भारत सरकार के प्रतिष्ठित 'नेशनल अवार्ड्स फॉर ई-गवर्नेंस' (NAeG 2026) के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यह सम्मान 2 जुलाई 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (#NCeG2026) में प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और डिजिटल इंडिया के संकल्प को धरातल पर उतारने वाली सर्वश्रेष्ठ पहलों को सम्मानित करेंगे। यह राष्ट्रीय पुरस्कार सरकारी प्रक्रियाओं की री-इंजीनियरिंग और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले विभागों और अधिकारियों को दिया जाता है। इस वर्ष पुरस्कारों के निर्धारण के लिए मुख्य रूप से प्रक्रिया री-इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स, जमीनी स्तर पर डिजिटल नवाचार, तथा स्केलिंग अप और रिप्लिकेशन जैसे तकनीकी व प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन नवाचारों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। देश भर से सरकारी अधिकारी, डिजिटल इनोवेटर्स, शिक्षाविद, उद्योग जगत के लीडर्स, टेक स्टार्टअप्स और ई-गवर्नेंस विशेषज्ञ आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस मंच पर देश के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नई तकनीकी नीतियों पर गहन विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित पिछले 28वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन की सफल और अवार्ड विजेता पहलों पर आधारित विशेष तकनीकी वीडियो और केस स्टडीज भी प्रदर्शित की जाएंगी, ताकि अन्य राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी और स्टार्टअप्स उनसे प्रेरणा ले सकें।
भारत सरकार के प्रतिष्ठित 'नेशनल अवार्ड्स फॉर ई-गवर्नेंस' (NAeG 2026) के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यह सम्मान 2 जुलाई 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (#NCeG2026) में प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और डिजिटल इंडिया के संकल्प को धरातल पर उतारने वाली सर्वश्रेष्ठ पहलों को सम्मानित करेंगे। यह राष्ट्रीय पुरस्कार सरकारी प्रक्रियाओं की री-इंजीनियरिंग और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले विभागों और अधिकारियों को दिया जाता है। इस वर्ष पुरस्कारों के निर्धारण के लिए मुख्य रूप से प्रक्रिया री-इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स, जमीनी स्तर पर डिजिटल नवाचार, तथा स्केलिंग अप और रिप्लिकेशन जैसे तकनीकी व प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन नवाचारों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। देश भर से सरकारी अधिकारी, डिजिटल इनोवेटर्स, शिक्षाविद, उद्योग जगत के लीडर्स, टेक स्टार्टअप्स और ई-गवर्नेंस विशेषज्ञ आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस मंच पर देश के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नई तकनीकी नीतियों पर गहन विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित पिछले 28वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन की सफल और अवार्ड विजेता पहलों पर आधारित विशेष तकनीकी वीडियो और केस स्टडीज भी प्रदर्शित की जाएंगी, ताकि अन्य राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी और स्टार्टअप्स उनसे प्रेरणा ले सकें।
- झारखंड में ससुर और बहू पर अपनी पत्नी/सास की हत्या का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि ससुर और बहू के बीच अवैध संबंध थे, और उन्होंने मिलकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के ग्रामीण और महिलाएं आक्रोशित हो गईं। महिलाओं ने आरोपी के खिलाफ फाँसी की मांग की है।1
- गौरव को मिली आजीवन कारावास की सज़ा के मामले में अब बजरंग दल उनका केस लड़ेगा। संगठन ने घोषणा की है कि वह इस पूरे मामले का खर्च भी उठाएगा।1
- कुजू नया मोड़ कोरिया घाटी में मोबिल से लदा एक मिनी ट्रक 'फिल्मी स्टाइल' में पलट गया है।1
- रांची के पंडरा स्थित एक वाइन शॉप में आज तड़के एक युवक ने आग लगाने का प्रयास किया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक ने वाइन शॉप में आग लगाने की कोशिश की थी।1
- Post by Shashikant1
- हज़ारीबाग़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ज़िले को नशामुक्त करने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने ज़मीनी स्तर पर एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस सघन जनजागरूकता अभियान के तहत, प्रारंभिक चरण में 15 और 16 जून 2026 को इचाक और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सड़कों पर उतरकर सघन कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर मुख्य बाज़ारों तक सीधे आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सड़कों और चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों ने खुद कमान संभाली और माइकिंग के ज़रिए नशा उन्मूलन के विरुद्ध व्यापक प्रचार-प्रसार किया। पुलिस ने लोगों को बताया कि कैसे अवैध मादक पदार्थ युवा पीढ़ी के भविष्य को खोखला कर रहे हैं और इसके सेवन से सामाजिक व पारिवारिक ताना-बाना नष्ट हो रहा है। इसके साथ ही, पुलिस की खुफिया टीमें मादक पदार्थों की गुप्त सप्लाई चेन और तस्करों की कड़ियों को भी खंगाल रही हैं, ताकि जागरूकता के साथ-साथ अपराधियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जून से शुरू होकर आगामी 26 जून 2026 तक लगातार जारी रहेगा, जिसके तहत ज़िले के सभी शहरी व ग्रामीण थाना क्षेत्रों में क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। हज़ारीबाग़ पुलिस ने ज़िले के अभिभावकों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों से भावुक अपील की है कि वे हर प्रकार के नशे से खुद को और अपने परिवार को दूर रखें। पुलिस का मानना है कि एक स्वस्थ, सुरक्षित, अपराधमुक्त और जागरूक समाज का निर्माण केवल पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की सक्रिय और ज़िम्मेदाराना भागीदारी से ही संभव है।2
- हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ स्थित Pinnacle Ignited Minds School में बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। स्कूल परिसर में बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हुए देखे गए।1
- बिहार में पुलिस और जनता के बीच बढ़ते अविश्वास को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। आरा से किशनगंज तक, राज्यभर में इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ पुलिस और लोगों के संबंधों में यह दरार देखने को मिल रही है। यह प्रश्न राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और मुख्यमंत्री को भी टैग किया गया है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।1