गतवर्ष मनसा देवी सीढ़ी मार्ग पर हुई दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई थी। उस समय प्रथमदृष्टया माना गया था कि किसी खंबे से बिजली का तार टूटने के बाद मची भगदड़ में लोग हादसे का शिकार हुए थे। इस घटना के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के दावे तो किए गए, लेकिन अब भी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर बिजली के खंभे ही टूटकर गिरने को तैयार खड़े हैं, जो बिजली के बल्ब और तारों का बोझ भी नहीं संभाल पा रहे हैं। हालाँकि सीढ़ी मार्ग प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बंद करा रखा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने पर इस मार्ग को खोलने की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ खंभों को तो विभाग ने नीचे से ईंट और लकड़ी का सहारा देकर अस्थायी 'जुगाड़' से टिका रखा है। लगभग एक माह पूर्व भी यहाँ एक बिजली का पोल गिर गया था, जिसे बाद में फिर जुगाड़ से खड़ा कर दिया गया था। अब कांवड़ मेला नजदीक है और ऐसे में इस मार्ग पर बिजली के ये झूलते खंभे फिर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बनने के लिए तैयार खड़े हैं, जो बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
गतवर्ष मनसा देवी सीढ़ी मार्ग पर हुई दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई थी। उस समय प्रथमदृष्टया माना गया था कि किसी खंबे से बिजली का तार टूटने के बाद मची भगदड़ में लोग हादसे का शिकार हुए थे। इस घटना के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के दावे तो किए गए, लेकिन अब भी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर बिजली के खंभे ही टूटकर गिरने को तैयार खड़े हैं, जो बिजली के बल्ब और तारों का बोझ भी नहीं संभाल पा रहे हैं। हालाँकि सीढ़ी मार्ग प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बंद करा रखा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने पर इस मार्ग को खोलने की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ खंभों को तो विभाग ने नीचे से ईंट और लकड़ी का सहारा देकर अस्थायी 'जुगाड़' से टिका रखा है। लगभग एक माह पूर्व भी यहाँ एक बिजली का पोल गिर गया था, जिसे बाद में फिर जुगाड़ से खड़ा कर दिया गया था। अब कांवड़ मेला नजदीक है और ऐसे में इस मार्ग पर बिजली के ये झूलते खंभे फिर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बनने के लिए तैयार खड़े हैं, जो बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
- लक्सर में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आसमान में घनी काली घटा छा जाने के बाद, इलाके में जमकर बारिश हुई। इस बारिश के चलते लोगों को गर्मी और लू की मार से काफी राहत मिली।1
- khatarnak1
- हरिद्वार जनपद के विकासखंड लक्सर अंतर्गत ग्राम पंचायत अकोढ़ा कला में अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुँचे, जिन्होंने प्रशासन के सामने बिजली, पेयजल, सड़क, पेंशन और राजस्व से जुड़ी विभिन्न समस्याएँ रखीं। अपर जिलाधिकारी ने कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। इस जनता दरबार में खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- बिजनौर के किरतपुर स्थित नैनी झील पर किसी बात को लेकर हुई कहासुनी एक मारपीट में बदल गई। इस घटना के संबंध में एक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।1
- गतवर्ष मनसा देवी सीढ़ी मार्ग पर हुई दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई थी। उस समय प्रथमदृष्टया माना गया था कि किसी खंबे से बिजली का तार टूटने के बाद मची भगदड़ में लोग हादसे का शिकार हुए थे। इस घटना के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के दावे तो किए गए, लेकिन अब भी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर बिजली के खंभे ही टूटकर गिरने को तैयार खड़े हैं, जो बिजली के बल्ब और तारों का बोझ भी नहीं संभाल पा रहे हैं। हालाँकि सीढ़ी मार्ग प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बंद करा रखा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने पर इस मार्ग को खोलने की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ खंभों को तो विभाग ने नीचे से ईंट और लकड़ी का सहारा देकर अस्थायी 'जुगाड़' से टिका रखा है। लगभग एक माह पूर्व भी यहाँ एक बिजली का पोल गिर गया था, जिसे बाद में फिर जुगाड़ से खड़ा कर दिया गया था। अब कांवड़ मेला नजदीक है और ऐसे में इस मार्ग पर बिजली के ये झूलते खंभे फिर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बनने के लिए तैयार खड़े हैं, जो बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।1