कोटा में जिला प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सियाम ऑडिटोरियम में ई-मित्र कियोस्क धारकों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क संचालकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, योजनाओं और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुँचाने में ई-मित्र कियोस्क की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में नागरिक ई-मित्र केंद्रों पर आते हैं, इसलिए संचालकों को सभी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी होना अनिवार्य है। जिला कलक्टर ने ई-मित्र संचालकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक आईटी टूल्स के उपयोग के प्रति अपडेट रहने का आह्वान किया, जिससे तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक उनके घर के नजदीक पारदर्शी और त्वरित तरीके से पहुँचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ई-मित्र केंद्रों पर सेवाओं के लिए केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए और किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग न की जाए, अन्यथा आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अतिरिक्त निदेशक महेन्द्र पाल सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोटा जिले में वर्तमान में लगभग 2200 सक्रिय ई-मित्र कियोस्क संचालित हैं। कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर आशुतोष कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, मास्टर ट्रेनर्स विमल खंडेलवाल, बी.एस. शेखावत, सुरेश मीणा और विनोद कुमार ने आधार कार्ड, जनाधार, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, बिजली-पानी बिल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, कृषि विभाग की अनुदान योजनाएं तथा एनएफएसए में नाम जोड़ने सहित विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने यह सुझाव भी दिया कि दस्तावेजों को बार-बार स्कैन करने के बजाय मेटाडाटा के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार हो सके। कार्यशाला में यह भी सूचित किया गया कि यदि किसी ई-मित्र संचालक के विरुद्ध ओवरचार्जिंग की तीन शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो उसका कियोस्क ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ई-मित्र संचालक दीपक कुमार प्रजापति और इदरीस अहमद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ई-मित्र केंद्र संचालन से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे आमजन की सेवा के साथ अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पा रहे हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश चौधरी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक एम.एम. शेख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क धारक उपस्थित रहे।
कोटा में जिला प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सियाम ऑडिटोरियम में ई-मित्र कियोस्क धारकों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क संचालकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, योजनाओं और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुँचाने में ई-मित्र कियोस्क की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में नागरिक ई-मित्र केंद्रों पर आते हैं, इसलिए संचालकों को सभी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी होना अनिवार्य है। जिला कलक्टर ने ई-मित्र संचालकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक आईटी टूल्स के उपयोग के प्रति अपडेट रहने का आह्वान किया, जिससे तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक उनके घर के नजदीक पारदर्शी और त्वरित तरीके से पहुँचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ई-मित्र केंद्रों पर सेवाओं के लिए केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए और किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग न की जाए, अन्यथा आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अतिरिक्त निदेशक महेन्द्र पाल सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोटा जिले में
वर्तमान में लगभग 2200 सक्रिय ई-मित्र कियोस्क संचालित हैं। कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर आशुतोष कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, मास्टर ट्रेनर्स विमल खंडेलवाल, बी.एस. शेखावत, सुरेश मीणा और विनोद कुमार ने आधार कार्ड, जनाधार, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, बिजली-पानी बिल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, कृषि विभाग की अनुदान योजनाएं तथा एनएफएसए में नाम जोड़ने सहित विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने यह सुझाव भी दिया कि दस्तावेजों को बार-बार स्कैन करने के बजाय मेटाडाटा के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार हो सके। कार्यशाला में यह भी सूचित किया गया कि यदि किसी ई-मित्र संचालक के विरुद्ध ओवरचार्जिंग की तीन शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो उसका कियोस्क ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ई-मित्र संचालक दीपक कुमार प्रजापति और इदरीस अहमद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ई-मित्र केंद्र संचालन से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे आमजन की सेवा के साथ अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पा रहे हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश चौधरी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक एम.एम. शेख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क धारक उपस्थित रहे।
