बलरामपुर ..रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का वीडियो वायरल, तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ होने के बावजूद नहीं मिला समय पर इलाज .. बलरामपुर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की तस्वीर सामने आई है, जहां राजपुर विकासखंड के ग्राम रेवतपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से तड़पती गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका रहा और स्वास्थ्य कर्मचारी मौके से नदारद रहे। आखिरकार महिला को अस्पताल के सामने सड़क किनारे खड़ी महतारी एक्सप्रेस (102) में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। दशहरा के दिन मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। महतारी एक्सप्रेस में प्रसव, अस्पताल में लटका रहा ताला ..... जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अंबिकापुर की ओर से कुछ लोग रेवतपुर होते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने महतारी एक्सप्रेस खड़ी देखी, जिसके अंदर एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। महिला के परिजन उसे ढांढस बंधाते हुए अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था। इतना ही नहीं, परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बनाए गए सरकारी आवासों में भी ताला लगा मिला और पूरा परिसर सुनसान पड़ा था। मौके पर कोई चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल नहीं खुला तो गाड़ी में ही हुआ प्रसव .... ग्रामीणों के अनुसार, गर्भवती महिला नजदीकी गांव की रहने वाली थी और उसकी हालत ऐसी थी कि उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाना भी संभव नहीं हो पा रहा था। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद अस्पताल का ताला नहीं खुला, जिसके बाद परिजनों के सामने ही महतारी एक्सप्रेस में महिला का प्रसव हो गया। इस दौरान भी कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और उन्होंने फोन के माध्यम से चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सूचना दी। एक घंटे बाद पहुंची महिला स्वास्थ्यकर्मी ..... बताया जा रहा है कि घटना के लगभग एक घंटे बाद अंबिकापुर से एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी रेवतपुर पहुंची। इसके बाद अस्पताल का ताला खोला गया और प्रसूता तथा नवजात को अस्पताल के अंदर ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का राहगीरों ने वीडियो बना लिया, जिसमें महतारी एक्सप्रेस में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला और अस्पताल के बंद गेट की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ.... रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है। यहां एक एमबीबीएस चिकित्सक सहित कुल तीन चिकित्सक और 17 कर्मचारी पदस्थ बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद अस्पताल में ताला लगा मिलना और प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची गर्भवती महिला को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रभारी चिकित्सक को नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई ..... इस मामले में राजपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में आई है। रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक को नोटिस जारी किया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों के पदस्थ होने के बावजूद अस्पताल में ताला क्यों लगा था और प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को समय पर उपचार क्यों नहीं मिल सका। फिलहाल, वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बलरामपुर ..रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का वीडियो वायरल, तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ होने के बावजूद नहीं मिला समय पर इलाज .. बलरामपुर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की तस्वीर सामने आई है, जहां राजपुर विकासखंड के ग्राम रेवतपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से तड़पती गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका रहा और स्वास्थ्य कर्मचारी मौके से नदारद रहे। आखिरकार महिला को अस्पताल के सामने सड़क किनारे खड़ी महतारी एक्सप्रेस (102) में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। दशहरा के दिन मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। महतारी एक्सप्रेस में प्रसव, अस्पताल में लटका रहा ताला ..... जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अंबिकापुर की ओर से कुछ लोग रेवतपुर होते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने