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उत्तराखंड के हरिद्वार में इन दिनों भीड़ अपने चरम पर है, जिसके चलते अपर रोड और हरकी पौड़ी मार्ग पर आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। वीडियो में आज सुबह के हालात को दिखाया गया है, जहाँ विकास कार्यों के कारण पहले से ही यातायात बाधित है, वहीं दूसरी ओर अतिक्रमण की समस्या भी हमेशा की तरह बनी हुई है। इस अत्यधिक भीड़भाड़ के बीच रिक्शा और बैटरी रिक्शा भी सड़कों पर बेरोकटोक घुस रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। सड़कों और बाजारों में भीड़ को विभाजित करने वाली गलियों में भी अतिक्रमण पूरी तरह से पसरा हुआ है। मौजूदा गंभीर हालात को देखते हुए आशंका है कि यह स्थिति कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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उत्तराखंड के हरिद्वार में इन दिनों भीड़ अपने चरम पर है, जिसके चलते अपर रोड और हरकी पौड़ी मार्ग पर आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। वीडियो में आज सुबह के हालात को दिखाया गया है, जहाँ विकास कार्यों के कारण पहले से ही यातायात बाधित है, वहीं दूसरी ओर अतिक्रमण की समस्या भी हमेशा की तरह बनी हुई है। इस अत्यधिक भीड़भाड़ के बीच रिक्शा और बैटरी रिक्शा भी सड़कों पर बेरोकटोक घुस रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। सड़कों और बाजारों में भीड़ को विभाजित करने वाली गलियों में भी अतिक्रमण पूरी तरह से पसरा हुआ है। मौजूदा गंभीर हालात को देखते हुए आशंका है कि यह स्थिति कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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- ऋषिकेश में मजदूरों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है। जानकारी के अनुसार, यदि उन्हें काम मिलता भी है, तो उन्हें केवल 300 रुपये की दिहाड़ी पर काम करने को कहा जाता है, जिससे उनकी आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा है।1
- नैनीताल में कैंची धाम मेले और आगामी पर्यटन सीजन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। हल्द्वानी में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान, एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है। इसके तहत, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर यातायात व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके, वहीं अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती भी की गई है। साथ ही, वाहनों के दबाव को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए शटल सेवा को भी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील करते हुए यह भी दोहराया कि पुलिस अलर्ट मोड पर है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।1
- देहरादून के रायपुर हाथीखाना चौक पर सड़क खोदे जाने के बाद अभी तक उसकी मरम्मत नहीं की गई है। मूल जानकारी के अनुसार, 'सिविल लाइन वालों' द्वारा खोदी गई इस सड़क के कारण लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने का आग्रह किया है, ताकि उनकी दैनिक समस्याओं का समाधान हो सके।1
- यह पोस्ट पैसे को आकर्षित करने के तरीकों के बारे में सवाल उठाती है। इसमें पूछा गया है कि पैसे को कैसे आकर्षित किया जाता है और इसके क्या उपाय हैं।1
- पुलिस विभाग का 18 वर्ष 05 माह से अधिक समय तक हिस्सा रहकर जनसेवा करने के उपरांत श्री टीकाराम अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर स्वस्थ रूप से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी लंबी सेवा को देखते हुए, पुलिस कार्यालय रोशनाबाद, हरिद्वार स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में उनके सम्मान में एक विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्री टीकाराम ने पुलिस विभाग में भर्ती होने से पहले भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएँ दी थीं, जिसके बाद वे वर्ष 2007 में बतौर आरक्षी पुलिस विभाग में शामिल हुए। इस विदाई कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी और श्री टीकाराम के परिजन व बच्चे भी मौजूद थे। इस अवसर पर सभी ने श्री टीकाराम के साथ बिताए अच्छे और बुरे समय को साझा किया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान, सूक्ष्म जलपान के बाद एसएसपी नवनीत सिंह ने सेवानिवृत्त हो रहे श्री टीकाराम को फूल माला पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी समस्या का निवारण करने के लिए पुलिस विभाग सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा।1
- गतवर्ष मनसा देवी सीढ़ी मार्ग पर हुई दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई थी। उस समय प्रथमदृष्टया माना गया था कि किसी खंबे से बिजली का तार टूटने के बाद मची भगदड़ में लोग हादसे का शिकार हुए थे। इस घटना के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के दावे तो किए गए, लेकिन अब भी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर बिजली के खंभे ही टूटकर गिरने को तैयार खड़े हैं, जो बिजली के बल्ब और तारों का बोझ भी नहीं संभाल पा रहे हैं। हालाँकि सीढ़ी मार्ग प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बंद करा रखा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने पर इस मार्ग को खोलने की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ खंभों को तो विभाग ने नीचे से ईंट और लकड़ी का सहारा देकर अस्थायी 'जुगाड़' से टिका रखा है। लगभग एक माह पूर्व भी यहाँ एक बिजली का पोल गिर गया था, जिसे बाद में फिर जुगाड़ से खड़ा कर दिया गया था। अब कांवड़ मेला नजदीक है और ऐसे में इस मार्ग पर बिजली के ये झूलते खंभे फिर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बनने के लिए तैयार खड़े हैं, जो बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।1