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25 जून को डीग में हुई समीक्षा बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार, एचपीवी टीकाकरण रिपोर्ट में डीग जिला 86.24% कवरेज के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति सभागार डीग में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और राजकीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी जुलाई माह में सभी विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के तहत, जिला कलेक्टर मयंक मनीष के नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की सजगता से जिले में अनुमानित 13,855 बालिकाओं के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 11,949 बालिकाओं का सफलतापूर्वक एचपीवी टीकाकरण पूरा किया गया है। यह उपलब्धि राजस्थान के कुल औसत कवरेज 27.87% से लगभग तीन गुना अधिक है। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को एचपीवी टीका लगवाने से वंचित रह गई बालिकाओं की स्कूलवार नामवार सूची तत्काल तैयार कर इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में वितरित की जा रही पिंक और ब्लू आयरन टैबलेट का कवरेज किसी भी स्थिति में 95 प्रतिशत से कम न होने देने का निर्देश दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने पालनहार योजना के तहत सभी पात्र बच्चों को त्वरित प्रक्रिया अपनाकर योजना से जोड़ने और किसी भी पात्र बच्चे को लाभ से वंचित न रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में मूलभूत ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसके तहत सभी स्कूलों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी और आवश्यक शौचालयों की सूची तुरंत उपलब्ध कराने को कहा ताकि संबंधित विकास अधिकारियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत कराए जा सकें। इसके अतिरिक्त, खेल मैदानों के विकास, पोषण वाटिकाओं की क्रियाशीलता की स्थिति और विभिन्न नियमों के अंतर्गत अनुमत कार्यों की स्पष्ट जानकारी संस्था प्रधानों को देने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूलों का विकास पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सके।

3 hrs ago
user_Rajesh Kumar
Rajesh Kumar
कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

25 जून को डीग में हुई समीक्षा बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार, एचपीवी टीकाकरण रिपोर्ट में डीग जिला 86.24% कवरेज के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति सभागार डीग में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और राजकीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी जुलाई माह में सभी विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के तहत, जिला कलेक्टर मयंक मनीष के नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की सजगता से जिले में अनुमानित 13,855 बालिकाओं के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 11,949 बालिकाओं का सफलतापूर्वक एचपीवी टीकाकरण पूरा किया गया है। यह उपलब्धि राजस्थान के कुल औसत कवरेज 27.87% से लगभग तीन गुना अधिक है। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को एचपीवी टीका लगवाने से वंचित रह गई बालिकाओं की स्कूलवार नामवार सूची तत्काल तैयार कर इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में वितरित की जा रही पिंक और ब्लू आयरन टैबलेट का कवरेज किसी भी स्थिति में 95 प्रतिशत से कम न होने देने का निर्देश दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने पालनहार योजना के तहत सभी पात्र बच्चों को त्वरित प्रक्रिया अपनाकर योजना से जोड़ने और किसी भी पात्र बच्चे को लाभ से वंचित न रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में मूलभूत ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसके तहत सभी स्कूलों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी और आवश्यक शौचालयों की सूची तुरंत उपलब्ध कराने को कहा ताकि संबंधित विकास अधिकारियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत कराए जा सकें। इसके अतिरिक्त, खेल मैदानों के विकास, पोषण वाटिकाओं की क्रियाशीलता की स्थिति और विभिन्न नियमों के अंतर्गत अनुमत कार्यों की स्पष्ट जानकारी संस्था प्रधानों को देने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूलों का विकास पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सके।