महतारी एक्सप्रेस खड़ी देखी, जिसके अंदर एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। महिला के परिजन उसे ढांढस बंधाते हुए अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था। इतना ही नहीं, परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बनाए गए सरकारी आवासों में भी ताला लगा मिला और पूरा परिसर सुनसान पड़ा था। मौके पर कोई चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल नहीं खुला तो गाड़ी में ही हुआ प्रसव .... ग्रामीणों के अनुसार, गर्भवती महिला नजदीकी गांव की रहने वाली थी और उसकी हालत ऐसी थी कि उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाना भी संभव नहीं हो पा रहा था। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद अस्पताल का ताला नहीं खुला, जिसके बाद परिजनों के सामने ही महतारी एक्सप्रेस में महिला का प्रसव हो गया। इस दौरान भी कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना
की जानकारी मिलने के बाद गांव के पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और उन्होंने फोन के माध्यम से चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सूचना दी। एक घंटे बाद पहुंची महिला स्वास्थ्यकर्मी ..... बताया जा रहा है कि घटना के लगभग एक घंटे बाद अंबिकापुर से एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी रेवतपुर पहुंची। इसके बाद अस्पताल का ताला खोला गया और प्रसूता तथा नवजात को अस्पताल के अंदर ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का राहगीरों ने वीडियो बना लिया, जिसमें महतारी एक्सप्रेस में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला और अस्पताल के बंद गेट की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ.... रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है। यहां एक एमबीबीएस चिकित्सक सहित कुल तीन चिकित्सक और 17 कर्मचारी पदस्थ बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद अस्पताल में ताला लगा मिलना और प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची गर्भवती महिला को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रभारी चिकित्सक को नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई ..... इस मामले में राजपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में आई है। रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक को नोटिस जारी किया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों के पदस्थ होने के बावजूद अस्पताल में ताला क्यों लगा था और प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को समय पर उपचार क्यों नहीं मिल सका। फिलहाल, वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
- बलरामपुर ..रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का वीडियो वायरल, तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ होने के बावजूद नहीं मिला समय पर इलाज .. बलरामपुर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की तस्वीर सामने आई है, जहां राजपुर विकासखंड के ग्राम रेवतपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से तड़पती गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका रहा और स्वास्थ्य कर्मचारी मौके से नदारद रहे। आखिरकार महिला को अस्पताल के सामने सड़क किनारे खड़ी महतारी एक्सप्रेस (102) में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। दशहरा के दिन मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। महतारी एक्सप्रेस में प्रसव, अस्पताल में लटका रहा ताला ..... जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अंबिकापुर की ओर से कुछ लोग रेवतपुर होते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने महतारी एक्सप्रेस खड़ी देखी, जिसके अंदर एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। महिला के परिजन उसे ढांढस बंधाते हुए अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था। इतना ही नहीं, परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बनाए गए सरकारी आवासों में भी ताला लगा मिला और पूरा परिसर सुनसान पड़ा था। मौके पर कोई चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल नहीं खुला तो गाड़ी में ही हुआ प्रसव .... ग्रामीणों के अनुसार, गर्भवती महिला नजदीकी गांव की रहने वाली थी और उसकी हालत ऐसी थी कि उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाना भी संभव नहीं हो पा रहा था। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद अस्पताल का ताला नहीं खुला, जिसके बाद परिजनों के सामने ही महतारी एक्सप्रेस में महिला का प्रसव हो गया। इस दौरान भी कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और उन्होंने फोन के माध्यम से चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सूचना दी। एक घंटे बाद पहुंची महिला स्वास्थ्यकर्मी ..... बताया जा रहा है कि घटना के लगभग एक घंटे बाद अंबिकापुर से एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी रेवतपुर पहुंची। इसके बाद अस्पताल का ताला खोला गया और प्रसूता तथा नवजात को अस्पताल के अंदर ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का राहगीरों ने वीडियो बना लिया, जिसमें महतारी एक्सप्रेस में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला और अस्पताल के बंद गेट की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ.... रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है। यहां एक एमबीबीएस चिकित्सक सहित कुल तीन चिकित्सक और 17 कर्मचारी पदस्थ बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद अस्पताल में ताला लगा मिलना और प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची गर्भवती महिला को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रभारी चिकित्सक को नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई ..... इस मामले में राजपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में आई है। रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक को नोटिस जारी किया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि तीन चिकित्सकों सहित 17 कर्मचारियों के पदस्थ होने के बावजूद अस्पताल में ताला क्यों लगा था और प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को समय पर उपचार क्यों नहीं मिल सका। फिलहाल, वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।2
- hamare Chhattisgarh ka 20 tarikh ka visarjan sampurn hua hai uska video Aaj Ham Dal rahe hain pura aap log dekh sakte hain video ko pura dekhen aur like ka video ko share Karen dhanyvad Jay Shri Ram har har mahadev pura Dekho1
- देवी भक्तों ने आरक्षक के विरुद्ध दिया ज्ञापन कहा आरक्षक ने दुर्गा समिति सहित दुर्गा जी का किया अपमान देवी भक्तों ने आरक्षक के विरुद्ध दिया ज्ञापन कहा आरक्षक ने दुर्गा समिति सहित दुर्गा जी का किया अपमान1
- चन्दौरीपारा में धूमधाम से निकली श्रीराम की भव्य शोभायात्रा, जय श्रीराम के जयकारों के बीच हुआ रावण दहन... चन्दौरीपारा में धूमधाम से निकली श्रीराम की भव्य शोभायात्रा, जय श्रीराम के जयकारों के बीच हुआ रावण दहन... युवा सेवा समिति के आयोजन में उमड़ा जनसैलाब, राम-सीता-लक्ष्मण और मां दुर्गा की झांकी रही आकर्षण का केंद्र, महाआरती व दीपदान के साथ मनाया गया विजयादशमी पर्व... वाड्रफनगर/बलरामपुर बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर अंतर्गत चन्दौरीपारा में विजयादशमी के पावन अवसर पर युवा सेवा समिति चन्दौरीपारा द्वारा भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हुए। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं मां दुर्गा की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति गीतों की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा के पश्चात शानदार आतिशबाजी के बीच रावण दहन का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। चन्दौरीपारा से निकली भव्य शोभायात्रा विजयादशमी के अवसर पर युवा सेवा समिति चन्दौरीपारा द्वारा भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चन्दौरीपारा से प्रारंभ होकर राजीव गांधी चौक और शिव मंदिर होते हुए पुनः चन्दौरीपारा पहुंची। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और मां दुर्गा की मनमोहक झांकियां शामिल रहीं। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते हुए आगे बढ़े। जगह-जगह धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और लोगों ने श्रद्धा एवं उल्लास के साथ शोभायात्रा में भागीदारी निभाई। मां दुर्गा के पंडाल में महाआरती और दीपदान शोभायात्रा के दौरान मां दुर्गा के पंडाल में विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता रानी की आराधना की और दीपदान कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तिमय वातावरण में संपन्न महाआरती ने कार्यक्रम की धार्मिक छटा को और भी बढ़ा दिया। महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। आतिशबाजी के बीच हुआ रावण दहन महाआरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के पश्चात रावण दहन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। रावण दहन से पहले और उसके दौरान शानदार आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला। आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा और चारों ओर जय श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। लोगों ने उत्साह के साथ रावण दहन देखा और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी पर्व की खुशियां साझा कीं। पहली बार लगातार हो रहे भव्य धार्मिक आयोजन चन्दौरीपारा में युवा सेवा समिति द्वारा इस वर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर लगातार विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भव्य जगराता से हुई, जिसके बाद नवरंग डांडिया का आयोजन किया गया। अब विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्रीराम की शोभायात्रा और रावण दहन कार्यक्रम ने आयोजन को और भी खास बना दिया। समिति द्वारा पहली बार इस तरह लगातार भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने से क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़ने और क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। आज निकलेगी मां दुर्गा की भव्य झांकी, होगा विसर्जन युवा सेवा समिति चन्दौरीपारा द्वारा नवरात्रि एवं विजयादशमी के कार्यक्रमों के बाद आज मां दुर्गा की भव्य झांकी के साथ विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। लगातार हो रहे आयोजनों से चन्दौरीपारा का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। विजयादशमी के इस आयोजन ने एक बार फिर धर्म, आस्था और सामाजिक एकता का संदेश दिया। भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा, मां दुर्गा की महाआरती, दीपदान, आकर्षक झांकियों और रावण दहन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। युवा सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए धार्मिक आयोजनों में इसी तरह सहभागिता बनाए रखने की अपील की।4
- पिपरी - सोनभद्र विजय दशमी पर आज पिपरी में राम रावण युद्ध पश्चात रावण दहन हुआ जिसमें पिपरी रेणुकूट सहित ग्रामीण अंचल से काफी संख्या में लोगों ने रावण दहन को देखा,रावण दहन के समय राम को रावण के पास सुरक्षा से ले जाने के लिए बजरंग दल ने अपनी महती भूमिका निभाई जिसमें संदीप शाह विशाल ठाकुर, रुद्र शर्मा, नीतेश शर्मा, दीपक विश्वकर्मा ,प्रिंस विश्वकर्मा एवं उनकी पूरी टीम ने इस जिम्मेदारी को निभाया ,राम लीला समिति अध्यक्ष अजीत गुप्ता ने बताया ये राम लीला 67 वर्षों से चली आ रही है इसी परम्पराओं को निभाते हुए रामलीला का मंचन प्रयाग राज की मशहूर रामलीला पार्टी करती है रावणदहन पश्चात आतिशबाजी का कार्यक्रम चला , बुराई पर अच्छाई की जीत का परिचायक पिपरी की रामलीला आज समापन हुई, आतिश बाजी के समय लोगो को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन मुस्तैद दिखाई दिया रामलीला समिति अध्यक्ष अजीत कुमार गुप्ता,संजय तिवारी संत,अनिरुद्ध गुप्ता पंख जायसवाल आदित्य नारायण एडवोकेट , व्यापार मंडल अध्यक प्रमोद कुमार जायसवाल आदि लोगों ने अथक परिश्रम से ये रामलीला सम्पन्न हुई1
- दुद्धी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हुई तीन दुर्घटनाओं में कई घायल, चार गंभीर रूप से घायल जिला अस्पताल रेफर दुद्धी (सोनभद्र)। क्षेत्र में बुधवार को दिनभर सड़क हादसों का कहर देखने को मिला। क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर हुई तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में एक महिला समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी व म्योरपुर में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल चार लोगों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें सीएचसी दुद्धी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली घटना म्योरपुर थाना क्षेत्र के खैराही गांव निवासी शीतल प्रसाद (32) पुत्र श्रीराम दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अपनी बाइक से ससुराल रक्सी गांव धुरकी(झारखंड )जा रहे थे। रास्ते में गुलालझरिया भट्टी मोड़ के पास सामने से आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस ने उन्हें तत्काल सीएचसी दुद्धी पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। दूसरी घटना म्योरपुर थाना क्षेत्र के ही बताए गए जहां नौडीहा पुल के समीप करछाटोला के पास दोपहर करीब तीन बजे दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों बाइकों पर सवार कुल छह लोग घायल हो गए।स्प्लेंडर बाइक पर सवार चार लोग, जो सभी नशे में धुत बताए जा रहे थे, उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से सीएचसी म्योरपुर भेजा गया।