पटना के राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान देव वृक्ष पीपल, बरगद और पाकड़ (जिन्हें त्रिदेव कहा गया) के पौधे लगाए गए। पर्यावरण प्रहरी संजीव कश्यप ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसमें प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) का विशेष सहयोग रहा। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि जल, जमीन, जंगल, जानवर और जन (मानव) पर्यावरण के आधार हैं। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। शाण्डिल्य ने प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि वे अपने घर के आसपास कम से कम 10 पौधे लगाएं और पाँच वर्षों तक उनकी देखभाल करें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रही है और अब तक 1,24,153 पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वृक्षों के संरक्षण, प्राकृतिक ऑक्सीजन, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ. मोहन सिंह, राम बिलास शाण्डिल्य, संजीव कश्यप और प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान में भाग लिया।
पटना के राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान देव वृक्ष पीपल, बरगद और पाकड़ (जिन्हें त्रिदेव कहा गया) के पौधे लगाए गए। पर्यावरण प्रहरी संजीव कश्यप ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसमें प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) का विशेष सहयोग रहा। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि जल, जमीन, जंगल, जानवर और जन (मानव) पर्यावरण के आधार हैं। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। शाण्डिल्य ने प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि वे अपने घर के आसपास कम से कम 10 पौधे लगाएं और पाँच वर्षों तक उनकी देखभाल करें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रही है और अब तक 1,24,153 पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वृक्षों के संरक्षण, प्राकृतिक ऑक्सीजन, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ. मोहन सिंह, राम बिलास शाण्डिल्य, संजीव कश्यप और प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान में भाग लिया।
- पटना के राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान देव वृक्ष पीपल, बरगद और पाकड़ (जिन्हें त्रिदेव कहा गया) के पौधे लगाए गए। पर्यावरण प्रहरी संजीव कश्यप ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसमें प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) का विशेष सहयोग रहा। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि जल, जमीन, जंगल, जानवर और जन (मानव) पर्यावरण के आधार हैं। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। शाण्डिल्य ने प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि वे अपने घर के आसपास कम से कम 10 पौधे लगाएं और पाँच वर्षों तक उनकी देखभाल करें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रही है और अब तक 1,24,153 पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वृक्षों के संरक्षण, प्राकृतिक ऑक्सीजन, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ. मोहन सिंह, राम बिलास शाण्डिल्य, संजीव कश्यप और प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान में भाग लिया।1
- पके हुए प्राकृतिक अमरूद को मसलकर एक विशेष जैव रसायन तैयार किया जा रहा है। इस जैव रसायन का उद्देश्य पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देना, हरियाली में सुधार लाना और उनके उत्पादन को बढ़ाना है।1
- लखीसराय के केएसएस कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने 78वें स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्घाटन प्रो. अमित कुमार, विकास कुमार और प्रो. अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से किया। ABVP के विभाग संयोजक मनीष यदुवंशी और जिला संयोजक साहिल प्रकाश ने रक्तदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए युवाओं से नियमित रक्तदान करने का आह्वान किया। शिविर में परिषद के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ रक्तदान किया, जिससे सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश प्रसारित हुआ।