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पीलीभीत : देवहा नदी किनारे मिला नर कंकाल, जांच में जुटी पुलिस पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया ताराचंद गांव में देवहा नदी किनारे नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। मछुआरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक कंकाल करीब एक माह पुराना हो सकता है। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है।

1 hr ago
user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
Media house Puranpur, Pilibhit•
1 hr ago
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पीलीभीत : देवहा नदी किनारे मिला नर कंकाल, जांच में जुटी पुलिस पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया ताराचंद गांव में देवहा नदी किनारे नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। मछुआरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक कंकाल करीब एक माह पुराना हो सकता है। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है।

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  • पूरनपुर: लक्ष्य महाविद्यालय में गूंजी ‘ओजोन की पुकार’, अनोखी अदालत में पर्यावरण के दुश्मन कटघरे में! यूथ रिपोर्ट: ओजोन संरक्षण पर विशेष कार्यक्रम ​📝 न्यूज स्क्रिप्ट (धाराप्रवाह) ​(एंकर इंट्रो): पूरनपुर से इस वक्त एक बेहद प्रेरणादायी खबर सामने आ रही है। विश्व ओजोन दिवस के मौके पर स्थानीय लक्ष्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को समर्पित एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने लघुनाटिकाओं के माध्यम से पर्यावरण बचाने का एक सशक्त संदेश दिया। ​(मुख्य रिपोर्ट - विजुअल के साथ): कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार गुप्ता और प्रबंधक श्री नितिन गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा आज की सबसे बड़ी जरूरत है, जिसमें युवा पीढ़ी अहम भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन डॉ. वी. के. गुप्ता ने किया। ​इस आयोजन का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत दो संदेशपरक लघुनाटिकाएं ‘ओजोन की पुकार’ और ‘ओजोन की अदालत’ रहीं। ​नाटक ‘ओजोन की पुकार’ में रोहित, विकास, इलमा, अंशिका, मो. इबादिल और नुरैन अली ने अपने दमदार अभिनय से ओजोन परत को हो रहे नुकसान और उसके गंभीर प्रभावों को जीवंत कर दिखाया। ​वहीं ‘ओजोन की अदालत’ में राघव दीक्षित, मो. इबादिल, अंशिका, इलमा बी, गौरा देवी, वर्षा देवी, शिफ़ा बी, सपना देवी, कनिका जायसवाल, शिवी कश्यप, काजल देवी और रोली सिंह ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को कटघरे में खड़ा करते हुए बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति दी। ​विद्यार्थियों के अभिनय और संवादों ने दर्शकों को गंभीर सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि ओजोन परत सिर्फ गैस की एक परत नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का सुरक्षा-कवच है, जिसकी रक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ​कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें यह संदेश गूंजा— “ओजोन बचाइए, पर्यावरण बचाइए और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाइए।” ​इस अवसर पर डॉ. उमेश कुमार, डॉ. योगेंद्र वर्मा, डॉ. मंजू रानी, डॉ. रामगोपाल वर्मा, डॉ. मनोज यादव, दीपा मौर्य, मनोज प्रजापति सहित तमाम शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। ​(साइन-ऑफ): कैमरामैन रिसांतु अग्रवाल के साथ सरफराज अहमद खान, यूपी न्यूज टीवी 24, पूरनपुर।
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    पूरनपुर: लक्ष्य महाविद्यालय में गूंजी ‘ओजोन की पुकार’, अनोखी अदालत में पर्यावरण के दुश्मन कटघरे में!


