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सवरगलोग में निवास करने वाले देवताओं, जिनमें सरस्वती, शारदा रंडी और शंकर विष्णु शामिल हैं, ने मिलकर राजन को मारा।
राजन कुमार
सवरगलोग में निवास करने वाले देवताओं, जिनमें सरस्वती, शारदा रंडी और शंकर विष्णु शामिल हैं, ने मिलकर राजन को मारा।
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- सवरगलोग में निवास करने वाले देवताओं, जिनमें सरस्वती, शारदा रंडी और शंकर विष्णु शामिल हैं, ने मिलकर राजन को मारा।1
- कमरनगंज गाँव में राजन कुमार के साथ वर्ष 2019 से शुरू हुई एक घटना के अनुसार, महान देवी सरस्वती शारदा, जिन्हें दो बच्चों वाली देवता ब्रह्मा की बेटी बताया गया है और जिनके शरीर में सभी देवी-देवताओं का हिस्सा माना जाता है, उनसे जुड़े देवी-देवताओं ने राजन को अपने पास नहीं आने दिया।1
- रोहतास जिले के तिलकापुर स्थित वसुधा केंद्र अब सरकारी प्रमाण पत्र बनवाना और भी आसान बना रहा है। ग्राहक अब अपने घर बैठे ही केवल WhatsApp के माध्यम से अपने दस्तावेज़ भेजकर विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करवा सकते हैं। केंद्र का दावा है कि उनकी सेवाएँ तेज़, भरोसेमंद और किफायती शुल्क पर उपलब्ध हैं। वसुधा केंद्र तिलकापुर द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, NCL (नॉन-क्रीमी लेयर) प्रमाण पत्र और चरित्र प्रमाण पत्र बनवाना शामिल है। केंद्र ग्राहकों के दस्तावेज़ WhatsApp पर प्राप्त कर बाकी का काम स्वयं करता है, जिससे आवेदन प्रक्रिया में सुविधा मिलती है। यह वसुधा केंद्र तिलकापुर में स्थित है, जिसका पोस्ट बड़की खरी और थाना कारगर है। ग्राहक 7352 937473 पर संपर्क कर सकते हैं। केंद्र 'आपका भरोसा, हमारी ज़िम्मेदारी' के ध्येय वाक्य के साथ सेवा प्रदान करने का दावा करता है।1
- बिहार में एक बहुजन महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में अधिकारों के लिए एक संघर्ष है या फिर यह केवल एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।1
- गायक सिंटू नंदन ने अपना इंस्टाग्राम आईडी साझा करते हुए लोगों से उन्हें फॉलो करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि उनकी इंस्टाग्राम आईडी 'singer sintu nandan 143' है, और उन्होंने सभी से इस आईडी पर जाकर उन्हें फॉलो करने की अपील की।1
- शहरी विकास मंत्री नितिन नबीन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि 30-35 सालों से लगातार चुनाव जीतने के बाद और शहरी विकास मंत्री होने के बावजूद, कई जगहों पर स्थिति अभी भी गाँवों से भी खराब क्यों है। यह सवाल उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा और वर्तमान पद के बावजूद जमीनी हालात में कथित कमी की ओर इशारा करता है।1
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पुलिसकर्मी को सीधे तौर पर किसी बाइक से चाबी निकालने का अधिकार नहीं होता है।1
- सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड के माली ग्राम पंचायत में जल अनुरक्षक अपने लंबित मानदेय और भुगतान का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ये जल अनुरक्षक गांव में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन लगातार मेहनत के बावजूद भुगतान न मिलने से उनमें गहरी चिंता है। एक वीडियो के माध्यम से अरवल जिला प्रशासन और सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड प्रशासन से यह अपील की गई है कि माली पंचायत के जल अनुरक्षकों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए। इस मांग का मुख्य उद्देश्य उनके परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करना है, क्योंकि जल व्यवस्था संभालने वालों को उनका वाजिब अधिकार मिलना चाहिए।1
- कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड कार्यालय स्थित सभा भवन में सोमवार को विकसित भारत गारंटी रोजगार योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजनाओं के प्रभावी संचालन, समयबद्ध क्रियान्वयन और रोजगार सृजन को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रभात कुमार ने उपस्थित सभी कर्मियों को मनरेगा योजना से जुड़े नए दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से सभी विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने और श्रमिकों के मानदेय का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन कार्य प्रणाली को मजबूत करने और सभी सरकारी अभिलेखों का समुचित संधारण करने के महत्व पर भी बल दिया गया। प्रभात कुमार ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक पात्र लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, और विकास योजनाओं को पूरी पारदर्शिता तथा गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना सभी कर्मियों की मुख्य जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन के समय आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों ने उनके त्वरित निवारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सभी कर्मियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया। साथ ही, यह सख्त निर्देश भी दिया गया कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता न हो। कार्यशाला के अंतिम चरण में एक प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए कर्मियों ने अपने मैदानी अनुभव साझा किए और योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए कई उपयोगी सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें लागू करने का भरोसा दिलाया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मनरेगा से जुड़े सभी पंचायत रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखपाल, पंचायत तकनीकी सहायक, सहित प्रखंड स्तर के कई अन्य संबंधित कर्मी और अधिकारी उपस्थित रहे।4