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित गरसंडा गांव निवासी छोटू यादव के 35 वर्षीय पुत्र सरवन यादव पटना के एक निजी अस्पताल, श्री साईं कृपा हॉस्पिटल, से लापता हो गए हैं, जिससे उनके परिजन गहरे सदमे और परेशानी में हैं। सरवन यादव को एक दुर्घटना के बाद लखीसराय के एक निजी क्लीनिक में शुरुआती इलाज मिला था, जिसके बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें पटना लाया गया था। उन्हें 2 जुलाई को पटना के श्री साईं कृपा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मरीज की गंभीर हालत के मद्देनजर उन्हें आईसीयू में रखा गया था। परिजनों के अनुसार, उसी रात लगभग 2:00 बजे उन्हें आईसीयू से बाहर जाने के लिए कहा गया और इसके करीब आधे घंटे बाद सरवन यादव अस्पताल से गायब हो गए। परिजनों ने जब मरीज की खोजबीन की और अस्पताल से इलाज संबंधी कागजात मांगे, तो कथित तौर पर अस्पताल कर्मियों ने उन कागजातों को फाड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित होकर परिजनों ने पटना स्थित रामचंद्र नगर थाना में मामला दर्ज कराया। हालांकि, पांच दिन बीत जाने के बावजूद भी अभी तक न तो अस्पताल कर्मियों ने युवक के बारे में कोई जानकारी दी है कि वह जीवित है या मृत, और न ही पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की गई है। इसके उलट, परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां से चले जाने का दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है कि यदि वे नहीं जाते तो उन पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।1
- महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर एक बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। बताया गया है कि यह कथित घोटाला विशेष रूप से बारिश के मौसम से जुड़ा है। इस मामले को लेकर पोस्ट में दावा किया गया है कि लोग इसे जानकर हैरान रह जाएंगे।1
- जमुई में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर बाबू की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी सादगी को याद किया गया। इस मौके पर सुबोध कुमार मंडल ने चंद्रशेखर बाबू की सादगी का स्मरण किया।1
- लखीसराय जिला मुख्यालय स्थित मंत्रणा कक्ष सभागार में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या-03/2026 के तहत निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक (मद्य निषेध) पद के लिए आयोजित होने वाली प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर एक संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने की। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी पंकज मुकुल मणि, साइबर डीएसपी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। ब्रीफिंग के दौरान परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी एवं प्रशासनिक समन्वय को प्रभावी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों ने भी परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर अपने-अपने सुझाव साझा किए। इन तैयारियों के मद्देनजर, लखीसराय प्रशासन अवर निरीक्षक प्रारंभिक परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है।1
- लखीसराय के हनुमान नगर निवासी विष्णु देव राम पिछले 18 दिनों से लापता हैं, जिससे उनके परिजन अत्यधिक परेशान हैं। उनके पुत्र मनु कुमार और पत्नी सहिंता देवी ने बताया कि विष्णु देव राम 22 जून को शेखपुरा जिले के बिलोनी गांव में अपनी बहन के यहां गए थे। वहां से वह अपने भगीना लोकेश राम, जो बिलोनी गांव के निवासी मथुरा राम के पुत्र हैं, के साथ हुसैन गांव में अपने भतीजे कुणाल कुमार से मिलने गए, जिसका इलाज वहां चल रहा था। हुसैन गांव से वापसी में, विष्णु देव राम अपने भगीना लोकेश राम के साथ बाइक से लखीसराय आने के लिए शेखपुरा बाजार पहुंचे, जहाँ उन्हें गया-हावड़ा ट्रेन पकड़नी थी। शेखपुरा बाजार में वाहन चेकिंग के कारण लोकेश राम ने विष्णु देव राम को बाजार में ही उतार दिया और खुद वापस लौट गए। तब से विष्णु देव राम आज तक गायब हैं। इस मामले में शेखपुरा रेलवे थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक उनका कहीं भी पता नहीं चल पाया है। परिजन लगातार दूरभाष पर अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कहीं से भी कोई सूचना नहीं मिल रही है, जिससे वे पूरी तरह से हताश हैं। विष्णु देव राम की पत्नी सहिंता देवी ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को वीडियो और फोटो में दिख रहे विष्णु देव राम कहीं दिखते या मिलते हैं, तो कृपया दूरभाष संख्या 7654856702 पर इसकी जानकारी दें। उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई उस वृद्ध व्यक्ति को लेकर आता है, तो उन्हें आने-जाने का किराया और प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।1
- लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के अलीनगर गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ पति नाको बिंद ने अपनी 35 वर्षीय पत्नी सहोदरी देवी की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। अपराध को छिपाने की नीयत से आरोपी पति ने अपनी पत्नी के शव को घर के अंदर ही मिट्टी में दफन कर दिया था। इस जघन्य वारदात का खुलासा लगभग 10 घंटे बाद तब हुआ, जब रात करीब 10 बजे मृतका की पालतू बकरियों के लगातार मिमियाने और ग्रामीणों के बढ़ते संदेह के कारण घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ग्रामीणों ने घर के भीतर मिट्टी में दबे शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल आरोपी पति को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1