विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान वीर क्रांतिकारी सरदार अली खान को अंग्रेजों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के कारण फांसी दे दी थी। उन्होंने अमर शहीद बाबू बंधू सिंह के साथ मिलकर गोरखपुर में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांति की मशाल प्रज्वलित की थी। वर्तमान में कोतवाली परिसर, नखास चौक स्थित उनकी अंतिम समाधि एवं शहीद स्थल अत्यंत उपेक्षित अवस्था में है। स्थल की बाउंड्री वॉल कई स्थानों पर टूटी हुई है तथा पश्चिम दिशा में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा पशु वहां प्रवेश कर गंदगी फैलाते हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम की कूड़ा ढोने वाली ट्रॉलियां भी शहीद स्थल के आसपास खड़ी रहती हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है और स्थल की गरिमा प्रभावित होती है। प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त एवं 26 जनवरी के अवसर पर गोरखपुर के समाजसेवी एवं नागरिक इस शहीद स्थल पर एकत्र होकर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान तथा महान क्रांतिकारी सरदार अली खान के जीवन एवं बलिदान पर व्याख्यान आयोजित करते हैं। ऐसी स्थिति में इस ऐतिहासिक स्थल का स्वच्छ एवं सम्मानजनक होना अत्यंत आवश्यक है।
विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान वीर
क्रांतिकारी सरदार अली खान को अंग्रेजों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के कारण फांसी दे दी थी। उन्होंने अमर शहीद बाबू बंधू सिंह के साथ मिलकर गोरखपुर में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांति की मशाल प्रज्वलित की थी। वर्तमान में कोतवाली परिसर, नखास चौक स्थित उनकी अंतिम समाधि एवं शहीद स्थल अत्यंत उपेक्षित
अवस्था में है। स्थल की बाउंड्री वॉल कई स्थानों पर टूटी हुई है तथा पश्चिम दिशा में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा पशु वहां प्रवेश कर गंदगी फैलाते हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम की कूड़ा ढोने वाली ट्रॉलियां भी शहीद स्थल के आसपास खड़ी रहती हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है और स्थल की
गरिमा प्रभावित होती है। प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त एवं 26 जनवरी के अवसर पर गोरखपुर के समाजसेवी एवं नागरिक इस शहीद स्थल पर एकत्र होकर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान तथा महान क्रांतिकारी सरदार अली खान के जीवन एवं बलिदान पर व्याख्यान आयोजित करते हैं। ऐसी स्थिति में इस ऐतिहासिक स्थल का स्वच्छ एवं सम्मानजनक होना अत्यंत आवश्यक है।
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- विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान वीर क्रांतिकारी सरदार अली खान को अंग्रेजों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के कारण फांसी दे दी थी। उन्होंने अमर शहीद बाबू बंधू सिंह के साथ मिलकर गोरखपुर में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांति की मशाल प्रज्वलित की थी। वर्तमान में कोतवाली परिसर, नखास चौक स्थित उनकी अंतिम समाधि एवं शहीद स्थल अत्यंत उपेक्षित अवस्था में है। स्थल की बाउंड्री वॉल कई स्थानों पर टूटी हुई है तथा पश्चिम दिशा में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा पशु वहां प्रवेश कर गंदगी फैलाते हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम की कूड़ा ढोने वाली ट्रॉलियां भी शहीद स्थल के आसपास खड़ी रहती हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है और स्थल की गरिमा प्रभावित होती है। प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त एवं 26 जनवरी के अवसर पर गोरखपुर के समाजसेवी एवं नागरिक इस शहीद स्थल पर एकत्र होकर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान तथा महान क्रांतिकारी सरदार अली खान के जीवन एवं बलिदान पर व्याख्यान आयोजित करते हैं। ऐसी स्थिति में इस ऐतिहासिक स्थल का स्वच्छ एवं सम्मानजनक होना अत्यंत आवश्यक है।4