यूथ रिपोर्ट: ओजोन संरक्षण पर विशेष कार्यक्रम
​📝 न्यूज स्क्रिप्ट (धाराप्रवाह)
​(एंकर इंट्रो):
पूरनपुर से इस वक्त एक बेहद प्रेरणादायी खबर सामने आ रही है। विश्व ओजोन दिवस के मौके पर स्थानीय लक्ष्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को समर्पित एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने लघुनाटिकाओं के माध्यम से पर्यावरण बचाने का एक सशक्त संदेश दिया।
​(मुख्य रिपोर्ट - विजुअल के साथ):
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार गुप्ता और प्रबंधक श्री नितिन गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा आज की सबसे बड़ी जरूरत है, जिसमें युवा पीढ़ी अहम भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन डॉ. वी. के. गुप्ता ने किया।
​इस आयोजन का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत दो संदेशपरक लघुनाटिकाएं ‘ओजोन की पुकार’ और ‘ओजोन की अदालत’ रहीं।
​नाटक ‘ओजोन की पुकार’ में रोहित, विकास, इलमा, अंशिका, मो. इबादिल और नुरैन अली ने अपने दमदार अभिनय से ओजोन परत को हो रहे नुकसान और उसके गंभीर प्रभावों को जीवंत कर दिखाया।
​वहीं ‘ओजोन की अदालत’ में राघव दीक्षित, मो. इबादिल, अंशिका, इलमा बी, गौरा देवी, वर्षा देवी, शिफ़ा बी, सपना देवी, कनिका जायसवाल, शिवी कश्यप, काजल देवी और रोली सिंह ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को कटघरे में खड़ा करते हुए बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
​विद्यार्थियों के अभिनय और संवादों ने दर्शकों को गंभीर सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि ओजोन परत सिर्फ गैस की एक परत नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का सुरक्षा-कवच है, जिसकी रक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
​कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें यह संदेश गूंजा— “ओजोन बचाइए, पर्यावरण बचाइए और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाइए।”
​इस अवसर पर डॉ. उमेश कुमार, डॉ. योगेंद्र वर्मा, डॉ. मंजू रानी, डॉ. रामगोपाल वर्मा, डॉ. मनोज यादव, दीपा मौर्य, मनोज प्रजापति सहित तमाम शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
​(साइन-ऑफ):
कैमरामैन रिसांतु अग्रवाल के साथ सरफराज अहमद खान, यूपी न्यूज टीवी 24, पूरनपुर।
    user_SARFRAZ KHAN
    SARFRAZ KHAN
    रिपोटिंग upnewstv24 पूरनपुर पीलीभीत उप पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • फार्म हाउस में हत्या की साजिश का आरोप, सांसद ने मांगी निष्पक्ष जांच एक सांसद ने दावा किया है कि फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई है। उन्होंने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सांसद ने बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता और उनके खिलाफ साजिश करने वालों के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से न डरने और संघर्ष जारी रखने की अपील की।
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    फार्म हाउस में हत्या की साजिश का आरोप, सांसद ने मांगी निष्पक्ष जांच
एक सांसद ने दावा किया है कि फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई है। उन्होंने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सांसद ने बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता और उनके खिलाफ साजिश करने वालों के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से न डरने और संघर्ष जारी रखने की अपील की।
    user_मीडिया
    मीडिया
    पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों ने माधोटांडा सड़क किया जाम, बीते दो दिन पूर्व बिजली कटौती को लेकर हो चुका है हंगामा, लगभग 6 घंटे से बिजली न होने से ग्रामीणों में रोष, सब्र का बांध टूटा लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों ने माधोटांडा सड़क किया जाम, बीते दो दिन पूर्व बिजली कटौती को लेकर हो चुका है हंगामा, लगभग 6 घंटे से बिजली न होने से ग्रामीणों में रोष, सब्र का बांध टूटा
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    लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों ने माधोटांडा सड़क किया जाम, बीते दो दिन पूर्व बिजली कटौती को लेकर हो चुका है हंगामा, लगभग 6 घंटे से बिजली न होने से ग्रामीणों में रोष, सब्र का बांध टूटा
लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों ने माधोटांडा सड़क किया जाम, बीते दो दिन पूर्व बिजली कटौती को लेकर हो चुका है हंगामा, लगभग 6 घंटे से बिजली न होने से ग्रामीणों में रोष, सब्र का बांध टूटा
    user_Shablu khan
    Shablu khan
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • 19 साल से जंगल में कटान पीड़ितों का ‘वनवास’,60 परिवारों को आबादी मिली, 125 आज भी आशियाने की आस में पूरनपुर/पीलीभीत।वर्ष 2007 में शारदा नदी के भीषण भू-कटान ने अशोक नगर गांव का अस्तित्व ही मिटा दिया था। देखते ही देखते पूरा गांव नदी की धारा में समा गया और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए। मजबूरी में विस्थापित ग्रामीणों ने पास के जंगल में छप्परपोश घर बनाकर किसी तरह अपना जीवन शुरू किया। करीब 19 वर्ष गुजर जाने के बाद भी बड़ी संख्या में परिवारों की जिंदगी उसी बदहाल स्थिति में अटकी हुई है। आबादी उपलब्ध कराने की मांग के बावजूद करीब 200 परिवारों में से महज 60 परिवारों को ही आबादी मिल सकी, जबकि लगभग 125 परिवार आज भी अपने स्थायी आशियाने की राह देख रहे हैं। आबादी की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन मिलने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। सोमवार को दर्जनों कटान पीड़ित अशोक नगर में एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जल्द आबादी उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे।