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Malkhan Verma
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Raju Bhai1
- बांदा में कांग्रेसियों का मनरेगा बचाओ संग्राम | केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल1
- बादां जनपद के बिकास खंड प्रॉपर बेबेरु के बांदा जनपद के बिकास खंड तिंदवारी ग्रामीण अमली कौर से लडकी पक्ष ने तोडा शादी जो बरात थी 12,फरवरी 2026को,थी लड़की के पिता अचानक 5,12,2025को,सरकार से लाभ लेने के लिए समुह मे रजिसटेसन करवाया था बबेरू समुह से शादी करना चाहता था लेकिन हमारे लडके परदेश मे होने के कारण हम नही पहुच पाऐ इस लिए आज दिनांक 11 01, 20👌6को,अमली कौर से अपनी लडकी का रिसता तोडा साशी पुत्री राममिलन, बबेरू आलहा पुत्र,,कललू अमली कौर4
- बांदा उद्योग व्यापार मंडल द्वारा उत्कृष्ट सेवा सम्मान समारोह मनाया गया जिसमें नजर बाग में हुई चोरी का खुलासा में पुलिस व एसओजी टीम को साल हुआ स्मृति चिन्ह देकर मनोबल बढ़ाया गया लेकिन महिला शक्ति में नाराजगी दिखी ? बाद में मनाया गया.. किया गया1
- अपने वक्त के कुछ पल शायद आपको भी पसंद आएंगा1
- हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति के साक्षी स्वामी विवेकानंद की जयंती और सूर्य सेन की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि ये दोनों महान देशभक्त थे। देश के प्रति इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। स्वामी विवेकानंद युवा हृदय सम्राट थे और सूर्य सेन चटगांव विद्रोह के नायक थे। स्वामी जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को विश्वनाथ दत्त और भुवनेश्वरी देवी के घर कोलकाता में हुआ था। इनका वास्तविक नाम नरेंद्र दत्त था। इनके आदर्श और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। इनका जीवन का एक सूत्र उठो, जागो और तब तक न रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाय, लोगों के लिए जीवन मंत्र बन गया। विश्व धर्म सम्मेलन में 11 सितंबर 1893 में इनका आख्यान विश्व प्रसिद्ध हो गया और ये विश्व में छा गए। रामकृष्ण परमहंस इनके गुरु थे। कालांतर में इनका 4 जुलाई 1902 में बेलूर मठ बंगाल में निधन हो गया। इसी तरह सूर्य सेन का 1894 को चटगांव में रमा निरंजन तथा शशिबाला के घर जन्म हुआ था। ये गणित के शिक्षक थे, इसलिए इन्हें मास्टर दा कहा जाता था। इन्होंने 1930 के चटगांव में गोरों से मुकाबले में युवाओं का नेतृत्व किया था। अंग्रेजों के शस्त्रागार में कब्जा करने के कारण इन्हें चटगांव विद्रोह का नायक कहा गया। इन्हें गिरफ्तार कर चटगांव में ही 12 जनवरी 1934 को फांसी पर लटका दिया गया था। इस कार्यक्रम में सिद्धा, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनरायन सोनकर, विकास, सागर, प्रिन्स, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।1
- कड़कड़ाती ठंड में मानवता की मिसाल: कोनिया ग्राम पंचायत में जरूरतमंदों को कंबल वितरण दैनिक रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। हाड़ कपाने वाली कड़ाके की ठंड में जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं ग्राम पंचायत कोनिया के प्रधान प्रतिनिधि रोहित राजपूत द्वारा मानवता और सेवा भावना की मिसाल पेश की गई। ग्राम पंचायत कोनिया, छतेसर व ज्यादा हैबतपुरा ब्रहनान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जरूरतमंद बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों को ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधान प्रतिनिधि रोहित राजपूत ने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। ठंड से कांप रहे बुजुर्गों के चेहरे पर कंबल पाकर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ रही ठंड में गरीब व असहाय लोगों के लिए यह कंबल किसी वरदान से कम नहीं हैं। कंबल वितरण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लाभार्थियों ने प्रधान प्रतिनिधि रोहित राजपूत को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसी भीषण ठंड में जरूरतमंदों की सुध लेना एक पुण्य का कार्य है। ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस नेक पहल के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रोहित राजपूत ने कहा कि ग्राम पंचायत का दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों के दुख-दर्द में सहभागी बनना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में कोई भी गरीब, बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति ठिठुरने को मजबूर न हो, इसके लिए ग्राम श्रीमती दमयंती राजपूत ने कहा कि आगे भी ऐसे जनहितकारी कार्य करतीं रहेंगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। कंबल वितरण कार्यक्रम से क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक एकजुटता का भाव और मजबूत हुआ।1
- बांदा : उद्योग व्यापार मंडल के द्वारा उत्कृष्ट सम्मान समारोह का किया गया आयोजन, पुलिस कर्मियों को किया गया सम्मानित ..1