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धौलपुर के भभूतीपुरा गांव में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। उनके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। इस दौरान जगन गुर्जर के भाई लालसिंह, पानसिंह और पप्पू भी पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार के बाद, आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर साजिशन हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने परिवार की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की भी मांग की। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और मामले की जांच तथा संबंधित प्रक्रिया जारी है।
रोहित वर्मा
धौलपुर के भभूतीपुरा गांव में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। उनके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। इस दौरान जगन गुर्जर के भाई लालसिंह, पानसिंह और पप्पू भी पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार के बाद, आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर साजिशन हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने परिवार की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की भी मांग की। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और मामले की जांच तथा संबंधित प्रक्रिया जारी है।
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- धौलपुर के भभूतीपुरा गांव में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। उनके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। इस दौरान जगन गुर्जर के भाई लालसिंह, पानसिंह और पप्पू भी पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार के बाद, आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर साजिशन हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने परिवार की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की भी मांग की। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और मामले की जांच तथा संबंधित प्रक्रिया जारी है।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बसेड़ी में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि सारस्वत को कार्यालय सीएचसी बसेड़ी का आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति निदेशालय, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं, राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार की गई है, जिसकी अनुशंसा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, धौलपुर ने की थी। इस संबंध में आदेश निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. रवि प्रकाश शर्मा द्वारा जारी किया गया। डॉ. रवि सारस्वत के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी के पद पर नियुक्त होने पर सीएचसी बसेड़ी के समस्त चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उन्हें माला पहनाकर तथा साफा बांधकर सम्मानित किया, साथ ही नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर डॉ. रवि सारस्वत ने कहा कि वह विभाग द्वारा उन पर जताए गए विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ करेंगे तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी कर्मचारियों के सहयोग से कार्य करेंगे।1
- कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर स्थित उनके पैतृक गांव में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। यह अंतिम संस्कार अजमेर सेंट्रल जेल में हुई उनकी संदिग्ध मौत के बाद हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से क्षेत्र में तनावपूर्ण और संवेदनशील माहौल बना रहा। मृतक के भाई पप्पू गुर्जर को पैरोल पर जेल से बाहर लाकर अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया। इस दौरान जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी कोमेश गुर्जर ने जेल प्रशासन और घटना की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन को खुली चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि जेल के भीतर एक “छोटे अपराधी” पर हत्या का आरोप मढ़ा जा रहा है, जबकि सच्चाई कुछ और है। कोमेश गुर्जर ने इसे अपने परिवार के सम्मान पर चोट बताते हुए असली दोषियों के नाम उजागर करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कुछ दिनों में न्याय नहीं मिला, तो वह स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होंगी और बच्चों के साथ सड़क पर बैठने या आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर भी विचार कर सकती हैं। कोमेश गुर्जर ने यह भी बताया कि घटना से पहले सोमवार सुबह करीब 7 बजे उनकी जगन गुर्जर से फोन पर बात हुई थी, जिसमें जगन ने जेल में अन्य बंदियों से विवाद की जानकारी दी थी। उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिससे कई संदेह पैदा होते हैं। कोमेश ने कहा कि जगन गुर्जर की दुश्मनी मुख्य रूप से धौलपुर जिले तक ही सीमित थी और बाहर किसी से कोई विवाद नहीं था। उल्लेखनीय है कि कोमेश गुर्जर का भी आपराधिक इतिहास रहा है; वह पहले जगन गुर्जर की सहयोगी और बाद में उसकी पत्नी बनीं, और किशोरावस्था में पारिवारिक बदले की घटनाओं व बाद में बीहड़ जीवन और गैंग गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।1
- धौलपुर के पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव भभूतीपूरा पहुंचा, जहाँ उनके अंतिम दर्शन के लिए धौलपुर जिला कांग्रेस प्रवक्ता शालिनी शर्मा भी पहुंचीं। शालिनी शर्मा ने इस दुखद घड़ी में जगन गुर्जर की पत्नी, बच्चों और परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री शालिनी शर्मा ने जगन गुर्जर की मृत्यु के मामले में उठ रहे गंभीर सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जवाब मिलने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। शालिनी शर्मा ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई साजिश सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।2
- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के बरौली गांव निवासी युवा आशु शर्मा का राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) में चयन होने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। समाजसेवी मुकेश श्रोतीय और भूदेव शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर और साफा बांधकर आशु शर्मा का अभिनंदन किया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और आशु शर्मा का उत्साहवर्धन किया।4
- धौलपुर की पुरानी छावनी में भीषण गर्मी के बीच मानव सेवा और परोपकार का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। महामना परिवार ने पुरानी छावनी स्थित संतोषी माता मंदिर के बाहर राहगीरों और आमजन के लिए शीतल पेयजल की निःशुल्क व्यवस्था करते हुए एक वाटर कूलर स्थापित किया है, जिससे अब यहां से गुजरने वाले सभी लोग ठंडा और स्वच्छ पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुरानी छावनी चौराहे से लेकर पूरे गांव तक राहगीरों के लिए ऐसी स्थायी शीतल पेयजल व्यवस्था पहले उपलब्ध नहीं थी। इस कदम से न केवल लोगों की प्यास बुझ रही है, बल्कि यह समाज को सेवा और परोपकार का एक सशक्त संदेश भी दे रहा है। भारतीय संस्कृति में 'प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य' माना गया है और महामना परिवार ने इसी भावना को साकार करते हुए जनसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय लोगों ने इस सराहनीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए महामना परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी जनहित और मानव सेवा के ऐसे कार्यों में आगे आने की अपील की है।4
- धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र में 01 जुलाई 2026 को भिंडीपुरा पुल के पास पेयजल पाइपलाइन में कथित लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह लीकेज कई दिनों से जारी है, जिससे बहुमूल्य पेयजल सड़कों और नालियों में बह रहा है। क्षेत्रवासियों ने इस स्थिति पर प्रशासन की गंभीर अनदेखी का आरोप लगाया है, खासकर ऐसे समय में जब गर्मी और अनियमित जलापूर्ति के कारण लोगों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। नागरिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पानी की बर्बादी के साथ-साथ सड़क को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार और प्रशासन जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी की हो रही इस बर्बादी पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और पानी की बर्बादी रोकने के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।1
- धौलपुर जिले के भवुतीपुरा गांव में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान उनके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, वहीं जगन गुर्जर के भाई लालसिंह, पानसिंह और पप्पू को पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल किया गया। अंतिम संस्कार के बाद, जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता की हत्या एक साजिश के तहत की गई है। उन्होंने परिवार की लंबित मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग की। इसी क्रम में, जगन के भाई पप्पू गुर्जर ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।2