बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त, पुनर्वास पर विशेष जोर मधुबनी, 13 अप्रैल 2026 - जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए गठित टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना की और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अभियान तेज करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। मिथिला एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में श्रम अधीक्षक, सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त, पुनर्वास पर विशेष जोर मधुबनी, 13 अप्रैल 2026 - जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए गठित टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना की और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अभियान तेज करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। मिथिला एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में श्रम अधीक्षक, सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त, पुनर्वास पर विशेष जोर मधुबनी, 13 अप्रैल 2026 - जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए गठित टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना की और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अभियान तेज करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। मिथिला एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में श्रम अधीक्षक, सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त, पुनर्वास पर विशेष जोर मधुबनी, 13 अप्रैल 2026 - जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए गठित टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना की और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अभियान तेज करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। मिथिला एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में श्रम अधीक्षक, सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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- Post by Mankhush kumar1
- मधुबनी में नशा मुक्ति को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान की शुरुआत कर दी है। सोमवार को समाहरणालय से जुड़े इस अभियान के तहत शहर के शंकर चौक से समाहरणालय परिसर तक एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। 📢 अपील बिहार में शराब का व्यापार और सेवन पूर्णतः अवैध है। इससे संबंधित जानकारी टोल फ्री नंबर 15545, 18003456268 या जिला नियंत्रण कक्ष 06276-222576 पर दें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।1
- Post by LAXMI SAH RADHA KRISHNA JEWELLERS1
- Post by सौर बाजार समाचार।1
- बिहार के मधेपुरा में इन दिनों आस्था का ऐसा महासंगम दिख रहा है,जहां लोकविश्वास, परंपरा और चमत्कार की कहानियां एक साथ जीवंत हो उठी हैं।पशुपालकों के देवता माने जाने वाले बाबा विशुराउत धाम में चार दिवसीय राजकीय मेले का भव्य आगाज़ हुआ है।मान्यता ऐसी कि यहां बाबा को चढ़ाया गया दूध फटता नहीं और यही विश्वास हर साल हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को इस धाम तक खींच लाता है। दरअसल मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड स्थित पचरासी स्थान, लौआलगाम का बाबा विशुराउत धाम भक्तों से गुलजार है।चार दिवसीय राजकीय मेले का उद्घाटन प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। बाबा विशुराउत को इलाके में पशुपालकों का रक्षक देवता माना जाता है।स्थानीय लोगों की मान्यता है कि बाबा की कृपा से पशुधन सुरक्षित रहता है, बीमारियां दूर होती हैं और घरों में समृद्धि आती है। सबसे अनोखी आस्था इस बात को लेकर है कि बाबा के दरबार में चढ़ाया गया दूध फटता नहीं श्रद्धालु इसे बाबा का चमत्कार मानते हैं और इसी विश्वास के साथ दूर-दराज से लोग दूध लेकर यहां पहुंचते हैं। मेले में पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, झूले, ग्रामीण बाजार और अस्थायी दुकानों की भी रौनक है। पूरा पचरासी क्षेत्र इस समय भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा हुआ है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधा की विशेष व्यवस्था की है। बाइट – पंकज कुमार, एसडीएम, उदाकिशुनगंज बाइट – अविनाश कुमार, एसडीपीओ, उदाकिशुनगंज आस्था और लोकपरंपरा के इस अद्भुत संगम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बिहार की मिट्टी में आज भी विश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं और पचरासी का यह धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोकआस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है।4
- बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त, पुनर्वास पर विशेष जोर मधुबनी, 13 अप्रैल 2026 - जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए गठित टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना की और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अभियान तेज करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। मिथिला एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में श्रम अधीक्षक, सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।1
- Post by Mankhush kumar1
- बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर डीएम एसपी ने दी श्रधांजलि।1