उत्तर प्रदेश के बरसाना धाम में आगरा निवासी 13 वर्षीय आराध्य, भगवान राधा रानी के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का एक अद्भुत और अनोखा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कमलेश गुप्ता और सीमा गुप्ता के पुत्र आराध्य हाथों के बल लगभग 7 किलोमीटर लंबी बरसाना की पक्की परिक्रमा कर रहे हैं। उनके इस कठिन और दृढ़ संकल्प को देखकर श्रद्धालु न केवल आश्चर्यचकित हैं, बल्कि उनकी भक्ति की सराहना भी कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और अपनी यह विशेष परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे 8 वर्ष की आयु से ही इस कठिन अभ्यास की तैयारी कर रहे थे। उनकी माता सीमा गुप्ता ने इस दौरान हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया है। अपनी इस अनूठी उपलब्धि को दर्ज कराने के लिए आराध्य ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आवेदन भी किया है। हालांकि, उनका नाम इन रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा या नहीं, यह भविष्य की बात है, लेकिन फिलहाल उनकी इस अद्भुत भक्ति और असाधारण दृढ़ संकल्प की चर्चा पूरे बरसाना धाम और सभी श्रद्धालुओं के बीच हो रही है, जिससे सभी भाव-विभोर हैं।
उत्तर प्रदेश के बरसाना धाम में आगरा निवासी 13 वर्षीय आराध्य, भगवान राधा रानी के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का एक अद्भुत और अनोखा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कमलेश गुप्ता और सीमा गुप्ता के पुत्र आराध्य हाथों के बल लगभग 7 किलोमीटर लंबी बरसाना की पक्की परिक्रमा कर रहे हैं। उनके इस कठिन और दृढ़ संकल्प को देखकर श्रद्धालु न केवल आश्चर्यचकित हैं, बल्कि उनकी भक्ति की सराहना भी कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और अपनी यह विशेष परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे 8 वर्ष की आयु से ही इस कठिन अभ्यास की तैयारी कर रहे थे। उनकी माता सीमा गुप्ता ने इस दौरान हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया है। अपनी इस अनूठी उपलब्धि को दर्ज कराने के लिए आराध्य ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आवेदन भी किया है। हालांकि, उनका नाम इन रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा या नहीं, यह भविष्य की बात है, लेकिन फिलहाल उनकी इस अद्भुत भक्ति और असाधारण दृढ़ संकल्प की चर्चा पूरे बरसाना धाम और सभी श्रद्धालुओं के बीच हो रही है, जिससे सभी भाव-विभोर हैं।
- कृषि विभाग द्वारा एक प्राकृतिक खेती कार्यक्रम की योजना का आयोजन किया गया है। इस योजना की जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी द्वारा दी गई है।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत, डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव चौधरी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। डीग के गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा में राहुल गांधी द्वारा दी गई प्रस्तुति को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। श्री राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से जूझ रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का परिणाम है, वहीं NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की लगातार विफलताएँ छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा पैदा कर रही हैं, जिसके चलते छात्र आत्महत्याएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी एक समन्वित राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रही है ताकि छात्रों की चिंताओं को जनता तक पहुँचाया जा सके और वर्तमान शिक्षा व परीक्षा प्रणाली की व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया जा सके। राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के उद्बोधन को दोहराते हुए कहा कि आज पाँच बड़े इम्तेहानों (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) के परीक्षार्थियों से व्यवस्थित तरीके से 3.