अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत, डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव चौधरी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। डीग के गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा में राहुल गांधी द्वारा दी गई प्रस्तुति को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। श्री राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से जूझ रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का परिणाम है, वहीं NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की लगातार विफलताएँ छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा पैदा कर रही हैं, जिसके चलते छात्र आत्महत्याएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी एक समन्वित राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रही है ताकि छात्रों की चिंताओं को जनता तक पहुँचाया जा सके और वर्तमान शिक्षा व परीक्षा प्रणाली की व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया जा सके। राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के उद्बोधन को दोहराते हुए कहा कि आज पाँच बड़े इम्तेहानों (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) के परीक्षार्थियों से व्यवस्थित तरीके से 3.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। यह राशि भारत सरकार के पाँच प्रमुख मंत्रालयों (शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान, एवं महिला और बाल विकास) के संयुक्त बजट के बराबर है, जबकि भारत का संपूर्ण शिक्षा बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि भारत की शिक्षा प्रणाली चयन का नहीं, बल्कि संरचनात्मक अस्वीकृति का एक क्रूर माध्यम बन चुकी है, जहाँ आज का युवा इस व्यवस्था की वसूली मशीन के चक्रव्यूह में फंसा दिया गया है। जलिश खान ने भी राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का हवाला देते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली नवाचार को कुचलकर युवाओं को केवल पाँच विकल्पों (इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS, और शस्त्रबल) तक सीमित कर देती है। देशराज मीणा प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि 15 लाख आवेदक एक हजार रिक्तियों के लिए लड़ते हैं और बाकी छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होता, जो कि सपनों का गला घोंटने की व्यवस्था है। जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम छात्रों को चुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने (रिजेक्ट) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसके कारण अधिकतर छात्र अवसाद में आ जाते हैं और केवल 1.2% स्नातकों को वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है, वहीं करीब 80% इंजीनियर बेरोजगार हैं जिन्हें गिग इकोनॉमी के अनिश्चित भविष्य में धकेला जा रहा है। पंकज भूषण ब्लॉक अध्यक्ष डीग ने मानवीय संवेदना की बात करते हुए राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का जिक्र किया कि माताएं बच्चों के भविष्य को लेकर कच्ची नींद में रहती हैं। शिक्षा और रोजगार के इस संकट के समाधान हेतु राहुल गांधी ने तीन विकल्प बताए: हर छात्र को पाँच विकल्पों से परे बड़े और मौलिक सपने देखने की आज़ादी हो, छात्र के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी परिवार की नहीं बल्कि देश और शिक्षाप्रणाली की हो, और शिक्षा बिना किसी वसूली तथा आर्थिक शोषण के न्यूनतम लागत पर उपलब्ध हो। भवानी शंकर ब्लॉक अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार को "तबेला" बताते हुए कहा कि उसके मंत्री ही ACB कार्यालय पहुँच कर जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीग जिले में न्याय और कानून व्यवस्था ठप होने का ज्वलंत उदाहरण दिया, जहाँ नगर के ग्राम बूडली में पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए मानव समुदाय और पशुओं से क्रूरता की गई है। इसके साथ ही, डीग जिले में निजी धर्मयात्री वाहनों से पुलिस द्वारा गलत स्पीड चालान बनाकर और रात्रि गश्त के दौरान अवैध वसूली की जा रही है, तथा पुलिस कर्मचारी वैध जमीन मालिकों के प्लाटों व खेतों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में गलत तरीके से कब्जा करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संविधान का वन अधिकारियों द्वारा सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन में वर्तमान राज्य और केंद्रीय सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत, डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव चौधरी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। डीग के गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा में राहुल गांधी द्वारा दी गई प्रस्तुति को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। श्री राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से जूझ रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का परिणाम है, वहीं NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की लगातार विफलताएँ छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा पैदा कर रही हैं, जिसके चलते छात्र आत्महत्याएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे
पर पूरी तरह मौन हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी एक समन्वित राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रही है ताकि छात्रों की चिंताओं को जनता तक पहुँचाया जा सके और वर्तमान शिक्षा व परीक्षा प्रणाली की व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया जा सके। राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के उद्बोधन को दोहराते हुए कहा कि आज पाँच बड़े इम्तेहानों (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) के परीक्षार्थियों से व्यवस्थित तरीके से 3.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। यह राशि भारत सरकार के पाँच प्रमुख मंत्रालयों (शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान, एवं महिला और बाल विकास) के संयुक्त बजट के बराबर है, जबकि भारत का संपूर्ण शिक्षा बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि भारत की शिक्षा प्रणाली चयन का नहीं, बल्कि संरचनात्मक अस्वीकृति का एक क्रूर माध्यम बन चुकी है, जहाँ आज का युवा इस व्यवस्था की वसूली मशीन के चक्रव्यूह में फंसा दिया गया है। जलिश खान ने भी राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का हवाला देते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली नवाचार को कुचलकर युवाओं को केवल पाँच विकल्पों (इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS,