- कोटा के चंद्रेसल मठ में हुए बहुचर्चित महंत देवानंद महाराज के हत्याकांड मामले में पुलिस ने आज दो और गिरफ्तारियाँ की हैं। इनमें मठ के पुराने पुजारी नंदनवन महाराज और पुरातत्व विभाग का एक कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने इस पूरे मामले को लूट और डकैती का रूप देने की साज़िश रची थी। इस कार्रवाई के साथ, मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि विधि के विरुद्ध संघर्षरत एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है।1
- कोटा-8 लेन हाईवे पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इंदरगढ़ से कोटा की ओर आ रही एक कार सुल्तानपुर टोल प्लाजा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई और सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। इस दुर्घटना में कार में सवार चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान विजय शर्मा (42 वर्ष), कमलेश दादीच (77 वर्ष), नदेश दादीच (45 वर्ष) और बांके बिहारी (55 वर्ष) के रूप में हुई है। घायलों को तुरंत कोटा के एथोस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच में जुट गई है। घायलों को सीडीएस इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड की एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। एंबुलेंस के कंपाउंडर आलोक सुमन ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में कार सवार गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों में एक बच्चा और एक बुजुर्ग शामिल हैं, जिनकी मौत मौके पर ही हो गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।4
- मुख्यमंत्री भजनलाल की पहल पर, जयपुर नगर-निगम ने आगामी निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को दान-पुण्य करने के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, निगम शहर में सौ से अधिक स्थानों पर जगह, टेंट और कुर्सियों की व्यवस्था करेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, इन सुविधाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे निर्जला एकादशी पर इस पहल का लाभ उठा सकें।1
- यह बात किसी भी व्यक्ति के लिए सत्य है कि उसकी कड़ी मेहनत, वर्षों का अथक संघर्ष और कुछ नया सीखने की प्रबल इच्छाशक्ति ही अंततः उसे अपने क्षेत्र का धुरंधर बना देती है। इन्हीं गुणों के बल पर एक इंसान एक दिन निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।1
- नगर निगम के अतिक्रमण अनुभाग द्वारा शहर में अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर और अस्थाई अतिक्रमणों के विरुद्ध लगातार तीसरे दिन एक विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत विभिन्न क्षेत्रों से सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए सभी अवैध होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड, पोस्टर-बैनर और अस्थाई अतिक्रमणों को हटाया गया। नगर निगम प्रशासन पिछले कई दिनों से मुनादी और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण न करने की समझाइश दे रहा था, बावजूद इसके अवैध होर्डिंग्स और अस्थाई अतिक्रमणों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी के चलते, आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशानुसार, आज थर्मल चौराहा से महाराणा प्रताप चौराहा तक विशेष कार्रवाई करते हुए सभी अवैध होर्डिंग्स, बोर्ड और अस्थाई अतिक्रमणों को हटाया गया। इस दौरान, संबंधित लोगों को दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई और भविष्य में सख्त कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सभी दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे अपना सामान दुकान की निर्धारित सीमा तक ही रखें तथा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा, निर्माण सामग्री या किसी भी प्रकार का अस्थाई अतिक्रमण न करें। निगम प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- कोटा के बहुचर्चित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद हत्याकांड में पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को महाराष्ट्र भागने की फिराक में रहते हुए धर दबोचा गया। बताया गया है कि 5 जून की रात आरोपियों ने महंत देवानंद की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने महंत के हत्यारों को 2000 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पकड़ा, जब वे महाराष्ट्र और गोवा भागने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों ने महंत पर चाकुओं से हमला करके उनकी जान ले ली थी।1
- उज्जैन में अवैध संबंधों को लेकर एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ पवासा थाना क्षेत्र के बजरंग नगर में थाने के ठीक बाहर एक युवती ने अपने बॉयफ्रेंड शुभम प्रजापत की पत्नी के गले पर ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में घायल महिला के गले में 12 टाँके आए हैं और पुलिस ने उसे लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुँचाया। जानकारी के अनुसार, शुभम प्रजापत शादीशुदा होने के बावजूद एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। आरोप है कि यह युवती कुछ समय से शुभम के परिवार को प्रताड़ित कर रही थी। विवाद के दौरान, आरोपी युवती शुभम के घर गई और वहाँ हाथापाई की, जिसमें उसकी 18 महीने की मासूम बच्ची भी गिर गई। जब पीड़ित परिवार इस घटना की शिकायत दर्ज कराने पवासा थाने पहुँचा, तो आरोपी युवती ने थाने के बाहर ही शुभम की पत्नी के गले पर ब्लेड मार दिया।1