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। यह राशि भारत सरकार के पाँच प्रमुख मंत्रालयों (शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान, एवं महिला और बाल विकास) के संयुक्त बजट के बराबर है, जबकि भारत का संपूर्ण शिक्षा बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि भारत की शिक्षा प्रणाली चयन का नहीं, बल्कि संरचनात्मक अस्वीकृति का एक क्रूर माध्यम बन चुकी है, जहाँ आज का युवा इस व्यवस्था की वसूली मशीन के चक्रव्यूह में फंसा दिया गया है। जलिश खान ने भी राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का हवाला देते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली नवाचार को कुचलकर युवाओं को केवल पाँच विकल्पों (इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS, और शस्त्रबल) तक सीमित कर देती है। देशराज मीणा प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि 15 लाख आवेदक एक हजार रिक्तियों के लिए लड़ते हैं और बाकी छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होता, जो कि सपनों का गला घोंटने की व्यवस्था है। जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम छात्रों को चुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने (रिजेक्ट) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसके कारण अधिकतर छात्र अवसाद में आ जाते हैं और केवल 1.2% स्नातकों को वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है, वहीं करीब 80% इंजीनियर बेरोजगार हैं जिन्हें गिग इकोनॉमी के अनिश्चित भविष्य में धकेला जा रहा है। पंकज भूषण ब्लॉक अध्यक्ष डीग ने मानवीय संवेदना की बात करते हुए राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का जिक्र किया कि माताएं बच्चों के भविष्य को लेकर कच्ची नींद में रहती हैं। शिक्षा और रोजगार के इस संकट के समाधान हेतु राहुल गांधी ने तीन विकल्प बताए: हर छात्र को पाँच विकल्पों से परे बड़े और मौलिक सपने देखने की आज़ादी हो, छात्र के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी परिवार की नहीं बल्कि देश और शिक्षाप्रणाली की हो, और शिक्षा बिना किसी वसूली तथा आर्थिक शोषण के न्यूनतम लागत पर उपलब्ध हो। भवानी शंकर ब्लॉक अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार को "तबेला" बताते हुए कहा कि उसके मंत्री ही ACB कार्यालय पहुँच कर जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीग जिले में न्याय और कानून व्यवस्था ठप होने का ज्वलंत उदाहरण दिया, जहाँ नगर के ग्राम बूडली में पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए मानव समुदाय और पशुओं से क्रूरता की गई है। इसके साथ ही, डीग जिले में निजी धर्मयात्री वाहनों से पुलिस द्वारा गलत स्पीड चालान बनाकर और रात्रि गश्त के दौरान अवैध वसूली की जा रही है, तथा पुलिस कर्मचारी वैध जमीन मालिकों के प्लाटों व खेतों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में गलत तरीके से कब्जा करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संविधान का वन अधिकारियों द्वारा सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन में वर्तमान राज्य और केंद्रीय सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- मथुरा जनपद के बरसाना धाम में आगरा के 13 वर्षीय आराध्य गुप्ता ने आस्था, संकल्प और अदम्य साहस का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी स्वर्गीय दादी की पावन स्मृति को समर्पित करते हुए, राधा रानी धाम बरसाना के लगभग 7 किलोमीटर लंबे पक्के परिक्रमा मार्ग को हाथों के बल पूरा करने का संकल्प लिया है। यह कठिन परिक्रमा उन्होंने हाल ही में शुरू की है। आराध्य आगरा के प्रतीक विहार फेस-2 के निवासी हैं और उनके परिवार में पिता कमलेश गुप्ता, माता सीमा गुप्ता तथा जुड़वां बहन आराध्या गुप्ता शामिल हैं। परिवार के अनुसार, आराध्य में बचपन से ही आध्यात्मिक संस्कार रहे हैं और वे नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। आराध्य ने बताया कि वे पिछले 8 वर्षों से इस अभ्यास में लगे हुए हैं, और उनकी मां सीमा गुप्ता हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाती हैं तथा कठिन अभ्यास के दौरान उनका उत्साह बनाए रखती हैं। उनकी यह अनोखी परिक्रमा श्रद्धा, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का सशक्त संदेश दे रही है। आराध्य का मुख्य सपना इस असाधारण उपलब्धि के माध्यम से अपना नाम Guinness World Records में दर्ज कराना है। इसके लिए उन्होंने India Book of Records, Limca Book of Records और Asia Book of Records में भी अपना नाम दर्ज कराने हेतु आवेदन किया है। स्थानीय श्रद्धालु भी आराध्य के इस अद्वितीय प्रयास की सराहना कर रहे हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य के साथ-साथ विश्व रिकॉर्ड के सपने के सफल होने की कामना कर रहे हैं।1
