्र में घंटों तक अफरा-तफरी और हाईवोल्टेज ड्रामा का माहौल बना रहा। इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, थाना नैमिषारण्य क्षेत्र के ग्राम दामोदरपुर निवासी संतोष की पत्नी पिछले चार वर्षों से अपने मायके में रह रही थी और ससुराल नहीं लौट रही थी। इसी बात से परेशान होकर संतोष ने मछरेहटा क्षेत्र में स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी पत्नी को मौके पर बुलाने और उसे अपने साथ भेजने की मांग रखी। घटना की खबर मिलते ही क्षेत्राधिकारी मिश्रिख, थाना मछरेहटा प्रभारी निरीक्षक रजनीश वर्मा, थाना नैमिषारण्य पुलिस और विद्युत विभाग के एसडीओ सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने संतोष से धैर्यपूर्वक बातचीत की और उसके परिजनों को भी बुलाया। अंततः, संतोष की पत्नी के मौके पर पहुंचने और उसे समझाने के बाद, वह टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया। पुलिस की सूझबूझ और अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से यह पूरा मामला बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र होकर घंटों तक पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।4
- पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति ऑल इंडिया ने अपने सभी राज्य के पदाधिकारियों को एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। समिति ने सभी पदाधिकारियों को सूचित किया है कि आगामी 15 जुलाई को वे अपने-अपने मुख्य कार्यालयों में अनिवार्य रूप से पेड़ लगाएं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत को हरा-भरा बनाना और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करना है।1
- उत्तर प्रदेश के नैमिषारण्य तीर्थ स्थित मिश्रित दधीचि कुंड में एक बार फिर मछलियां मरी पाई गईं, जिससे हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल पर चिंता बढ़ गई है। इस घटना को लेकर जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं और नैमिषारण्य तीर्थ के बड़े-बड़े वादे फेल होते दिख रहे हैं। कुंड में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी गंदा होता जा रहा है, जिससे ऑक्सीजन की भारी कमी हो रही है। इसी वजह से कुंड में रहने वाले जीव-जंतुओं का जीवन खतरे में है। यह भी बताया गया है कि पहले पानी फिल्टर करने के लिए दो मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन वे अब गायब हैं। यह मिश्रित तीर्थ की गरिमा का भी एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर सभी का ध्यान जाना चाहिए।1
- सीतापुर में दो बाइकों की आपस में हुई जोरदार भिड़ंत में तीन लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे में एक भाई-बहन की जोड़ी भी शामिल है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।1