चित्रकूट के विकासखंड पहाड़ी में पेयजल की समस्या से त्रस्त सैकड़ों ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि पहाड़ी क्षेत्र में पिछले लगभग पाँच वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अधिकारी केवल कागजों में योजनाओं का संचालन दिखाकर लोगों को पानी उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।
चित्रकूट के विकासखंड पहाड़ी में पेयजल की समस्या से त्रस्त सैकड़ों ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि पहाड़ी क्षेत्र में पिछले लगभग पाँच वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा
कि अधिकारी केवल कागजों में योजनाओं का संचालन दिखाकर लोगों को पानी उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।
- कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने बुधवार को तहसील सिराथू के ग्राम अलीपुरजीता में आयोजित भूमि विवाद कैम्प का स्थलीय सत्यापन किया। यह कैम्प राजस्व टीम कौशांबी द्वारा चलाए जा रहे "टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान" अभियान का हिस्सा था। जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जाँच की और ग्राम स्तर पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया। डॉ. अमित पाल ने भूमि विवाद से संबंधित कुल 04 शिकायतों में दोनों पक्षों की बात सुनी और उप जिलाधिकारी सिराथू को मौके पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया। एक विशेष मामले में, शिकायतकर्ता अब्दुल हकीम की शिकायत पर ग्राम की गाटा संख्या 410 स्थित भूमिधरी भूमि के बटवारे के आदेश का मौके पर ही अनुपालन कराया गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सिराथू, योगेश कुमार गौड़ ने आमजन को जमीनी विवाद से बचने और कोर्ट के माध्यम से जमीनी विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्रदान की।1
- शुभम पांडेय ने, जो श्रेय टीवी कौशाम्बी के ब्यूरो चीफ और सवर्ण आर्मी के प्रदेश प्रभारी आईटी सेल हैं, सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सर्वेश पांडेय जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सर्वेश पांडेय जी को सदैव स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल जीवन मिले। शुभकामनाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि समाज को उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन और सेवा की अत्यंत आवश्यकता है, और कामना की गई कि उनका जीवन सतत प्रेरणा स्रोत बना रहे।1
- पटना में खान सर के कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर हुए हमले और तोड़फोड़ की घटना ने सबको चौंका दिया है। इस घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके उपरांत पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि एक वीडियो में इस पूरे मामले, हमले की वजह से संबंधित जानकारी और खान सर का बयान शामिल है, तथा नवीनतम अपडेट्स के लिए वीडियो को पूरा देखने का आग्रह किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक 03 और 04 जून को आयोजित की जा रही प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) परीक्षा के पहले दिन, चित्रकूट इंटर कॉलेज, चित्रकूट में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री डीपी पाल ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, नामित सेक्टर मजिस्ट्रेटों और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को कड़े निर्देश दिए, जिसमें स्पष्ट किया गया कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता या शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को सकुशल, शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने का निर्देश दिया। आज आयोजित परीक्षा के दोनों पालियों के आंकड़े बताते हैं कि प्रथम पाली में पंजीकृत 3,683 छात्र-छात्राओं में से 2,048 उपस्थित रहे, जबकि 1,635 अनुपस्थित थे। द्वितीय पाली में, 3,868 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 2,144 उपस्थित हुए और 1,724 अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन की सतर्कता के परिणामस्वरूप, परीक्षा के प्रथम दिन अनुचित साधनों (नकल) का प्रयोग करते हुए दो परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इनमें भंवरी कृषक इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थी विकास सिंह और चित्रकूट इंटर कॉलेज, चित्रकूट केंद्र पर परीक्षार्थी विवेक कुमार शामिल हैं। शुचिता भंग करने के प्रयास में इन दोनों परीक्षार्थियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के अंतर्गत आने वाले मशनी गांव में पांच दिन पहले आई आंधी ने एक मकान पर पेड़ गिरा दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में मकान की एक पक्की दीवार टूट गई और उसके तीन कमरों की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। प्रभावितों के अनुसार, घटना को पांच दिन बीत जाने के बावजूद, संबंधित लेखपाल द्वारा अब तक मौके पर आकर स्थलीय निरीक्षण नहीं किया गया है। यह जानकारी इंडियन नेशनल न्यूज "सच की खोज" के फाउंडर सुनील कुमार ने दी है।1
- बांदा जिले की दांदौ खादर खदान में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में नदी की प्राकृतिक जलधारा को बाधित कर बड़े पैमाने पर बालू और मोरम का खनन किया जा रहा है। खनन कार्य में प्रतिबंधित भारी मशीनों के इस्तेमाल की भी चर्चा है, जिससे पर्यावरणीय मानकों और खनन नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, खनन क्षेत्र में नदी के बहाव को मोड़ने और जलधारा को रोककर अवैध खनन कार्य किया जा रहा है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे न केवल नदी के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान हो रहा है, बल्कि भविष्य में बाढ़ और कटान जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है, जैसा कि पर्यावरण विशेषज्ञ भी मानते हैं। इसके अतिरिक्त, खदान से निकलने वाले ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के ओवरलोड संचालन की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। क्षेत्र में खुलेआम अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नियमित जांच और निगरानी से इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। अवैध खनन से एक ओर जहां पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व की भी भारी हानि होती है। इन सभी सवालों के बीच, अब लोगों की नजर प्रशासन और खनन विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी है और वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का इंतजार कर रहे हैं।4
- कौशांबी के चायल में, उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बुधवार को ग्राम मखदूमपुर काजी में “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के तहत एक विशेष कैंप का आयोजन किया। इस कैंप में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने भूमि विवाद से संबंधित कुल 03 शिकायतों का ग्राम स्तर पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इस दौरान, शिकायतकर्ता विजय मौर्य की गुहार पर ग्राम की गाटा संख्या-648 की पैमाइश कर उसका चिन्हांकन किया गया और उसे ग्राम प्रधान को सुपुर्द किया गया। इसी प्रकार, शिकायतकर्ता मूलचन्द्र की शिकायत के आधार पर ग्राम की गाटा संख्या-381 (तालाब) की पैमाइश और चिन्हांकन का कार्य भी संपन्न हुआ। एक अन्य मामले में, शिकायतकर्ता शिवबाबू की शिकायत पर ग्राम की गाटा संख्या-373 (नवीन परती) की पैमाइश कर उसका चिन्हांकन किया गया। उप जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को भविष्य में भी जनता की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुए हमले और तोड़फोड़ की घटना ने सभी को चौंका दिया है। इस घटना के बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसके उपरांत पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला पथराव और तोड़फोड़ के कारण हुए हंगामे से जुड़ा है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में स्थित पियावा चौराहे पर वर्ष '73 में एक गंभीर घटना सामने आई थी। यह मामला गोली लगने और टक्कर होने से संबंधित था, जिसमें कथित तौर पर मार दिया गया था।1