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Muradabad
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- मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और एक बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 15 हजार रुपये का इनामी वांछित वाहन चोर तैय्यब उर्फ छोटू घायल होकर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तैय्यब उर्फ छोटू घायल हो गया, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, कुछ कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पर दिल्ली, गाजियाबाद, बिजनौर, हापुड़ और मुजफ्फरनगर समेत कई जनपदों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य मामलों के कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। घायल तैय्यब उर्फ छोटू को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- Post by Muradabad1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद हरेंद्र मलिक ने मुजफ्फरनगर जिला चिकित्सालय पहुंचकर आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल एक मासूम बच्ची का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। सांसद हरेंद्र मलिक ने इस घटना को जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों पर आवारा कुत्तों का हमला होना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल प्रशासन आवारा कुत्तों के झुंड को नियंत्रित नहीं कर सकता, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, क्योंकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने घायल बच्ची और उसके परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी ली और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सांसद ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह की पीड़ा का सामना न करना पड़े। हरेंद्र मलिक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को साफ-सफाई, सुरक्षा और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को तत्काल अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करने और मरीजों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सांसद ने जोर देकर कहा कि जिला अस्पताल की पहचान बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए होनी चाहिए, न कि अव्यवस्थाओं और लापरवाही के लिए। अंत में, सांसद हरेंद्र मलिक ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।2
- लखनऊ में बीते कल शाम एक व्यक्ति ने खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताकर बदमाशी की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मिथिलेश शुक्ला नामक इस व्यक्ति को रातभर हवालात में रखा, जिससे उसका सारा रौब झड़ गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस उसे आगे कुछ दिनों के लिए जेल में रखेगी, जिसके बाद वह 'एकदम ठीक' हो जाएगा।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने महिला से दुष्कर्म के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस मुठभेड़ में एक आरोपी उमर उर्फ सालिम के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि उसके साथी मौ. अब्दुल्ला को मौके पर कॉम्बिंग के दौरान पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी 13 जून को दर्ज हुए दुष्कर्म के मुकदमे में वांछित थे। आरोपियों ने दधेडू पुल के पास चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा राम (RAM) की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र गौतम के निवास स्थान पर संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता भारतीय पेंशनर्स मंच के राष्ट्रीय महासचिव श्री हरिमोहन शर्मा ने की, जिसका सफल संचालन श्री ध्यानचंद कुश द्वारा किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन के नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपना और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर संपर्क अभियान चलाने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान कार्यकर्ताओं से समाज के लोगों को उनके अधिकारों और हितों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। बैठक में यूजीसी कानून का पुरजोर विरोध किया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने "यूजीसी मुर्दाबाद" और "काला कानून वापस लो" जैसे नारे लगाए। सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने यह शपथ ली कि वे यूजीसी कानून के विरोध को निरंतर जारी रखेंगे और समाज को इस विषय में जागरूक करते रहेंगे। जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र गौतम ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि यूजीसी कानून के माध्यम से सनातन समाज में विभाजन और असंतोष फैलाने का काम किया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। गौतम ने समाज के मतदाताओं से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में इस यूजीसी कानून के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय लें। कार्यक्रम के दौरान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह, ध्यानचंद कुश, जिला संरक्षक राजेन्द्र कौशिक और जिला सचिव पंकज शर्मा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस महत्वपूर्ण बैठक में पंकज शर्मा, शरद शर्मा, अमित शर्मा, मुकेश शर्मा, अनिल कुमार शर्मा (शुक्रताल), मनोज कपिल, हरिमोहन शर्मा, राजेन्द्र कौशिक, करम सिंह, देवांश कुमार प्रेमी, विनीत धीमान, सरदार रणजीत सिंह, सतीश कौशिक, रोहित त्यागी, शुभम कौशिक, ब्रजमोहन राणा, बुद्ध सिंह (शुक्रताल), महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष ठाकुर अनीता और जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुनीता शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया, वहीं युवा नेता सरदार मनमीत सिंह ने सिख समाज के लोगों से राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा राम से जुड़कर संगठन को और सशक्त करने का आह्वान किया।1
- आज, 16 जून 2026, मंगलवार को अखण्ड ब्रह्मांड नायिका और जगत जननी माँ विंध्यवासिनी की संध्या आरती के दर्शन हुए। यह अवसर धर्म और आस्था से परिपूर्ण रहा, जिसमें भक्तों ने माँ के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया। इस पावन संध्या आरती के माध्यम से माँ विंध्यवासिनी का आशीर्वाद प्राप्त किया गया।1
- मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र में किसानों ने एक शुगर मिल द्वारा बेची जा रही दवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का स्पष्ट आरोप है कि इस दवा का उनकी फसलों पर कोई असर नहीं हुआ, जिसके कारण उनकी फसलें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। किसानों ने यह भी शिकायत की है कि दवा खरीदते समय उन्हें कोई बिल उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके अतिरिक्त, जब उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई तो संबंधित कर्मचारी उनके फोन भी नहीं उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि दवा की बिक्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं की जा रही थी। हालांकि, मिल पर लगाए गए इन सभी आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1