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  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत, डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव चौधरी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। डीग के गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा में राहुल गांधी द्वारा दी गई प्रस्तुति को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। श्री राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से जूझ रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का परिणाम है, वहीं NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की लगातार विफलताएँ छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा पैदा कर रही हैं, जिसके चलते छात्र आत्महत्याएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी एक समन्वित राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रही है ताकि छात्रों की चिंताओं को जनता तक पहुँचाया जा सके और वर्तमान शिक्षा व परीक्षा प्रणाली की व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया जा सके। राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के उद्बोधन को दोहराते हुए कहा कि आज पाँच बड़े इम्तेहानों (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) के परीक्षार्थियों से व्यवस्थित तरीके से 3.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। यह राशि भारत सरकार के पाँच प्रमुख मंत्रालयों (शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान, एवं महिला और बाल विकास) के संयुक्त बजट के बराबर है, जबकि भारत का संपूर्ण शिक्षा बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि भारत की शिक्षा प्रणाली चयन का नहीं, बल्कि संरचनात्मक अस्वीकृति का एक क्रूर माध्यम बन चुकी है, जहाँ आज का युवा इस व्यवस्था की वसूली मशीन के चक्रव्यूह में फंसा दिया गया है। जलिश खान ने भी राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का हवाला देते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली नवाचार को कुचलकर युवाओं को केवल पाँच विकल्पों (इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS, और शस्त्रबल) तक सीमित कर देती है। देशराज मीणा प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि 15 लाख आवेदक एक हजार रिक्तियों के लिए लड़ते हैं और बाकी छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होता, जो कि सपनों का गला घोंटने की व्यवस्था है। जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम छात्रों को चुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने (रिजेक्ट) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसके कारण अधिकतर छात्र अवसाद में आ जाते हैं और केवल 1.2% स्नातकों को वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है, वहीं करीब 80% इंजीनियर बेरोजगार हैं जिन्हें गिग इकोनॉमी के अनिश्चित भविष्य में धकेला जा रहा है। पंकज भूषण ब्लॉक अध्यक्ष डीग ने मानवीय संवेदना की बात करते हुए राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का जिक्र किया कि माताएं बच्चों के भविष्य को लेकर कच्ची नींद में रहती हैं। शिक्षा और रोजगार के इस संकट के समाधान हेतु राहुल गांधी ने तीन विकल्प बताए: हर छात्र को पाँच विकल्पों से परे बड़े और मौलिक सपने देखने की आज़ादी हो, छात्र के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी परिवार की नहीं बल्कि देश और शिक्षाप्रणाली की हो, और शिक्षा बिना किसी वसूली तथा आर्थिक शोषण के न्यूनतम लागत पर उपलब्ध हो। भवानी शंकर ब्लॉक अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार को "तबेला" बताते हुए कहा कि उसके मंत्री ही ACB कार्यालय पहुँच कर जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीग जिले में न्याय और कानून व्यवस्था ठप होने का ज्वलंत उदाहरण दिया, जहाँ नगर के ग्राम बूडली में पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए मानव समुदाय और पशुओं से क्रूरता की गई है। इसके साथ ही, डीग जिले में निजी धर्मयात्री वाहनों से पुलिस द्वारा गलत स्पीड चालान बनाकर और रात्रि गश्त के दौरान अवैध वसूली की जा रही है, तथा पुलिस कर्मचारी वैध जमीन मालिकों के प्लाटों व खेतों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में गलत तरीके से कब्जा करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संविधान का वन अधिकारियों द्वारा सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन में वर्तमान राज्य और केंद्रीय सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत, डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव चौधरी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। डीग के गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा में राहुल गांधी द्वारा दी गई प्रस्तुति को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। श्री राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से जूझ रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का परिणाम है, वहीं NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की लगातार विफलताएँ छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा पैदा कर रही हैं, जिसके चलते छात्र आत्महत्याएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी एक समन्वित राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रही है ताकि छात्रों की चिंताओं को जनता तक पहुँचाया जा सके और वर्तमान शिक्षा व परीक्षा प्रणाली की व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया जा सके।

राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के उद्बोधन को दोहराते हुए कहा कि आज पाँच बड़े इम्तेहानों (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) के परीक्षार्थियों से व्यवस्थित तरीके से 3.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। यह राशि भारत सरकार के पाँच प्रमुख मंत्रालयों (शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान, एवं महिला और बाल विकास) के संयुक्त बजट के बराबर है, जबकि भारत का संपूर्ण शिक्षा बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि भारत की शिक्षा प्रणाली चयन का नहीं, बल्कि संरचनात्मक अस्वीकृति का एक क्रूर माध्यम बन चुकी है, जहाँ आज का युवा इस व्यवस्था की वसूली मशीन के चक्रव्यूह में फंसा दिया गया है। जलिश खान ने भी राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का हवाला देते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली नवाचार को कुचलकर युवाओं को केवल पाँच विकल्पों (इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS, और शस्त्रबल) तक सीमित कर देती है। देशराज मीणा प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि 15 लाख आवेदक एक हजार रिक्तियों के लिए लड़ते हैं और बाकी छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होता, जो कि सपनों का गला घोंटने की व्यवस्था है। जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम छात्रों को चुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने (रिजेक्ट) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसके कारण अधिकतर छात्र अवसाद में आ जाते हैं और केवल 1.2% स्नातकों को वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है, वहीं करीब 80% इंजीनियर बेरोजगार हैं जिन्हें गिग इकोनॉमी के अनिश्चित भविष्य में धकेला जा रहा है।

पंकज भूषण ब्लॉक अध्यक्ष डीग ने मानवीय संवेदना की बात करते हुए राहुल गांधी के प्रस्तुतिकरण का जिक्र किया कि माताएं बच्चों के भविष्य को लेकर कच्ची नींद में रहती हैं। शिक्षा और रोजगार के इस संकट के समाधान हेतु राहुल गांधी ने तीन विकल्प बताए: हर छात्र को पाँच विकल्पों से परे बड़े और मौलिक सपने देखने की आज़ादी हो, छात्र के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी परिवार की नहीं बल्कि देश और शिक्षाप्रणाली की हो, और शिक्षा बिना किसी वसूली तथा आर्थिक शोषण के न्यूनतम लागत पर उपलब्ध हो। भवानी शंकर ब्लॉक अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार को "तबेला" बताते हुए कहा कि उसके मंत्री ही ACB कार्यालय पहुँच कर जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीग जिले में न्याय और कानून व्यवस्था ठप होने का ज्वलंत उदाहरण दिया, जहाँ नगर के ग्राम बूडली में पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए मानव समुदाय और पशुओं से क्रूरता की गई है। इसके साथ ही, डीग जिले में निजी धर्मयात्री वाहनों से पुलिस द्वारा गलत स्पीड चालान बनाकर और रात्रि गश्त के दौरान अवैध वसूली की जा रही है, तथा पुलिस कर्मचारी वैध जमीन मालिकों के प्लाटों व खेतों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में गलत तरीके से कब्जा करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संविधान का वन अधिकारियों द्वारा सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन में वर्तमान राज्य और केंद्रीय सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है, इसी कड़ी में धर्मनगरी मथुरा और वृंदावन में भी बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया जा रहा है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दमकल विभाग, विकास प्राधिकरण, आवास विकास और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम लगातार दूसरे दिन भी इस कार्रवाई में जुटी रही। इस संयुक्त अभियान के तहत अब तक लगभग 30 व्यावसायिक संस्थानों को सील किया जा चुका है, जिनमें बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच में कई संस्थान अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। हालाँकि, इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल वृंदावन की संकरी गलियों में संचालित हजारों गेस्ट हाउसों को लेकर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहनों का पहुँचना बेहद कठिन है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस पर प्रशासन ने बताया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और वृंदावन सहित ऐसे सभी संस्थानों का सर्वे कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ हादसे के बाद मथुरा प्रशासन की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता का संदेश दे रही है, लेकिन अब देखना होगा कि वृंदावन की तंग गलियों में संचालित गेस्ट हाउसों और अन्य संस्थानों पर प्रशासन कब तक प्रभावी कार्रवाई कर पाता है।
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    लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है, इसी कड़ी में धर्मनगरी मथुरा और वृंदावन में भी बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया जा रहा है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दमकल विभाग, विकास प्राधिकरण, आवास विकास और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम लगातार दूसरे दिन भी इस कार्रवाई में जुटी रही। इस संयुक्त अभियान के तहत अब तक लगभग 30 व्यावसायिक संस्थानों को सील किया जा चुका है, जिनमें बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच में कई संस्थान अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।

नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। हालाँकि, इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल वृंदावन की संकरी गलियों में संचालित हजारों गेस्ट हाउसों को लेकर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहनों का पहुँचना बेहद कठिन है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

इस पर प्रशासन ने बताया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और वृंदावन सहित ऐसे सभी संस्थानों का सर्वे कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ हादसे के बाद मथुरा प्रशासन की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता का संदेश दे रही है, लेकिन अब देखना होगा कि वृंदावन की तंग गलियों में संचालित गेस्ट हाउसों और अन्य संस्थानों पर प्रशासन कब तक प्रभावी कार्रवाई कर पाता है।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Voice of people मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मथुरा के फरह क्षेत्र स्थित कुरकन्दा मोड़ पर निर्जला एकादशी के पावन पर्व के अवसर पर गुरुवार को मीठे शरबत का वितरण किया गया। तपती गर्मी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग मथुरा-आगरा पर सुबह से शाम तक यह आयोजन चलता रहा, जहाँ आते-जाते राहगीरों को रोक-रोक कर मीठा शरबत पिलाया गया। इस पहल को मानवता की एक मिसाल के तौर पर देखा गया। कुरकन्दा गांव निवासी ठाकुर विजयपाल सिंह ने इस संबंध में जानकारी प्रदान की, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया कि सेवा, सहयोग और मानवता ही समाज को मजबूत बनाने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
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    मथुरा के फरह क्षेत्र स्थित कुरकन्दा मोड़ पर निर्जला एकादशी के पावन पर्व के अवसर पर गुरुवार को मीठे शरबत का वितरण किया गया। तपती गर्मी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग मथुरा-आगरा पर सुबह से शाम तक यह आयोजन चलता रहा, जहाँ आते-जाते राहगीरों को रोक-रोक कर मीठा शरबत पिलाया गया। इस पहल को मानवता की एक मिसाल के तौर पर देखा गया। कुरकन्दा गांव निवासी ठाकुर विजयपाल सिंह ने इस संबंध में जानकारी प्रदान की, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया कि सेवा, सहयोग और मानवता ही समाज को मजबूत बनाने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • मथुरा वृंदावन नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्यवाही को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस कार्रवाई के कारण स्थानीय व्यापारी समुदाय में भारी असंतोष व्याप्त है।
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    मथुरा वृंदावन नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्यवाही को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस कार्रवाई के कारण स्थानीय व्यापारी समुदाय में भारी असंतोष व्याप्त है।
    user_Police Ki Aawaz News
    Police Ki Aawaz News
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मोहर्रम की आठवीं तारीख पर बुधवार को मथुरा के बैरागपुरा स्थित विशायती खिड़की इमामबाड़े से हज़रत इमाम हुसैन की याद में दुल-दुल का जुलूस गमगीन माहौल में निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया। दुल-दुल जुलूस का नेतृत्व जाकिर खान ने किया, जिसमें अलमदार, अखाड़ेदार, मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। जुलूस के साथ मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग व्यवस्था संभालते हुए चल रहे थे। इस अवसर पर मजलिस-ए-हुसैन का भी आयोजन किया गया, जिसमें हज़रत इमाम हुसैन के जीवन, उनके आदर्शों और मानवता के लिए दिए गए बलिदान पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया, जबकि युवाओं ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। यह जुलूस बैरागपुरा स्थित इमामबाड़े से प्रारंभ होकर झंडा चौराहा, कच्ची सड़क, हालनगंज, तेलीपाड़ा, चौक बाजार, कुशक गली, नक्कारची टीला, घीया मंडी, भरतपुर गेट, मछली मार्केट, मनोहरपुरा, भार्गव गली, मटिया गेट, बरवार पाड़ा, डींग गेट, नई बस्ती, शाही ईदगाह मस्जिद और मंडी रामदास होते हुए ठेक नारनौर पहुँचा। जुलूस का समापन गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे ठेक नारनौर में हुआ। मोहर्रम कमेटी से जुड़े मोहम्मद दिलशाद ने बताया कि पैगम्बर-ए-इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन की याद में यह दुल-दुल का जुलूस सभी के सहयोग से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मोहर्रम के पवित्र महीने में लोग रोज़े रखते हैं, इबादत करते हैं, लंगर आयोजित करते हैं तथा ज़रूरतमंदों की सहायता कर इंसानियत और भाईचारे का संदेश देते हैं।
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    मोहर्रम की आठवीं तारीख पर बुधवार को मथुरा के बैरागपुरा स्थित विशायती खिड़की इमामबाड़े से हज़रत इमाम हुसैन की याद में दुल-दुल का जुलूस गमगीन माहौल में निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया। दुल-दुल जुलूस का नेतृत्व जाकिर खान ने किया, जिसमें अलमदार, अखाड़ेदार, मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। जुलूस के साथ मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग व्यवस्था संभालते हुए चल रहे थे।

