मीरजापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में दिनांक 03.07.2026 को सचिन कटारे नामक व्यक्ति ने अपने ड्राइवर सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति के साथ हुई कथित लूट की सूचना दी थी। शिकायत के अनुसार, दिनांक 02.07.2026 को ये दोनों दुकान का माल बेचकर मीरजापुर लौट रहे थे, तभी मड़िहान के दाती बेला मंदिर के पास दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने उनसे बिक्री के पैसों से भरा बैग छीन लिया। इस सूचना पर मड़िहान पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 164/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, अपर्णा रजत कौशिक, ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्रांधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन कर आवश्यक निर्देश दिए थे। चालक और सेल्समैन ने बताया था कि घटना वाले दिन वे लगभग 12:30 बजे मीरजापुर के बाजीराव कटरा से सप्लाई के लिए निकले थे और मड़िहान, जमुई, कलवारी, घोरावल, बनरदेवा, नदीहार राजगढ़, भावा होते हुए वापस मीरजापुर जा रहे थे, जब बेला मंदिर के पास यह कथित लूट हुई। हालांकि, विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी डेटा, मानवीय खुफिया जानकारी और अन्य सबूतों के आधार पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि ड्राइवर सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति ने खुद ही आर्थिक तंगी और बंधन बैंक के लोन के कारण सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। उन्होंने बिक्री से मिले पैसे को निजी उपयोग के लिए आपस में बांट लिया था। घटना को वास्तविक दिखाने के लिए सुनील कुमार और राजकुमार ने अपनी गाड़ी के अगले बाएं टायर को धारदार/नुकीले औजार या गिट्टी पर चढ़ाकर फाड़ दिया और गाड़ी में रखे जैक से शीशे को तोड़ा था। इस प्रकार, पुलिस और मालिक सचिन कटारे को लूट की एक मनगढ़ंत कहानी बनाकर झूठी सूचना दी गई थी। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर थाना मड़िहान पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि मड़िहान क्षेत्र में हुई यह 'लूट' की घटना वास्तव में चालक और सेल्समैन द्वारा पैसे हड़पने की एक सुनियोजित साजिश थी।
मीरजापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में दिनांक 03.07.2026 को सचिन कटारे नामक व्यक्ति ने अपने ड्राइवर सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति के साथ हुई कथित लूट की सूचना दी थी। शिकायत के अनुसार, दिनांक 02.07.2026 को ये दोनों दुकान का माल बेचकर मीरजापुर लौट रहे थे, तभी मड़िहान के दाती बेला मंदिर के पास दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने उनसे बिक्री के पैसों से भरा बैग छीन लिया। इस सूचना पर मड़िहान पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 164/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, अपर्णा रजत कौशिक, ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्रांधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन कर आवश्यक निर्देश दिए थे। चालक और सेल्समैन ने बताया था कि घटना वाले दिन वे लगभग 12:30 बजे मीरजापुर के बाजीराव कटरा से सप्लाई के लिए निकले थे और मड़िहान, जमुई, कलवारी, घोरावल, बनरदेवा, नदीहार राजगढ़, भावा होते हुए वापस मीरजापुर जा रहे थे, जब बेला मंदिर के पास यह कथित लूट हुई। हालांकि, विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी डेटा, मानवीय खुफिया जानकारी और अन्य सबूतों के आधार पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि ड्राइवर सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति ने खुद ही आर्थिक तंगी और बंधन बैंक के लोन के कारण सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। उन्होंने बिक्री से मिले पैसे को निजी उपयोग के लिए आपस में बांट लिया था। घटना को वास्तविक दिखाने के लिए सुनील कुमार और राजकुमार ने अपनी गाड़ी के अगले बाएं टायर को धारदार/नुकीले औजार या गिट्टी पर चढ़ाकर फाड़ दिया और गाड़ी में रखे जैक से शीशे को तोड़ा था। इस प्रकार, पुलिस और मालिक सचिन कटारे को लूट की एक मनगढ़ंत कहानी बनाकर झूठी सूचना दी गई थी। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर थाना मड़िहान पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि मड़िहान क्षेत्र में हुई यह 'लूट' की घटना वास्तव में चालक और सेल्समैन द्वारा पैसे हड़पने की एक सुनियोजित साजिश थी।
- मीरजापुर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशानुसार एक विशेष 12 घंटे का अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाया है, जिसके तहत जनपद में बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 31 वांछित, वारंटी और अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 23 वारंटी, 4 वांछित अपराधी और 4 अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।1
- मीरजापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में दिनांक 03.07.2026 को सचिन कटारे नामक व्यक्ति ने अपने ड्राइवर सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति के साथ हुई कथित लूट की सूचना दी थी। शिकायत के अनुसार, दिनांक 02.07.2026 को ये दोनों दुकान का माल बेचकर मीरजापुर लौट रहे थे, तभी मड़िहान के दाती बेला मंदिर के पास दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने उनसे बिक्री के पैसों से भरा बैग छीन लिया। इस सूचना पर मड़िहान पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 164/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, अपर्णा रजत कौशिक, ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्रांधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन कर आवश्यक निर्देश दिए थे। चालक और सेल्समैन ने बताया था कि घटना वाले दिन वे लगभग 12:30 बजे मीरजापुर के बाजीराव कटरा से सप्लाई के लिए निकले थे और मड़िहान, जमुई, कलवारी, घोरावल, बनरदेवा, नदीहार राजगढ़, भावा होते हुए वापस मीरजापुर जा रहे थे, जब बेला मंदिर के पास यह कथित लूट हुई। हालांकि, विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी डेटा, मानवीय खुफिया जानकारी और अन्य सबूतों के आधार पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि ड्राइवर सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति ने खुद ही आर्थिक तंगी और बंधन बैंक के लोन के कारण सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। उन्होंने बिक्री से मिले पैसे को निजी उपयोग के लिए आपस में बांट लिया था। घटना को वास्तविक दिखाने के लिए सुनील कुमार और राजकुमार ने अपनी गाड़ी के अगले बाएं टायर को धारदार/नुकीले औजार या गिट्टी पर चढ़ाकर फाड़ दिया और गाड़ी में रखे जैक से शीशे को तोड़ा था। इस प्रकार, पुलिस और मालिक सचिन कटारे को लूट की एक मनगढ़ंत कहानी बनाकर झूठी सूचना दी गई थी। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर थाना मड़िहान पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि मड़िहान क्षेत्र में हुई यह 'लूट' की घटना वास्तव में चालक और सेल्समैन द्वारा पैसे हड़पने की एक सुनियोजित साजिश थी।1
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- पुणे में पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान एक नई बनी सड़क बीच से अचानक फट गई। इस घटना के परिणामस्वरूप सड़क से पानी का एक भयानक फव्वारा निकलने लगा। इस पूरे वाकये का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर किसानों का आक्रोश 410वें दिन भी लगातार जारी है। 'जमीन बचाओ' के नारे के साथ चल रहे इस धरने ने प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जहां किसान अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। सेमरीहवा टोला स्थित बछनार बिरबाबा देवस्थान पर यह आंदोलन भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा के नेतृत्व में चल रहा है। आंदोलनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि चकबंदी विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिसके कारण उनकी जमीनों के साथ अन्याय किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के मिर्जापुर महामंत्री डॉ. राम प्यारे सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक चकबंदी में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक गांव में चकबंदी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो जल्द ही पांच सूत्री मांगों को लेकर एक महापंचायत बुलाई जाएगी, जिससे आंदोलन और उग्र रूप लेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं, भाकियू (लोक शक्ति) सोनभद्र के जिला सचिव संजय कुमार यादव ने प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए किसानों की समस्याओं की अनदेखी पर सवाल उठाए। उन्होंने भैसवार गांव के किसानों के लिए न्याय और तत्काल राहत की मांग की और चेताया कि चकबंदी अनियमितताओं पर जल्द से जल्द आख्या प्रस्तुत न करने पर किसी भी समस्या की जिम्मेदारी जिलाधिकारी और चकबंदी अधिकारी की होगी। धरना स्थल पर बिरजू कुशवाहा, संजय कुमार यादव, डॉ. राम प्यारे सिंह, मनोज कुमार यादव, सुभाष चंद्र, विनोद मौर्य, राम मूरत मौर्य, काशीनाथ, ओमप्रकाश गुप्ता और रामलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद हैं। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक अन्याय रुकेगा नहीं, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा।1
- मीरजापुर जिले के हलिया क्षेत्र में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने प्राथमिक विद्यालय भटवारी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों के पठन-पाठन पर विशेष ध्यान दें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने भी विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और शिक्षकों को नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करने तथा छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार लाने पर जोर देने के लिए निर्देशित किया।1
- बदायूं के उझानी नगर में दानवीर शिरोमणि, राष्ट्रभक्त और मेवाड़ के गौरव श्री भामाशाह जी की जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा माहौर वैश्य युवा समिति उझानी के तत्वावधान में निकाली गई। इस यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और समाज एकता का संदेश दिया गया, जिसमें समाज के हजारों महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ सहभागिता की। इस दौरान पूरे उझानी में राष्ट्रभक्ति के जयघोष गूंजते रहे।1
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