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हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

16 hrs ago
user_Ramsingh Meena
Ramsingh Meena
Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
16 hrs ago

हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

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  • गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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    गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    9 hrs ago
  • केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पंचायत समिति लालसोट परिसर में '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने अवलोकन किया। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को चित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित करती है। इस अवसर पर जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, वार्ड पार्षद जेपी सैनी, सोनू बिनोरी और नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा सहित स्कूल के छात्र-छात्राएं और नगर के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी उपस्थित जनों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोजकों ने बताया कि यह '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी 20 जून तक पंचायत समिति लालसोट में आमजन के अवलोकन के लिए जारी रहेगी। इस दौरान नागरिक प्रदर्शनी में पहुंचकर केंद्र सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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    केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पंचायत समिति लालसोट परिसर में '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने अवलोकन किया। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को चित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित करती है।

इस अवसर पर जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, वार्ड पार्षद जेपी सैनी, सोनू बिनोरी और नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा सहित स्कूल के छात्र-छात्राएं और नगर के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी उपस्थित जनों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

आयोजकों ने बताया कि यह '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी 20 जून तक पंचायत समिति लालसोट में आमजन के अवलोकन के लिए जारी रहेगी। इस दौरान नागरिक प्रदर्शनी में पहुंचकर केंद्र सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले के सारसोप ग्राम पंचायत के देवली गांव में ज़मीन से सोना निकलने की अफवाह फैलने के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात कुछ लोगों ने कथित तौर पर सोना खोजने के उद्देश्य से एक स्थान पर खुदाई की थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचा और स्थिति का जायज़ा लिया। अफवाह के कारण क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल बना रहा, जिसके बाद मामले की सत्यता जानने के लिए पुलिस की मौजूदगी में संबंधित स्थान पर खुदाई कर जांच-पड़ताल की गई। इस विस्तृत जांच के दौरान, न तो कोई सोना और न ही कोई अन्य कीमती वस्तु बरामद हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और ऐसी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। ग्रामीणों को अफवाहों से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई है।
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    राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले के सारसोप ग्राम पंचायत के देवली गांव में ज़मीन से सोना निकलने की अफवाह फैलने के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात कुछ लोगों ने कथित तौर पर सोना खोजने के उद्देश्य से एक स्थान पर खुदाई की थी।

इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचा और स्थिति का जायज़ा लिया। अफवाह के कारण क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल बना रहा, जिसके बाद मामले की सत्यता जानने के लिए पुलिस की मौजूदगी में संबंधित स्थान पर खुदाई कर जांच-पड़ताल की गई। इस विस्तृत जांच के दौरान, न तो कोई सोना और न ही कोई अन्य कीमती वस्तु बरामद हुई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और ऐसी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। ग्रामीणों को अफवाहों से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई है।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की सारसोप देवली ग्राम पंचायत में बीती रात कथित तौर पर जमीन में दबे सोने की तलाश में एक गहरे गड्ढे की खुदाई की गई। गांव के कुछ बुजुर्गों का मानना था कि इस स्थान पर वर्षों पहले कोई सोना या कीमती खजाना दबा हुआ है, और इसी विश्वास के आधार पर प्रशासन की निगरानी में यह खुदाई शुरू की गई। खुदाई की खबर तेजी से फैलने के साथ ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए, और देर रात तक खुदाई स्थल पर भारी भीड़ जमा रही। ग्रामीणों में जमीन के नीचे छिपी चीज़ों को जानने की प्रबल उत्सुकता थी; कई लोगों को उम्मीद थी कि ऐतिहासिक वस्तुएं, खजाना या सोना मिल सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खुदाई के लिए मशीनों और श्रमिकों का उपयोग किया गया, जिससे जमीन में काफी गहराई तक एक बड़ा और गहरा गड्ढा बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को रोका जा सके। हालांकि, कई घंटों तक चली इस खुदाई के बावजूद कोई सोना, चांदी, खजाना या अन्य मूल्यवान वस्तु बरामद नहीं हुई; केवल मिट्टी और सामान्य पत्थर ही मिले। इसके बाद प्रशासन ने खुदाई कार्य को बंद कर दिया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि फिलहाल कोई मूल्यवान वस्तु नहीं मिली है और अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने का आग्रह किया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है, और सोशल मीडिया पर खुदाई के वीडियो तथा तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। कुछ लोग इसे केवल एक अफवाह बता रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीणों का मानना है कि भविष्य में और जांच की आवश्यकता हो सकती है। सोने की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को अंततः निराश होकर लौटना पड़ा, लेकिन यह घटना अभी भी क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का मुख्य बिंदु बनी हुई है।
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    सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की सारसोप देवली ग्राम पंचायत में बीती रात कथित तौर पर जमीन में दबे सोने की तलाश में एक गहरे गड्ढे की खुदाई की गई। गांव के कुछ बुजुर्गों का मानना था कि इस स्थान पर वर्षों पहले कोई सोना या कीमती खजाना दबा हुआ है, और इसी विश्वास के आधार पर प्रशासन की निगरानी में यह खुदाई शुरू की गई।

खुदाई की खबर तेजी से फैलने के साथ ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए, और देर रात तक खुदाई स्थल पर भारी भीड़ जमा रही। ग्रामीणों में जमीन के नीचे छिपी चीज़ों को जानने की प्रबल उत्सुकता थी; कई लोगों को उम्मीद थी कि ऐतिहासिक वस्तुएं, खजाना या सोना मिल सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खुदाई के लिए मशीनों और श्रमिकों का उपयोग किया गया, जिससे जमीन में काफी गहराई तक एक बड़ा और गहरा गड्ढा बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को रोका जा सके।