कटान पीड़ित राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि 19 साल से परिवार जंगल में छप्परपोश घरों में रहने को मजबूर हैं। कई बार अधिकारियों से आबादी की मांग की गई, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द स्थायी आबादी उपलब्ध कराए, जिससे परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंचकर आबादी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ग्रामीणों की समस्याएं भुला दी जाती हैं।छप्परपोश घरों में रह रहे परिवारों के सामने सिर्फ मूलभूत सुविधाओं का संकट ही नहीं, बल्कि बाघ, तेंदुए और सांपों का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बाघ और तेंदुए पशुबाड़ों से बकरी, बछिया और पालतू कुत्तों को उठा ले गए हैं। शाम होते ही वन्यजीवों के भय से लोग घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हो जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि आबादी न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि देश विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अशोक नगर के कटान पीड़ित परिवार आज भी 19 साल पुरानी विस्थापन की पीड़ा झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द आबादी उपलब्ध कराने की मांग करते हुए मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
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    19 साल से जंगल में कटान पीड़ितों का ‘वनवास’,60 परिवारों को आबादी मिली, 125 आज भी आशियाने की आस में
पूरनपुर/पीलीभीत।वर्ष 2007 में शारदा नदी के भीषण भू-कटान ने अशोक नगर गांव का अस्तित्व ही मिटा दिया था। देखते ही देखते पूरा गांव नदी की धारा में समा गया और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए। मजबूरी में विस्थापित ग्रामीणों ने पास के जंगल में छप्परपोश घर बनाकर किसी तरह अपना जीवन शुरू किया। करीब 19 वर्ष गुजर जाने के बाद भी बड़ी संख्या में परिवारों की जिंदगी उसी बदहाल स्थिति में अटकी हुई है। आबादी उपलब्ध कराने की मांग के बावजूद करीब 200 परिवारों में से महज 60 परिवारों को ही आबादी मिल सकी, जबकि लगभग 125 परिवार आज भी अपने स्थायी आशियाने की राह देख रहे हैं।
आबादी की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन मिलने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। सोमवार को दर्जनों कटान पीड़ित अशोक नगर में एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जल्द आबादी उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे।कटान पीड़ित राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि 19 साल से परिवार जंगल में छप्परपोश घरों में रहने को मजबूर हैं। कई बार अधिकारियों से आबादी की मांग की गई, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द स्थायी आबादी उपलब्ध कराए, जिससे परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंचकर आबादी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ग्रामीणों की समस्याएं भुला दी जाती हैं।छप्परपोश घरों में रह रहे परिवारों के सामने सिर्फ मूलभूत सुविधाओं का संकट ही नहीं, बल्कि बाघ, तेंदुए और सांपों का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बाघ और तेंदुए पशुबाड़ों से बकरी, बछिया और पालतू कुत्तों को उठा ले गए हैं। शाम होते ही वन्यजीवों के भय से लोग घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हो जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि आबादी न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि देश विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अशोक नगर के कटान पीड़ित परिवार आज भी 19 साल पुरानी विस्थापन की पीड़ा झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द आबादी उपलब्ध कराने की मांग करते हुए मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
    user_Meenu barkaati
    Meenu barkaati
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बिजली की अघोषित कटौती से भड़के ग्रामीण: प्रधान नईम अली के नेतृत्व में माधोटांडा-खटीमा मुख्य मार्ग किया चक्काजाम क्या पीलीभीत का विद्युत विभाग पूरी तरह पंगु हो चुका है? घंटों से बिजली गुल रहने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? बार-बार झूठा समय देने का खेल कब बंद होगा? जब निर्धारित समय पर सप्लाई बहाल नहीं की जा सकती, तो ग्रामीणों को गुमराह क्यों किया जाता है? क्या जनता का धरने पर बैठना ही एकमात्र रास्ता बचा है? क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण अपील और शिकायतों की कोई कीमत नहीं रह गई है? अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी? गांव में फैली इस अव्यवस्था और प्रशासनिक नाकामी का जिम्मेदार आखिर कौन है? बिजली की अघोषित कटौती से भड़के ग्रामीण: प्रधान नईम अली के नेतृत्व में माधोटांडा-खटीमा मुख्य मार्ग किया चक्काजाम क्या पीलीभीत का विद्युत विभाग पूरी तरह पंगु हो चुका है? घंटों से बिजली गुल रहने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? बार-बार झूठा समय देने का खेल कब बंद होगा? जब निर्धारित समय पर सप्लाई बहाल नहीं की जा सकती, तो ग्रामीणों को गुमराह क्यों किया जाता है? क्या जनता का धरने पर बैठना ही एकमात्र रास्ता बचा है? क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण अपील और शिकायतों की कोई कीमत नहीं रह गई है? अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी? गांव में फैली इस अव्यवस्था और प्रशासनिक नाकामी का जिम्मेदार आखिर कौन है?
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    बिजली की अघोषित कटौती से भड़के ग्रामीण: प्रधान नईम अली के नेतृत्व में माधोटांडा-खटीमा मुख्य मार्ग किया चक्काजाम



