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वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड अंतर्गत मथना मिलिक पंचायत के वार्ड संख्या 10 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद भी स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। योजना पर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। खास बात यह है कि जल मीनार की टंकी की सफाई भी नहीं की गई है, जिससे समस्या और भी गंभीर हो गई है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सही पानी न मिलने से भीषण गर्मी में स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहारी लाइव खबर
वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड अंतर्गत मथना मिलिक पंचायत के वार्ड संख्या 10 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद भी स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। योजना पर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। खास बात यह है कि जल मीनार की टंकी की सफाई भी नहीं की गई है, जिससे समस्या और भी गंभीर हो गई है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सही पानी न मिलने से भीषण गर्मी में स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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- इतिहास केवल किताबों में दर्ज नहीं होता, बल्कि यह हमारे गांवों, हमारे अतीत और हमारे पूर्वजों के कार्यों में भी छिपा है, जिसे आज धीरे-धीरे भुलाया जा रहा है। इसी संदर्भ में, पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड, ग्राम पंचायत राज बनकट मठिया के आदर्श मुखिया और समाजवादी नेता स्वर्गीय वीर प्रसाद सिंह जी की कहानी सामने आती है। वीर प्रसाद सिंह को एक ऐसे जननेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने अभाव के दौर में भी महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके द्वारा किए गए कार्य इतने उल्लेखनीय थे कि आज भी लोग उन्हें इतिहास के रूप में याद करते हैं।1
- वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड अंतर्गत मथना मिलिक पंचायत के वार्ड संख्या 10 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद भी स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। योजना पर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। खास बात यह है कि जल मीनार की टंकी की सफाई भी नहीं की गई है, जिससे समस्या और भी गंभीर हो गई है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सही पानी न मिलने से भीषण गर्मी में स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें एक महिला गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वीडियो के माध्यम से प्रशासन से अपील की जा रही है कि वे इस मामले पर ध्यान दें और वायरल वीडियो को देखें।1
- हाजीपुर में एक युवक ने अपनी जमाबंदी में सुधार कराने के लिए समाहर्ता से गुहार लगाई है। इस मामले में युवक ने न्याय की मांग करते हुए राजस्व मंत्री से भी अपील की है।1
- मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में केरमा लालू चौक पर स्थित आर. के. फूल भंडार सभी शुभ अवसरों के लिए व्यापक सजावट सेवाएँ प्रदान करता है। प्रो. रामनाथ जी के नेतृत्व में, यह भंडार कुशल कारीगरों द्वारा गाड़ी, मरवा, जयमाला स्टेट, मंडप, सेज और बैलून सजावट का काम करवाता है। ग्राहकों से एक बार सेवा करने का मौका देने का अनुरोध किया गया है, और इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए मो. 9650844363 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और NEET पेपर लीक मामले को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, जब कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा दफ्तर का घेराव करने निकले, तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई के कारण कार्यकर्ता और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे पूरे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।1
- बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार शाम को लालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा एक फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व लालगंज सदर एसडीपीओ-2 गोपाल मंडल ने किया, जिसमें शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। फ्लैग मार्च की शुरुआत थाना परिसर से हुई और यह पैदल बड़ी मस्जिद, भट्ठी पोखर, बड़ी दुर्गा मंदिर, गांधी चौक, तिनपुलवा चौक से होते हुए महाराणा प्रताप चौक तक पहुंचा। इसके बाद, पुलिस टीम ने कोबा मोहम्मदपुर और कमालपुर गांव में भी फ्लैग मार्च कर लोगों से आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखने का आग्रह किया। इस दौरान अंचलाधिकारी स्मृति साहनी और थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार सहित दर्जनों पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौजूद रहे, जिन्होंने इस शांति पहल में सक्रिय भूमिका निभाई।1
- गुजरात के अहमदाबाद में RBI से जुड़े एक करेंसी चेस्ट से 8 करोड़ 70 लाख रुपये की बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह नकदी सफाई के बहाने बाहर निकाली गई थी। इस चोरी के बाद से बंगला, गाड़ी, दुकान और लाखों के लेनदेन को लेकर भी गंभीर चर्चाएँ गरमाई हुई हैं। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा और चिंताजनक सवाल यह खड़ा होता है कि यदि यह चोरी जनवरी महीने में हुई थी, तो इसकी जानकारी देश को मई में जाकर क्यों मिली? यह प्रश्न सीधे तौर पर सिस्टम की जवाबदेही पर निशान लगाता है कि क्या इस दौरान सिस्टम सो रहा था या फिर जानबूझकर उसकी आँखें बंद थीं।1