इस अवसर पर मजलिस-ए-हुसैन का भी आयोजन किया गया, जिसमें हज़रत इमाम हुसैन के जीवन, उनके आदर्शों और मानवता के लिए दिए गए बलिदान पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया, जबकि युवाओं ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। यह जुलूस बैरागपुरा स्थित इमामबाड़े से प्रारंभ होकर झंडा चौराहा, कच्ची सड़क, हालनगंज, तेलीपाड़ा, चौक बाजार, कुशक गली, नक्कारची टीला, घीया मंडी, भरतपुर गेट, मछली मार्केट, मनोहरपुरा, भार्गव गली, मटिया गेट, बरवार पाड़ा, डींग गेट, नई बस्ती, शाही ईदगाह मस्जिद और मंडी रामदास होते हुए ठेक नारनौर पहुँचा।

जुलूस का समापन गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे ठेक नारनौर में हुआ। मोहर्रम कमेटी से जुड़े मोहम्मद दिलशाद ने बताया कि पैगम्बर-ए-इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन की याद में यह दुल-दुल का जुलूस सभी के सहयोग से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मोहर्रम के पवित्र महीने में लोग रोज़े रखते हैं, इबादत करते हैं, लंगर आयोजित करते हैं तथा ज़रूरतमंदों की सहायता कर इंसानियत और भाईचारे का संदेश देते हैं।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
  • ग्राम सज्जनवास से मालोनी तक जाने वाली सड़क की खराब हालत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। नागरिकों ने सवाल किया है कि इस सड़क की स्थिति में सुधार कब होगा और क्या यह सड़क ऐसे ही उपेक्षित पड़ी रहेगी। लोगों ने यह भी जानना चाहा है कि क्या इस सड़क का निर्माण कभी कराया जाएगा।
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    ग्राम सज्जनवास से मालोनी तक जाने वाली सड़क की खराब हालत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। नागरिकों ने सवाल किया है कि इस सड़क की स्थिति में सुधार कब होगा और क्या यह सड़क ऐसे ही उपेक्षित पड़ी रहेगी। लोगों ने यह भी जानना चाहा है कि क्या इस सड़क का निर्माण कभी कराया जाएगा।
    user_Piyush bansal
    Piyush bansal
    रूपबास, भरतपुर, राजस्थान•
    37 min ago
  • छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 19 से 21 जून 2026 तक आयोजित वेस्ट जोन स्ट्रेंथ लिफ्टिंग प्रतियोगिता में पाली जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में पाली के गिरीश रल और राहुल बारेसा ने राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व किया। जिला स्ट्रेंथ लिफ्टिंग संघ के सचिव मांगूसिंह दुदावत ने बताया कि गिरीश रल ने स्ट्रेंथ लिफ्टिंग स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, राहुल बारेसा ने बेंच प्रेस प्रतियोगिता के अपने भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया है। पाली पहुंचने पर दोनों पदक विजेता खिलाड़ियों का खेल प्रेमियों और संघ के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और खेलों के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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    छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 19 से 21 जून 2026 तक आयोजित वेस्ट जोन स्ट्रेंथ लिफ्टिंग प्रतियोगिता में पाली जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में पाली के गिरीश रल और राहुल बारेसा ने राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व किया।

जिला स्ट्रेंथ लिफ्टिंग संघ के सचिव मांगूसिंह दुदावत ने बताया कि गिरीश रल ने स्ट्रेंथ लिफ्टिंग स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, राहुल बारेसा ने बेंच प्रेस प्रतियोगिता के अपने भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया है।