जबकि होंडा शाइन बाइक पर सवार तीन लोग ,जो बघाडू से लिलासी की ओर जा रहे थे,को 102 एम्बुलेंस टीम की ईएमटी कुसुम यादव और चालक विजय राजभर के माध्यम से सीएचसी दुद्धी लाया गया।इस हादसे में भारत सिंह (20) पुत्र शनिदेव निवासी बघाडू को हल्की चोटें आईं। वहीं उनके साथी नरसिंह (17) पुत्र मुन्ना लाल और राजदेव (21) पुत्र संतोष दोनों निवासी रन्नू, के एक-एक पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. ऐमन अंसारी ने प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंह और राजदेव की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। तीसरा हादसा दुद्धी-विंढमगंज एनएच-39 पर अपाची बाइक सवार संजय (22) पुत्र रामलखन निवासी सूपाचुआ और उनके रिश्तेदार धर्मजीत (30) पुत्र वंशरूप निवासी डुमरडीहा,जो तुमिया गांव विंढमगंज से संजय के बहन के रिश्ते के लिए लड़का देखकर अपने अन्य बाइक सवार साथियों के साथ वापस लौट रहे थे। इस दौरान उनकी बाइक पीछे रह गई और आगे चलकर कनहर नई बैरियर के पास उनकी बाइक की सामने से आ रही हीरो स्प्लेंडर बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। हीरो स्प्लेंडर बाइक पर मिथिलेश कुमार सिंह (38) पुत्र उदय सिंह निवासी बंशीधर नगर, झारखंड, अपनी पत्नी आशा देवी (35) के साथ बीजपुर से अपने घर जा रहे थे। हादसे में मिथिलेश के पैर में गंभीर चोट आई, जबकि उनकी पत्नी बाल-बाल बच गईं उन्हें मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के बाद विंढमगंज से दुद्धी आ रहे कार सवार स्थानीय निवासी अजय चंद्रवंशी, संतोष चौरसिया, विकास मद्धेशिया, निरंजन सोनी और लवकुश ने मानवता का परिचय देते हुए घायल मिथिलेश व उनकी पत्नी को तत्काल अपनी कार से सीएचसी दुद्धी पहुंचाया। वहीं, अन्य घायलों को सूचना पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया गया। सीएचसी दुद्धी के चिकित्सक डॉ. ऐमन अंसारी ने प्राथमिक उपचार के बाद सिर में गंभीर चोट के कारण धर्मजीत और पैर में फ्रैक्चर के कारण मिथिलेश कुमार सिंह को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।4
- हाथी के हमले में जान गंवाने वाले अनंती यादव के परिवार को मिला 10 लाख रुपये का मुआवजा चिनिया, गढ़वा। हाथी के हमले में स्वर्गीय अनंती यादव की मृत्यु के बाद उनके परिवार को कुल 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई है। बुधवार को वन विभाग के प्रभारी वनपाल उत्तम कुमार रवि एवं वन समिति के अध्यक्ष रामसागर यादव मृतक के घर पहुंचे और उनकी पत्नी रामपति देवी को मुआवजा राशि के भुगतान की जानकारी दी। इस दौरान रामपति देवी को ₹4 लाख का चेक प्रदान किया गया, जबकि ₹5 लाख की राशि उनके नाम से बैंक में सावधि जमा (एफडी) के रूप में जमा की गई। इसके अतिरिक्त, पूर्व में ₹1 लाख की नकद राशि भी दी जा चुकी है। इस प्रकार, हाथी के हमले में अनंती यादव की मृत्यु के बाद उनके परिवार को कुल ₹10 लाख की मुआवजा राशि का भुगतान एवं जमा किया गया है।1
- प्रयागराज: 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला दाने-दाने को मोहताज, लड़कों ने छोड़ा साथ और वृद्धावस्था पेंशन से भी महरुम प्रयागराज। एक तरफ जहां सरकार बुजुर्गों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए तमाम योजनाएं चलाने का दावा करती है, वहीं धरातल पर कई बुजुर्ग आज भी बुनियादी सुविधाओं और सरकारी मदद से वंचित हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला प्रयागराज से सामने आया है, जहां 80 वर्ष की एक वृद्ध महिला भीषण आर्थिक तंगी और अपनों की बेरुखी का शिकार हो रही हैं। लड़कों ने मोड़ा मुंह, भरण-पोषण की समस्या पीड़ित बुजुर्ग महिला की उम्र लगभग 80 वर्ष है। इस ढलती उम्र में जहां उन्हें अपने परिवार और बच्चों के सहारे की जरूरत थी, वहीं उनके बेटों ने उनकी देखभाल करने से साफ इनकार कर दिया है। बेटों द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण वृद्धा के सामने जीवन यापन और रोटी-कपड़े का संकट खड़ा हो गया है। नहीं मिल रही वृद्धावस्था पेंशन पीड़िता का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। सरकारी दफ्तरों और कागजी औपचारिकताओं के चक्कर काटने के बावजूद अब तक उनकी पेंशन चालू नहीं हो सकी है। पेंशन न मिलने के कारण वह पूरी तरह बेबस और असहाय हो गई हैं। प्रशासनिक मदद की गुहार स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि बुजुर्ग महिला की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। उनकी वृद्धावस्था पेंशन तत्काल शुरू कराई जाए और माता-पिता के भरण-पोषण कानून के तहत बेटों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि वृद्ध महिला को सम्मानजनक जीवन मिल सके संजय श्रीवास्तव (संवाददाता) राष्ट्रीय हिंदी दैनिक 'जय देश' / 'दैनिक बिन्दु प्रकाश' सोनभद्र 📞 80523978191