logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक मामलात विभाग के कैबिनेट मंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, अल्पसंख्यक मामलात विभाग ने पूरे राजस्थान के लिए 700 सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए ₹300 लाख का प्रावधान किया गया है। अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी भगत झाझडिया ने डेडीकेटेड बैच बनाकर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के निदेशक मातादीन मीणा ने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रत्येक जिले में राजस्थान कौशल एवं आजीविका निगम लिमिटेड (RSLDC) के प्रतिनिधि के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य के अनुसार ट्रेडवार डेडीकेटेड बैच बनाएंगे। युवाओं का चयन एक महीने के भीतर संयुक्त रूप से TP (RSLDC) और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा किया जाएगा। उप निदेशक सुशील कुमार ने जानकारी दी कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी प्रस्तावित/संचालित प्रशिक्षण स्थलों का स्वयं निरीक्षण करेंगे ताकि डेडीकेटेड बैच को अंतिम रूप देकर प्रशिक्षण जल्द शुरू किया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत जयपुर के लिए 72, अलवर 57, गंगानगर 47, नागौर 42, जोधपुर 41, भरतपुर 36, अजमेर 34, बाड़मेर 32, हनुमानगढ़ और सीकर में 30-30 तथा सवाईमाधोपुर में 15 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस रोजगारपरक लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्यूटी एंड वेलनेस (सलून एवं ब्यूटी), गारमेंट मेकिंग, हेल्थ केयर, कंप्यूटर/आईटी कोर्स तथा अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण कोर्स शामिल होंगे। राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने बताया कि यह निर्णय समावेशी विकास और 'सबका' की भावना को साकार करेगा, जिससे अल्पसंख्यक वर्ग के युवा कौशल सीखकर अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ सकेंगे। अल्पसंख्यक वर्ग के सभी समुदायों ने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी भगत झाझडिया, संयुक्त शासन सचिव असलम शेर खांन और निदेशक मातादीन मीणा का इस अभिनव पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

13 hrs ago
user_Sudeep Kumar Gaur
Sudeep Kumar Gaur
Local News Reporter बामनवास, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
13 hrs ago
8158d585-7417-4197-8ab8-0e319b75ebe6

मुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक मामलात विभाग के कैबिनेट मंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, अल्पसंख्यक मामलात विभाग ने पूरे राजस्थान के लिए 700 सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए ₹300 लाख का प्रावधान किया गया है। अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी भगत झाझडिया ने डेडीकेटेड बैच बनाकर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के निदेशक मातादीन मीणा ने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रत्येक जिले में राजस्थान कौशल एवं आजीविका निगम लिमिटेड (RSLDC) के प्रतिनिधि के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य के अनुसार ट्रेडवार डेडीकेटेड बैच बनाएंगे। युवाओं का चयन एक महीने के भीतर संयुक्त रूप से TP (RSLDC) और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा किया जाएगा। उप निदेशक सुशील कुमार ने जानकारी दी कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी प्रस्तावित/संचालित प्रशिक्षण स्थलों

bd48bcea-10d9-4c55-9520-46080dacd954

का स्वयं निरीक्षण करेंगे ताकि डेडीकेटेड बैच को अंतिम रूप देकर प्रशिक्षण जल्द शुरू किया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत जयपुर के लिए 72, अलवर 57, गंगानगर 47, नागौर 42, जोधपुर 41, भरतपुर 36, अजमेर 34, बाड़मेर 32, हनुमानगढ़ और सीकर में 30-30 तथा सवाईमाधोपुर में 15 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस रोजगारपरक लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्यूटी एंड वेलनेस (सलून एवं ब्यूटी), गारमेंट मेकिंग, हेल्थ केयर, कंप्यूटर/आईटी कोर्स तथा अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण कोर्स शामिल होंगे। राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने बताया कि यह निर्णय समावेशी विकास और 'सबका' की भावना को साकार करेगा, जिससे अल्पसंख्यक वर्ग के युवा कौशल सीखकर अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ सकेंगे। अल्पसंख्यक वर्ग के सभी समुदायों ने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी भगत झाझडिया, संयुक्त शासन सचिव असलम शेर खांन और निदेशक मातादीन मीणा का इस अभिनव पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।
    1
    माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।

इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे।

पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।

धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।
    1
    गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।

नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए।

पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    11 hrs ago
  • लालसोट पंचायत समिति में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का समापन 20 जून को हुआ। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास को प्रदर्शित करने के लिए लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा, नगर महामंत्री भागचंद सैनी, नगर प्रवक्ता भानु प्रकाश चतुर्वेदी, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक शेड्डलाई, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी, नगर उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी रावत, नगर अनु शर्मा, सैनी मोहन सैनी, अवतार सैनी, जीतू शर्मा, विष्णु राजू शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी अवसर पर लालसोट महिला मंडल द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक पौधा भी लगाया गया। इस प्रकार, '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन हो गया।
    3
    लालसोट पंचायत समिति में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का समापन 20 जून को हुआ। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास को प्रदर्शित करने के लिए लगाई गई थी।

इस प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा, नगर महामंत्री भागचंद सैनी, नगर प्रवक्ता भानु प्रकाश चतुर्वेदी, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक शेड्डलाई, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी, नगर उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी रावत, नगर अनु शर्मा, सैनी मोहन सैनी, अवतार सैनी, जीतू शर्मा, विष्णु राजू शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इसी अवसर पर लालसोट महिला मंडल द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक पौधा भी लगाया गया। इस प्रकार, '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन हो गया।
    user_पत्रकार  : ‌ प्रकाश सैनी
    पत्रकार : ‌ प्रकाश सैनी
    Advertising agency लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
    1
    हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं।

सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
    1
    गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    11 hrs ago
  • केंद्र सरकार द्वारा प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को लेकर दौसा जिला पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आमजन को जागरूक किया है। जिला पुलिस दौसा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की संगठित धोखाधड़ी अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, जिस पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस अधिनियम को यूपीएससी, आरपीएससी, आरआरबी, एसएससी, एनटीए सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को नकल एवं पेपर लीक जैसे अपराधों से मुक्त कर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है। अधिनियम के तहत यदि कोई अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक का कारावास और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, पेपर लीक करने, प्रश्नपत्र बेचने, गिरोह बनाकर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने या अन्य संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। दौसा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज होने वाले सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होगा और दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। दौसा पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभनों, फर्जी एजेंटों या पेपर लीक कराने का दावा करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें। आमजन से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है। “नकल मुक्त परीक्षा ही योग्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है” के संदेश के साथ, राजस्थान पुलिस ने आगामी परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का संकल्प दोहराया है, खासकर नीट परीक्षा को लेकर खाकी अलर्ट मोड पर है और नकल माफियाओं को सख्त चेतावनी दी गई है।
    2
    केंद्र सरकार द्वारा प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को लेकर दौसा जिला पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आमजन को जागरूक किया है। जिला पुलिस दौसा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की संगठित धोखाधड़ी अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, जिस पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस अधिनियम को यूपीएससी, आरपीएससी, आरआरबी, एसएससी, एनटीए सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को नकल एवं पेपर लीक जैसे अपराधों से मुक्त कर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है। अधिनियम के तहत यदि कोई अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक का कारावास और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, पेपर लीक करने, प्रश्नपत्र बेचने, गिरोह बनाकर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने या अन्य संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

दौसा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज होने वाले सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होगा और दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। दौसा पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभनों, फर्जी एजेंटों या पेपर लीक कराने का दावा करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें। आमजन से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।

“नकल मुक्त परीक्षा ही योग्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है” के संदेश के साथ, राजस्थान पुलिस ने आगामी परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का संकल्प दोहराया है, खासकर नीट परीक्षा को लेकर खाकी अलर्ट मोड पर है और नकल माफियाओं को सख्त चेतावनी दी गई है।
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.