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सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना की गई है और लोकतंत्र पर इसके पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा की गई है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल नाम के आधार पर व्यक्तियों को निशाना बनाना कानून नहीं, बल्कि सीधा भेदभाव है। इसके साथ ही, परिवारों को डराने-धमकाने की हरकतों को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद हानिकारक बताया गया है। इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली और जंतर-मंतर पर हुए विरोध का भी उल्लेख किया गया है।
Reporter Shahnawaz
सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना की गई है और लोकतंत्र पर इसके पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा की गई है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल नाम के आधार पर व्यक्तियों को निशाना बनाना कानून नहीं, बल्कि सीधा भेदभाव है। इसके साथ ही, परिवारों को डराने-धमकाने की हरकतों को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद हानिकारक बताया गया है। इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली और जंतर-मंतर पर हुए विरोध का भी उल्लेख किया गया है।
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