क्या पीलीभीत का विद्युत विभाग पूरी तरह पंगु हो चुका है? घंटों से बिजली गुल रहने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

बार-बार झूठा समय देने का खेल कब बंद होगा? जब निर्धारित समय पर सप्लाई बहाल नहीं की जा सकती, तो ग्रामीणों को गुमराह क्यों किया जाता है?

क्या जनता का धरने पर बैठना ही एकमात्र रास्ता बचा है? क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण अपील और शिकायतों की कोई कीमत नहीं रह गई है?

अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी? गांव में फैली इस अव्यवस्था और प्रशासनिक नाकामी का जिम्मेदार आखिर कौन है?
बिजली की अघोषित कटौती से भड़के ग्रामीण: प्रधान नईम अली के नेतृत्व में माधोटांडा-खटीमा मुख्य मार्ग किया चक्काजाम
क्या पीलीभीत का विद्युत विभाग पूरी तरह पंगु हो चुका है? घंटों से बिजली गुल रहने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
बार-बार झूठा समय देने का खेल कब बंद होगा? जब निर्धारित समय पर सप्लाई बहाल नहीं की जा सकती, तो ग्रामीणों को गुमराह क्यों किया जाता है?
क्या जनता का धरने पर बैठना ही एकमात्र रास्ता बचा है? क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण अपील और शिकायतों की कोई कीमत नहीं रह गई है?
अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी? गांव में फैली इस अव्यवस्था और प्रशासनिक नाकामी का जिम्मेदार आखिर कौन है?
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    News Anchor कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लगाई मुहर डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में होगा मानदेय का भुगतान। लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में 15 सितंबर को पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पंचायत सहायकों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याओं और मांगों को मंत्री के समक्ष रखा। बैठक में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत सहायकों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। 1. डीबीटी से होगा मानदेय का भुगतान पंचायत सहायकों के मानदेय का भुगतान अब सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किए जाने की घोषणा की गई। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने की उम्मीद है। साथ ही पंचायत सहायकों को समय से मानदेय मिलने में सुविधा होगी। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष अन्य लंबित मांगों को भी रखा, जिन पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया गया। पंचायत सहायकों ने बैठक के बाद मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को शासन स्तर पर गंभीरता से सुना गया है।
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    पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लगाई मुहर
डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में होगा मानदेय का भुगतान। 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में 15 सितंबर को पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पंचायत सहायकों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याओं और मांगों को मंत्री के समक्ष रखा।
बैठक में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत सहायकों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
1. डीबीटी से होगा मानदेय का भुगतान
पंचायत सहायकों के मानदेय का भुगतान अब सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किए जाने की घोषणा की गई। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने की उम्मीद है। साथ ही पंचायत सहायकों को समय से मानदेय मिलने में सुविधा होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष अन्य लंबित मांगों को भी रखा, जिन पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया गया। पंचायत सहायकों ने बैठक के बाद मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को शासन स्तर पर गंभीरता से सुना गया है।
    user_संदीप मिश्रा
    संदीप मिश्रा
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • UPI ट्रांजेक्शन पर टैक्स के दावे को लेकर सुप्रिया श्रीनेत का सरकार पर निशाना कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने UPI ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगाए जाने का दावा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल UPI ट्रांजेक्शन करीब ₹314 लाख करोड़ रहा, जिसमें 66% यानी लगभग ₹207 लाख करोड़ के लेनदेन ₹2,000 से अधिक राशि के थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लेनदेन पर टैक्स लगाया गया तो बड़ी रकम की वसूली होगी।
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    UPI ट्रांजेक्शन पर टैक्स के दावे को लेकर सुप्रिया श्रीनेत का सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने UPI ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगाए जाने का दावा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल UPI ट्रांजेक्शन करीब ₹314 लाख करोड़ रहा, जिसमें 66% यानी लगभग ₹207 लाख करोड़ के लेनदेन ₹2,000 से अधिक राशि के थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लेनदेन पर टैक्स लगाया गया तो बड़ी रकम की वसूली होगी।
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house Puranpur, Pilibhit•
    14 hrs ago
  • पीलीभीत : देवहा नदी किनारे मिला नर कंकाल, जांच में जुटी पुलिस पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया ताराचंद गांव में देवहा नदी किनारे नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। मछुआरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक कंकाल करीब एक माह पुराना हो सकता है। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
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    पीलीभीत : देवहा नदी किनारे मिला नर कंकाल, जांच में जुटी पुलिस
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया ताराचंद गांव में देवहा नदी किनारे नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। मछुआरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक कंकाल करीब एक माह पुराना हो सकता है। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
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    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house Puranpur, Pilibhit•
    1 hr ago
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