दतिया जिले के लांच क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इस पुल का उपयोग लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के लिए किया जा रहा था, जिससे राजस्व की हानि के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा था। यह कार्रवाई कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर सेवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी और एसडीओपी अजय चानना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जेसीबी मशीन की मदद से की गई। इस अभियान के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आनंद भदौरिया, थाना प्रभारी शत्रुघ्न मिश्रा, खनिज अधिकारी संजय धाकड़ सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि लांच सिंध नदी पर रेत माफिया द्वारा बनाए गए ऐसे अवैध पुल को एक महीने के भीतर यह तीसरी बार ध्वस्त किया गया है, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
दतिया जिले के लांच क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इस पुल का उपयोग लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के लिए किया जा रहा था, जिससे राजस्व की हानि के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा था। यह कार्रवाई कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर सेवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी और एसडीओपी अजय चानना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जेसीबी मशीन की मदद से की गई। इस अभियान के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आनंद भदौरिया, थाना प्रभारी शत्रुघ्न मिश्रा, खनिज अधिकारी संजय धाकड़ सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि लांच सिंध नदी पर रेत माफिया द्वारा बनाए गए ऐसे अवैध पुल को एक महीने के भीतर यह तीसरी बार ध्वस्त किया गया है, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा स्थित बीएसएफ अकादमी के सुरक्षा भवन के पीछे से अज्ञात चोरों ने चंदन के दो से तीन पेड़ काट लिए। सुरक्षा भवन को बीएसएफ का सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, और इसी संवेदनशील क्षेत्र से इन पेड़ों को काटा गया है, जिससे अकादमी में हड़कंप मच गया है। इस घटना के संबंध में सिटी थाना डबरा में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुट गई है।3
- दतिया जिले में हुए विशाल कुशवाहा हत्याकांड के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई विशाल कुशवाहा की हत्या से संबंधित है।1
- दतिया जिले को अपराध मुक्त बनाने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने इंदरगढ़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 'जन संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और युवाओं के साथ सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। पुलिस अधीक्षक खंडेलवाल ने भरोसा दिलाया कि पुलिस अब सीधे जनता के संपर्क में है और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध गतिविधियों और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी, जिसका लक्ष्य क्षेत्र को पूरी तरह अपराध मुक्त बनाना है। उन्होंने लोगों से किसी भी परेशानी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने में संकोच न करने की अपील की, यह कहते हुए कि उनकी सूचना ही अपराधी तक पहुँचने का सबसे सशक्त माध्यम है। इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु बनाना है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। एसपी मयूर खंडेलवाल ने संदेश दिया कि दतिया को अपराध मुक्त बनाना उनका प्राथमिक लक्ष्य है और जनता का सहयोग पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने पुलिस अधीक्षक के इस जन संवाद कार्यक्रम की सराहना की, यह मानते हुए कि इससे पुलिसिंग में कसावट आएगी और अपराधी तत्वों में भय का माहौल बनेगा। इस अवसर पर स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।1
- दतिया जिले में 17 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार सौंपा गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने इन आरक्षकों को नई रैंक प्रदान की। यह जानकारी दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट में सामने आई है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी के 486वें जन्म महोत्सव के अवसर पर एक भव्य चल समारोह निकाला गया। यह आयोजन रावत राजपूत क्षत्रिय समाज सेवा समिति, संभाग ग्वालियर द्वारा किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का आरंभ शुगर मिल जयशिव गार्डन में अतिथि सम्मान और एक सभा के साथ हुआ, जिसमें साधु-संतों का भी आगमन हुआ। इसके बाद चल समारोह शुरू हुआ, जो डबरा के मुख्य मार्गों से होते हुए महाराणा प्रताप चौराहा, झांसी रोड, बल्ला का डेरा पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान जगह-जगह चल समारोह का भव्य स्वागत किया गया।2
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में ग्रामदर्शन न्यूज़ के संपादक दीपक तिवारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दीपक तिवारी ने आरोप लगाया है कि पंचायत के निर्माण कार्यों की कवरेज और समाचार प्रकाशित करने के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें जबरन एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले गए और उनके मोबाइल फोन से वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। जानकारी के अनुसार, दीपक तिवारी ने राऊरी पंचायत में सड़क और अंबेडकर पार्क के निर्माण कार्यों की वीडियो कवरेज की थी। इसके बाद जब समाचार प्रकाशित हुआ, तो सोनागिर तिराहे पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। दीपक तिवारी का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि फौजी यादव और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन सीतापुर ले गए। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उनके मोबाइल में मौजूद निर्माण कार्यों से जुड़े वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। दीपक तिवारी ने बताया कि उन्हें करीब एक किलोमीटर तक मारते-पीटते हुए ले जाया गया और बाद में परिचितों को घटना की जानकारी मिलने पर उन्हें छोड़ा गया। घटना के बाद दीपक तिवारी ने फेसबुक पर अपनी आपबीती साझा करते हुए पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट वायरल हो गई है। पत्रकारों और आम लोगों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सभी की नजरें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, ये आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं और वास्तविक स्थिति तथा तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- दतिया में हुए चर्चित विशाल कुशवाहा हत्याकांड के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस अब इन नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। फरियादी रोहित यादव की रिपोर्ट के आधार पर अमित तिवारी, बंटी तिवारी, गोलू तिवारी, दिव्यांक पाठक, राहुल बुन्देला और विकास शर्मा को आरोपी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने कार में बैठे युवकों पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें विशाल कुशवाहा को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।1