पाली पहुंचने पर दोनों पदक विजेता खिलाड़ियों का खेल प्रेमियों और संघ के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और खेलों के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • गुरुवार सुबह मांट के वंशीवट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जेसीबी (पीला पंजा) से वर्षों से रास्तों और सार्वजनिक भूमि पर बने अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू कर दी। इस अभियान में उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर ने नेतृत्व किया। प्रशासन ने कुल 69 अतिक्रमणों को जमींदोज किया, जिनमें 48 अवैध दुकानें और 21 कुटियां शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार संभाले रखा। अभियान में नायब तहसीलदार आँचल सिंगला, नायब तहसीलदार जितेंद्र, बीडीओ अभिमन्यु सेठ, थाना प्रभारी जसवीर सिंह और चौकी प्रभारी आकाश चौहान समेत राजस्व और पुलिस विभाग की कई टीमें मौजूद थीं। एसडीएम दीपिका मेहर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि आम जनता के आवागमन में बाधा बनने वाले अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद वंशीवट क्षेत्र के रास्ते पूरी तरह से खुल गए, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के इस अभियान की सराहना की।
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    गुरुवार सुबह मांट के वंशीवट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जेसीबी (पीला पंजा) से वर्षों से रास्तों और सार्वजनिक भूमि पर बने अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू कर दी। इस अभियान में उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर ने नेतृत्व किया।

प्रशासन ने कुल 69 अतिक्रमणों को जमींदोज किया, जिनमें 48 अवैध दुकानें और 21 कुटियां शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार संभाले रखा। अभियान में नायब तहसीलदार आँचल सिंगला, नायब तहसीलदार जितेंद्र, बीडीओ अभिमन्यु सेठ, थाना प्रभारी जसवीर सिंह और चौकी प्रभारी आकाश चौहान समेत राजस्व और पुलिस विभाग की कई टीमें मौजूद थीं।

एसडीएम दीपिका मेहर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि आम जनता के आवागमन में बाधा बनने वाले अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद वंशीवट क्षेत्र के रास्ते पूरी तरह से खुल गए, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के इस अभियान की सराहना की।
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • धर्म नगरी मथुरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने संत समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना गोवर्धन चौराहे स्थित एक प्राचीन भोलेनाथ मंदिर के बाहर देर रात हुई, जहाँ एक भगवा वस्त्रधारी व्यक्ति कथित रूप से नशे की हालत में पहुंचा और एक स्थानीय संत के साथ अभद्र व्यवहार किया। ये तस्वीरें मथुरा जनपद के गोवर्धन चौराहे स्थित प्राचीन भोलेनाथ मंदिर की हैं, जहाँ एक स्थानीय संत कई वर्षों से तपस्या और साधना में लीन हैं। इस पूरी घटना ने समाज में यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आखिर यह भगवा वस्त्रधारी व्यक्ति कौन था और उसके इरादे क्या थे। इस मामले पर हमारे संवाददाता राहुल सिंह की विशेष रिपोर्ट देखने की बात कही गई है।
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    धर्म नगरी मथुरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने संत समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना गोवर्धन चौराहे स्थित एक प्राचीन भोलेनाथ मंदिर के बाहर देर रात हुई, जहाँ एक भगवा वस्त्रधारी व्यक्ति कथित रूप से नशे की हालत में पहुंचा और एक स्थानीय संत के साथ अभद्र व्यवहार किया।

ये तस्वीरें मथुरा जनपद के गोवर्धन चौराहे स्थित प्राचीन भोलेनाथ मंदिर की हैं, जहाँ एक स्थानीय संत कई वर्षों से तपस्या और साधना में लीन हैं।

इस पूरी घटना ने समाज में यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आखिर यह भगवा वस्त्रधारी व्यक्ति कौन था और उसके इरादे क्या थे। इस मामले पर हमारे संवाददाता राहुल सिंह की विशेष रिपोर्ट देखने की बात कही गई है।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Voice of people मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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