हालांकि, कई घंटों तक चली इस खुदाई के बावजूद कोई सोना, चांदी, खजाना या अन्य मूल्यवान वस्तु बरामद नहीं हुई; केवल मिट्टी और सामान्य पत्थर ही मिले। इसके बाद प्रशासन ने खुदाई कार्य को बंद कर दिया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि फिलहाल कोई मूल्यवान वस्तु नहीं मिली है और अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने का आग्रह किया।

यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है, और सोशल मीडिया पर खुदाई के वीडियो तथा तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। कुछ लोग इसे केवल एक अफवाह बता रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीणों का मानना है कि भविष्य में और जांच की आवश्यकता हो सकती है। सोने की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को अंततः निराश होकर लौटना पड़ा, लेकिन यह घटना अभी भी क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का मुख्य बिंदु बनी हुई है।
    user_SG7 News
    SG7 News
    चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • खंडीप गांव स्थित धरना स्थल पर संत प्रमोद गिरी जी महाराज पहुँचे। इस दौरान वहाँ उपस्थित किसानों ने संत श्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया।
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    खंडीप गांव स्थित धरना स्थल पर संत प्रमोद गिरी जी महाराज पहुँचे। इस दौरान वहाँ उपस्थित किसानों ने संत श्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    10 hrs ago
  • शनिवार को चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। सुबह से ही लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश के कारण किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली, क्योंकि ग्रामीणों का मानना है कि यह बारिश फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति देगी और जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ेगी। बच्चों और युवाओं ने भी इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं बाजारों में भी लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आगामी दिनों में भी क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे आम जनता ने सुकून की सांस ली।
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    शनिवार को चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। सुबह से ही लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा और वातावरण में ठंडक घुल गई।

बारिश के कारण किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली, क्योंकि ग्रामीणों का मानना है कि यह बारिश फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति देगी और जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ेगी। बच्चों और युवाओं ने भी इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं बाजारों में भी लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आगामी दिनों में भी क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे आम जनता ने सुकून की सांस ली।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर शनिवार सुबह से उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव आया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई रिमझिम बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश का यह दौर कभी तेज तो कभी हल्का बना रहा। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों के चेहरों पर राहत दिखाई दी और लंबे समय से उमस व गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश के बाद राहत की सांस ली, वहीं कई लोग खुशनुमा मौसम का आनंद लेते भी नजर आए। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए इसे एक अच्छी शुरुआत माना। इस बारिश से क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ताजगी का अहसास हुआ।
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    चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर शनिवार सुबह से उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव आया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई रिमझिम बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश का यह दौर कभी तेज तो कभी हल्का बना रहा। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों के चेहरों पर राहत दिखाई दी और लंबे समय से उमस व गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश के बाद राहत की सांस ली, वहीं कई लोग खुशनुमा मौसम का आनंद लेते भी नजर आए। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए इसे एक अच्छी शुरुआत माना। इस बारिश से क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ताजगी का अहसास हुआ।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • केंद्र सरकार द्वारा प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को लेकर दौसा जिला पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आमजन को जागरूक किया है। जिला पुलिस दौसा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की संगठित धोखाधड़ी अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, जिस पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस अधिनियम को यूपीएससी, आरपीएससी, आरआरबी, एसएससी, एनटीए सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को नकल एवं पेपर लीक जैसे अपराधों से मुक्त कर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है। अधिनियम के तहत यदि कोई अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक का कारावास और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, पेपर लीक करने, प्रश्नपत्र बेचने, गिरोह बनाकर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने या अन्य संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। दौसा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज होने वाले सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होगा और दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। दौसा पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभनों, फर्जी एजेंटों या पेपर लीक कराने का दावा करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें। आमजन से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है। “नकल मुक्त परीक्षा ही योग्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है” के संदेश के साथ, राजस्थान पुलिस ने आगामी परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का संकल्प दोहराया है, खासकर नीट परीक्षा को लेकर खाकी अलर्ट मोड पर है और नकल माफियाओं को सख्त चेतावनी दी गई है।
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    केंद्र सरकार द्वारा प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को लेकर दौसा जिला पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आमजन को जागरूक किया है। जिला पुलिस दौसा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की संगठित धोखाधड़ी अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, जिस पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस अधिनियम को यूपीएससी, आरपीएससी, आरआरबी, एसएससी, एनटीए सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को नकल एवं पेपर लीक जैसे अपराधों से मुक्त कर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है। अधिनियम के तहत यदि कोई अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक का कारावास और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, पेपर लीक करने, प्रश्नपत्र बेचने, गिरोह बनाकर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने या अन्य संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

दौसा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज होने वाले सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होगा और दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। दौसा पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभनों, फर्जी एजेंटों या पेपर लीक कराने का दावा करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें। आमजन से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।

“नकल मुक्त परीक्षा ही योग्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है” के संदेश के साथ, राजस्थान पुलिस ने आगामी परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का संकल्प दोहराया है, खासकर नीट परीक्षा को लेकर खाकी अलर्ट मोड पर है और नकल माफियाओं को सख्त चेतावनी दी गई है।
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    9 hrs ago
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