और शस्त्रबल) तक सीमित कर देती है। देशराज मीणा प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि 15 लाख आवेदक एक हजार रिक्तियों के लिए लड़ते हैं और बाकी छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होता, जो कि सपनों का गला घोंटने की व्यवस्था है। जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम छात्रों को चुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने (रिजेक्ट) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसके कारण अधिकतर छात्र अवसाद में आ जाते हैं और केवल 1.2% स्नातकों को वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है, वहीं करीब 80% इंजीनियर बेरोजगार हैं जिन्हें गिग इकोनॉमी के अनिश्चित भविष्य में धकेला जा रहा है। पंकज भूषण ब्लॉक अध्यक्ष डीग ने मानवीय संवेदना की बात करते हुए राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का जिक्र किया कि माताएं बच्चों के भविष्य को लेकर कच्ची नींद में रहती हैं। शिक्षा और रोजगार के इस संकट के समाधान हेतु राहुल गांधी ने तीन विकल्प बताए: हर छात्र को पाँच विकल्पों से परे बड़े और मौलिक सपने देखने की आज़ादी हो, छात्र के सपने को साकार करने
की जिम्मेदारी परिवार की नहीं बल्कि देश और शिक्षाप्रणाली की हो, और शिक्षा बिना किसी वसूली तथा आर्थिक शोषण के न्यूनतम लागत पर उपलब्ध हो। भवानी शंकर ब्लॉक अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार को "तबेला" बताते हुए कहा कि उसके मंत्री ही ACB कार्यालय पहुँच कर जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीग जिले में न्याय और कानून व्यवस्था ठप होने का ज्वलंत उदाहरण दिया, जहाँ नगर के ग्राम बूडली में पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए मानव समुदाय और पशुओं से क्रूरता की गई है। इसके साथ ही, डीग जिले में निजी धर्मयात्री वाहनों से पुलिस द्वारा गलत स्पीड चालान बनाकर और रात्रि गश्त के दौरान अवैध वसूली की जा रही है, तथा पुलिस कर्मचारी वैध जमीन मालिकों के प्लाटों व खेतों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में गलत तरीके से कब्जा करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संविधान का वन अधिकारियों द्वारा सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन में वर्तमान राज्य और केंद्रीय सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- डीग शहर कोतवाली थाना में सीओ सीताराम बैरवा और प्रभारी रामनरेश मीणा ने सीएलजी (CLG) की एक बैठक का आयोजन किया, जहाँ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान, सीएलजी सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके आने के बाद से अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा है। यह भी बताया गया कि गांजा और अवैध शराब की बिक्री पर 80% तक नियंत्रण किया जा चुका है, जबकि अभी भी 20% अवैध शराब और गांजा चोरी-छिपे बिक रहा है, जिस पर पुलिस पूरी तरह से अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। इस बैठक में, भाजपा नेता लखपत गुर्जर ने मालीपुर रोड पर शाम के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की, जिसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मनचले अवैध शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। थाना प्रभारी ने उपस्थित आमजन से अपराधियों को पकड़ने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर पंकज भूषण वकील, उपसभापति मनोहर लाल शर्मा, भगवान सिंह, दाऊ दयाल नसवारिया, पप्पू, राहुल लवानिया सहित सैकड़ों सीएलजी सदस्य उपस्थित थे।3
- 25 जून को डीग में हुई समीक्षा बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार, एचपीवी टीकाकरण रिपोर्ट में डीग जिला 86.24% कवरेज के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति सभागार डीग में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और राजकीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी जुलाई माह में सभी विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के तहत, जिला कलेक्टर मयंक मनीष के नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की सजगता से जिले में अनुमानित 13,855 बालिकाओं के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 11,949 बालिकाओं का सफलतापूर्वक एचपीवी टीकाकरण पूरा किया गया है। यह उपलब्धि राजस्थान के कुल औसत कवरेज 27.87% से लगभग तीन गुना अधिक है। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को एचपीवी टीका लगवाने से वंचित रह गई बालिकाओं की स्कूलवार नामवार सूची तत्काल तैयार कर इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में वितरित की जा रही पिंक और ब्लू आयरन टैबलेट का कवरेज किसी भी स्थिति में 95 प्रतिशत से कम न होने देने का निर्देश दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने पालनहार योजना के तहत सभी पात्र बच्चों को त्वरित प्रक्रिया अपनाकर योजना से जोड़ने और किसी भी पात्र बच्चे को लाभ से वंचित न रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में मूलभूत ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसके तहत सभी स्कूलों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी और आवश्यक शौचालयों की सूची तुरंत उपलब्ध कराने को कहा ताकि संबंधित विकास अधिकारियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत कराए जा सकें। इसके अतिरिक्त, खेल मैदानों के विकास, पोषण वाटिकाओं की क्रियाशीलता की स्थिति और विभिन्न नियमों के अंतर्गत अनुमत कार्यों की स्पष्ट जानकारी संस्था प्रधानों को देने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूलों का विकास पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सके।1
- अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़े अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ आखिरकार कब कार्रवाई की जाएगी।1
- मथुरा जनपद के छाता क्षेत्र स्थित ग्राम दौताना में मोहर्रम के पावन अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रक्तदान किया। इस रक्तदान शिविर में मुख्य रूप से युवा वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे यह पर्व सेवा भाव से मनाया गया।1
- मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में मौजा-मगोरा के नगला लठाकुरी में एक सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी बहादुर सिंह ने गोवर्धन के तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता बहादुर सिंह (पुत्र लक्ष्मण सिंह) का आरोप है कि मौजा-मगोरा के खसरा संख्या 841 पर स्थित सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि तहसील के पटवारी ने इस मामले में गलत रिपोर्ट पेश की है, जिससे अवैध निर्माण करने वालों को बढ़ावा मिल रहा है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से पीड़ित और ग्रामीणों ने तहसीलदार से इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही, गलत रिपोर्ट पेश करने वाले तहसील कर्मियों के खिलाफ उचित और दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों, जिनमें एसएचओ मगोरा और रा.नि./लेखपाल शामिल हैं, को मौके पर शांति-व्यवस्था बनाए रखते हुए अवैध निर्माण रोकने और मामले की सही जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालाँकि, समय 05:57 मिनट पर तहसीलदार महोदय का फोन नंबर बंद पाया गया।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत, डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव चौधरी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। डीग के गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा में राहुल गांधी द्वारा दी गई प्रस्तुति को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। श्री राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से जूझ रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का परिणाम है, वहीं NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की लगातार विफलताएँ छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा पैदा कर रही हैं, जिसके चलते छात्र आत्महत्याएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी एक समन्वित राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रही है ताकि छात्रों की चिंताओं को जनता तक पहुँचाया जा सके और वर्तमान शिक्षा व परीक्षा प्रणाली की व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया जा सके। राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के उद्बोधन को दोहराते हुए कहा कि आज पाँच बड़े इम्तेहानों (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) के परीक्षार्थियों से व्यवस्थित तरीके से 3.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। यह राशि भारत सरकार के पाँच प्रमुख मंत्रालयों (शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान, एवं महिला और बाल विकास) के संयुक्त बजट के बराबर है, जबकि भारत का संपूर्ण शिक्षा बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि भारत की शिक्षा प्रणाली चयन का नहीं, बल्कि संरचनात्मक अस्वीकृति का एक क्रूर माध्यम बन चुकी है, जहाँ आज का युवा इस व्यवस्था की वसूली मशीन के चक्रव्यूह में फंसा दिया गया है। जलिश खान ने भी राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का हवाला देते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली नवाचार को कुचलकर युवाओं को केवल पाँच विकल्पों (इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS, और शस्त्रबल) तक सीमित कर देती है। देशराज मीणा प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि 15 लाख आवेदक एक हजार रिक्तियों के लिए लड़ते हैं और बाकी छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होता, जो कि सपनों का गला घोंटने की व्यवस्था है। जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम छात्रों को चुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने (रिजेक्ट) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसके कारण अधिकतर छात्र अवसाद में आ जाते हैं और केवल 1.2% स्नातकों को वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है, वहीं करीब 80% इंजीनियर बेरोजगार हैं जिन्हें गिग इकोनॉमी के अनिश्चित भविष्य में धकेला जा रहा है। पंकज भूषण ब्लॉक अध्यक्ष डीग ने मानवीय संवेदना की बात करते हुए राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का जिक्र किया कि माताएं बच्चों के भविष्य को लेकर कच्ची नींद में रहती हैं। शिक्षा और रोजगार के इस संकट के समाधान हेतु राहुल गांधी ने तीन विकल्प बताए: हर छात्र को पाँच विकल्पों से परे बड़े और मौलिक सपने देखने की आज़ादी हो, छात्र के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी परिवार की नहीं बल्कि देश और शिक्षाप्रणाली की हो, और शिक्षा बिना किसी वसूली तथा आर्थिक शोषण के न्यूनतम लागत पर उपलब्ध हो। भवानी शंकर ब्लॉक अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार को "तबेला" बताते हुए कहा कि उसके मंत्री ही ACB कार्यालय पहुँच कर जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीग जिले में न्याय और कानून व्यवस्था ठप होने का ज्वलंत उदाहरण दिया, जहाँ नगर के ग्राम बूडली में पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए मानव समुदाय और पशुओं से क्रूरता की गई है। इसके साथ ही, डीग जिले में निजी धर्मयात्री वाहनों से पुलिस द्वारा गलत स्पीड चालान बनाकर और रात्रि गश्त के दौरान अवैध वसूली की जा रही है, तथा पुलिस कर्मचारी वैध जमीन मालिकों के प्लाटों व खेतों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में गलत तरीके से कब्जा करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संविधान का वन अधिकारियों द्वारा सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन में वर्तमान राज्य और केंद्रीय सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- बदायूं ज़िले की गौशाला में व्यवस्थाओं के अभाव के कारण गौमाताएं बीमार हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, बदायूं के जिला अध्यक्ष विभाष चंद्र सक्सेना ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से बातचीत की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर गौशाला में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी जाएंगी। अब गौमाता के हित में इस वादे के पूरा होने का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है।1