नगर निगम के अतिक्रमण अनुभाग द्वारा शहर में अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर और अस्थाई अतिक्रमणों के विरुद्ध लगातार तीसरे दिन एक विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत विभिन्न क्षेत्रों से सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए सभी अवैध होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड, पोस्टर-बैनर और अस्थाई अतिक्रमणों को हटाया गया। नगर निगम प्रशासन पिछले कई दिनों से मुनादी और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण न करने की समझाइश दे रहा था, बावजूद इसके अवैध होर्डिंग्स और अस्थाई अतिक्रमणों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी के चलते, आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशानुसार, आज थर्मल चौराहा से महाराणा प्रताप चौराहा तक विशेष कार्रवाई करते हुए सभी अवैध होर्डिंग्स, बोर्ड और अस्थाई अतिक्रमणों को हटाया गया। इस दौरान, संबंधित लोगों को दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई और भविष्य में सख्त कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सभी दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे अपना सामान दुकान की निर्धारित सीमा तक ही रखें तथा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा, निर्माण सामग्री या किसी भी प्रकार का अस्थाई अतिक्रमण न करें। निगम प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम के अतिक्रमण अनुभाग द्वारा शहर में अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर और अस्थाई अतिक्रमणों के विरुद्ध लगातार तीसरे दिन एक विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत विभिन्न क्षेत्रों से सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए सभी अवैध होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड, पोस्टर-बैनर और अस्थाई अतिक्रमणों को हटाया गया। नगर निगम प्रशासन पिछले कई दिनों से मुनादी और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण न करने की समझाइश दे रहा था, बावजूद इसके अवैध होर्डिंग्स और अस्थाई अतिक्रमणों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी के चलते, आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशानुसार, आज थर्मल चौराहा से महाराणा प्रताप चौराहा तक विशेष कार्रवाई करते हुए सभी अवैध होर्डिंग्स, बोर्ड और अस्थाई अतिक्रमणों को हटाया गया। इस दौरान, संबंधित लोगों को दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई और भविष्य में सख्त कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सभी दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे अपना सामान दुकान की निर्धारित सीमा तक ही रखें तथा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा, निर्माण सामग्री या किसी भी प्रकार का अस्थाई अतिक्रमण न करें। निगम प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कोटा में जिला प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सियाम ऑडिटोरियम में ई-मित्र कियोस्क धारकों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क संचालकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, योजनाओं और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुँचाने में ई-मित्र कियोस्क की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में नागरिक ई-मित्र केंद्रों पर आते हैं, इसलिए संचालकों को सभी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी होना अनिवार्य है। जिला कलक्टर ने ई-मित्र संचालकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक आईटी टूल्स के उपयोग के प्रति अपडेट रहने का आह्वान किया, जिससे तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक उनके घर के नजदीक पारदर्शी और त्वरित तरीके से पहुँचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ई-मित्र केंद्रों पर सेवाओं के लिए केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए और किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग न की जाए, अन्यथा आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अतिरिक्त निदेशक महेन्द्र पाल सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोटा जिले में वर्तमान में लगभग 2200 सक्रिय ई-मित्र कियोस्क संचालित हैं। कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर आशुतोष कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, मास्टर ट्रेनर्स विमल खंडेलवाल, बी.एस. शेखावत, सुरेश मीणा और विनोद कुमार ने आधार कार्ड, जनाधार, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, बिजली-पानी बिल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, कृषि विभाग की अनुदान योजनाएं तथा एनएफएसए में नाम जोड़ने सहित विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने यह सुझाव भी दिया कि दस्तावेजों को बार-बार स्कैन करने के बजाय मेटाडाटा के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार हो सके। कार्यशाला में यह भी सूचित किया गया कि यदि किसी ई-मित्र संचालक के विरुद्ध ओवरचार्जिंग की तीन शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो उसका कियोस्क ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ई-मित्र संचालक दीपक कुमार प्रजापति और इदरीस अहमद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ई-मित्र केंद्र संचालन से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे आमजन की सेवा के साथ अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पा रहे हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश चौधरी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक एम.एम. शेख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क धारक उपस्थित रहे।2
- बहुचर्चित चंद्रेसल के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने तीन अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।1