- बरसाना धाम में एक 13 वर्षीय आराध्य नामक बच्चे ने श्री राधा रानी के प्रति अपनी अनूठी भक्ति का प्रदर्शन कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है। आगरा निवासी कमलेश गुप्ता और सीमा गुप्ता के जुड़वाँ पुत्र आराध्य, 7 किलोमीटर लंबे बरसाना धाम के पक्के परिक्रमा मार्ग पर हाथों के बल परिक्रमा कर रहे हैं। उनके इस असाधारण प्रदर्शन को देखकर भक्त और श्रद्धालु अपनी दाँतों तले उंगलियाँ दबा रहे हैं और उनकी अद्वितीय भक्ति की सराहना कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वे बचपन से ही धार्मिक स्वभाव के रहे हैं और अपनी यह अनूठी परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे 8 वर्ष की उम्र से इस कार्य का अभ्यास कर रहे हैं और उनकी माताजी हमेशा उनका हौसला बढ़ाती रही हैं। इस आश्चर्यजनक कारनामे के लिए आराध्य ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन भी किया है। हालाँकि, रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज होगा या नहीं, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन फिलहाल 13 वर्षीय आराध्य की राधा रानी के प्रति यह भक्ति और चकित करने वाला अनूठा प्रदर्शन चारों ओर चर्चा का विषय बना हुआ है।3
- भारतीय किसान यूनियन सुनील के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर किराम में एक भव्य कार्य किया।1
- बरसाना धाम में आगरा के रहने वाले कमलेश गुप्ता और सीमा गुप्ता के 13 वर्षीय पुत्र आराध्य, राधा रानी के प्रति अपनी अनूठी भक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। आराध्य बरसाना धाम के 7 किलोमीटर लंबे पक्के परिक्रमा मार्ग पर हाथों के बल राधा रानी की परिक्रमा लगा रहे हैं। उनके इस आश्चर्यजनक प्रदर्शन को देखकर तमाम भक्त और श्रद्धालु दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हैं और बच्चे की इस अनोखी भक्ति की जमकर सराहना कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वे बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के रहे हैं और अपनी यह अनूठी परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे 8 वर्ष की उम्र से इस अभ्यास में लगे हैं और उनकी माताजी ने इस कार्य में हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है। इस असाधारण और चकित कर देने वाले कारनामे के लिए आराध्य ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया है। हालांकि, उनका नाम इन रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज होगा या नहीं, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन फिलहाल 13 वर्षीय आराध्य की राधा रानी के प्रति यह अद्भुत भक्ति और उनका अनूठा प्रदर्शन हर ओर चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- मथुरा जनपद के छाता क्षेत्र स्थित ग्राम दौताना में मोहर्रम के पावन अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रक्तदान किया। इस रक्तदान शिविर में मुख्य रूप से युवा वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे यह पर्व सेवा भाव से मनाया गया।1
- मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में मौजा-मगोरा के नगला लठाकुरी में एक सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी बहादुर सिंह ने गोवर्धन के तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता बहादुर सिंह (पुत्र लक्ष्मण सिंह) का आरोप है कि मौजा-मगोरा के खसरा संख्या 841 पर स्थित सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि तहसील के पटवारी ने इस मामले में गलत रिपोर्ट पेश की है, जिससे अवैध निर्माण करने वालों को बढ़ावा मिल रहा है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से पीड़ित और ग्रामीणों ने तहसीलदार से इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही, गलत रिपोर्ट पेश करने वाले तहसील कर्मियों के खिलाफ उचित और दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों, जिनमें एसएचओ मगोरा और रा.नि./लेखपाल शामिल हैं, को मौके पर शांति-व्यवस्था बनाए रखते हुए अवैध निर्माण रोकने और मामले की सही जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालाँकि, समय 05:57 मिनट पर तहसीलदार महोदय का फोन नंबर बंद पाया गया।1
- मथुरा जिले में भैंस को लाठी मारने के एक मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें दो पक्ष आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे चले, जिसके परिणामस्वरूप कुल सात लोग घायल हो गए।1