- कोटा शहर के विज्ञान नगर थाना इलाके में डकनिया रोड पर जांबाज पत्रिका कार्यालय के सामने दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में एक रिटायर्ड टीचर की मौत हो गई। पुलिस मृतक का पोस्टमार्टम करवा रही है और मामले की जांच में जुटी है। विज्ञान नगर थाना हेड कांस्टेबल कमल किशोर ने रविवार सुबह 10:00 बजे यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान रिटायर्ड टीचर जमील मोहम्मद के रूप में हुई है, जो जांबाज पत्रिका में कार्यरत थे। यह हादसा तब हुआ जब जमील मोहम्मद पत्रिका कार्यालय से वापस लौट रहे थे और गेट के सामने एक तेजी से आ रही मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर से घायल हुए जमील मोहम्मद को तत्काल मैत्री अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखण्ड स्थित राई गांव में पिछले तीन वर्षों से मुख्य गौरव पथ (सीसी रोड) पर नाले का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। यह समस्या ग्राम पंचायत भवन और अटल सेवा केंद्र के ठीक सामने, सड़क पर नाली निर्माण न होने के कारण उत्पन्न हुई है। सड़क पर चौबीसों घंटे पानी और कीचड़ जमा रहने से क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु पिछले वर्ष आयोजित एक शिविर में लिखित मांग पत्र भी सौंपा था, लेकिन प्रशासन ने इस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले का निर्माण करवाकर जल निकासी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त करवाने की भी बात कही है। इस संबंध में, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने उपखण्ड अधिकारी को संबोधित एक पत्र में कहा है कि यदि आगामी 24 जून 2026 को राई में आयोजित होने वाले शिविर से पहले नाला निर्माण का कार्य शुरू कर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो समस्त ग्रामीण एकजुट होकर 24 तारीख के शिविर का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- कोटा जिले के रामगंजमंडी स्थित चेचट क्षेत्र के अलोद गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने दो घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। यह घटना शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई, जहाँ चोर एक घर से मोटरसाइकिल और दूसरे घर से सोने का मंगलसूत्र चोरी कर ले गए, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, 5 से 6 बदमाशों का एक गिरोह हथियारों से लैस होकर गांव में घुसा और अलग-अलग घरों को निशाना बनाया। पहली घटना में, चोरों ने एक मकान की दीवार फांदकर आंगन में खड़ी मोटरसाइकिल चुरा ली। इसके बाद, गिरोह ने दूसरे घर में दरवाजे की जाली तोड़कर प्रवेश किया और अंदर रखे सोने के मंगलसूत्र पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो उन्हें चोरी का पता चला; मोटरसाइकिल गायब देखकर और घर का सामान अस्त-व्यस्त पाकर परिवार के लोग हैरान रह गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश जारी है। ग्रामीणों ने रात के समय गांव में 5 से 6 बदमाशों के बेखौफ घूमने पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।1
- एक 'बड़ा विदेशी गैंग' भारतीय लड़कियों को शादी के विरुद्ध भड़काने में सक्रिय है, जिसके लिए उन्हें बाकायदा पैसे दिए जा रहे हैं। इस गैंग का उद्देश्य ऐसी लड़कियों को तैयार करना है जो शादी को 'गुलामी और दुखों का पर्याय' बताएं, जिससे अन्य लड़कियों का 'ब्रेनवॉश' किया जा सके। यह प्रचार-प्रसार विदेशों से मोटी फंडिंग के ज़रिए हो रहा है और इसका असर दिखने लगा है, खासकर हिंदू लड़कियों में यह 'कुविचार' पनप रहा है, जिसके कारण देश 'घोर गुलामी' की ओर बढ़ रहा है। इस सोच के दूरगामी और भयानक परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा गया है कि आज की जवानी, शिक्षा और कमाने की क्षमता भले ही लड़कियों को बिना शादी के जीवन चलाने में मदद करे, पर साठ साल की उम्र के बाद या बीमारी में अपनों (भाई-भतीजों) का सहारा न मिलने पर, और दवाइयों व ऑपरेशन में सारा पैसा खत्म हो जाने पर बुढ़ापे में अपनी देखभाल कैसे होगी, यह प्रश्न उठता है। सबसे भयावह परिणाम हिंदुओं की पहले से तेजी से गिर रही आबादी पर पड़ेगा, क्योंकि यह पीढ़ी शादी से दूरी बना रही है या बहुत देर से शादी कर रही है, जिससे बच्चे एक या मुश्किल से दो ही होंगे। इससे देश 'बहुत तेजी से नारकीय गुलामी के अंधकार के दलदल' की ओर जा रहा है। पिछले एक हज़ार सालों के इतिहास का हवाला देते हुए बताया गया है कि उस 'गुलामी' के दौर में हिंदू स्त्रियों को लाखों की संख्या में समरकंद की मंडियों में नंगी परेड करवा कर दो-दो दीनार में बेचा गया था। उनके बच्चों को अलग-अलग बेचा गया, जिससे माँ, बेटा और बेटी जीवन में दोबारा कभी नहीं मिल पाए। उन्हें पीट-पीटकर दिन-रात काम कराया गया, जबकि बचे हुए हिंदुओं का कत्ल कर दिया गया और उन्हें जीवित जलाया गया। उनकी धन-संपत्ति और मवेशियों को लूटा गया, और यह सब उन हज़ारों सालों की गुलामी में बार-बार दोहराया गया। लाखों हिंदू स्त्रियों का बार-बार बलात्कार कर उन्हें रखैलों की श्रेणी में स्थान मिला। आज शादी से इनकार करने वाली पीढ़ी से पूछा गया है कि क्या वे कल अपने माता-पिता, भाई-बहन का कत्ल और खुद का बलात्कार अपनी आँखों से देखना पसंद करेंगे/करेंगी? या क्या वे 'बुर्के में धीमा साँस' लेना, चार-चार सौतन और गाय का माँस बनाना व खाना पसंद करेंगे/करेंगी? इस 'नर्क' को झेलने के लिए तैयार होने का प्रश्न उठाते हुए, चौधरी ने व्यक्ति से खुद ही फैसला लेने का आह्वान किया है।1
- सरस डेयरी के कोटा-बून्दी जिला दुग्ध संघ कार्यालय में किसानों और पशुपालकों को चारा कुट्टी मशीनें वितरित की गईं। ये मशीनें हाथ और लाइट दोनों से चलने वाली थीं। इस मौके पर नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन राजेश बिरला, भाजपा विधायक संदीप शर्मा, मार्केटिंग चेयरमैन निहाल सिंह और सरस दुग्ध संघ के चेयरमैन चैन सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। यह वितरण विशेष रूप से पशुपालकों को ध्यान में रखकर किया गया।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस घटनाक्रम के बीच चार लोगों की दर्दनाक मौत होने की खबर सामने आई है, जिसने हालात को और चिंताजनक बना दिया है।1