logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कोटा जिले के रामगंजमंडी स्थित चेचट क्षेत्र के अलोद गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने दो घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। यह घटना शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई, जहाँ चोर एक घर से मोटरसाइकिल और दूसरे घर से सोने का मंगलसूत्र चोरी कर ले गए, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, 5 से 6 बदमाशों का एक गिरोह हथियारों से लैस होकर गांव में घुसा और अलग-अलग घरों को निशाना बनाया। पहली घटना में, चोरों ने एक मकान की दीवार फांदकर आंगन में खड़ी मोटरसाइकिल चुरा ली। इसके बाद, गिरोह ने दूसरे घर में दरवाजे की जाली तोड़कर प्रवेश किया और अंदर रखे सोने के मंगलसूत्र पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो उन्हें चोरी का पता चला; मोटरसाइकिल गायब देखकर और घर का सामान अस्त-व्यस्त पाकर परिवार के लोग हैरान रह गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश जारी है। ग्रामीणों ने रात के समय गांव में 5 से 6 बदमाशों के बेखौफ घूमने पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

2 hrs ago
user_Aajam Choudhary
Aajam Choudhary
Riportar रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
2 hrs ago

कोटा जिले के रामगंजमंडी स्थित चेचट क्षेत्र के अलोद गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने दो घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। यह घटना शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई, जहाँ चोर एक घर से मोटरसाइकिल और दूसरे घर से सोने का मंगलसूत्र चोरी कर ले गए, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, 5 से 6 बदमाशों का एक गिरोह हथियारों से लैस होकर गांव में घुसा और अलग-अलग घरों को निशाना बनाया। पहली घटना में, चोरों ने एक मकान की दीवार फांदकर आंगन में खड़ी मोटरसाइकिल चुरा ली। इसके बाद, गिरोह ने दूसरे घर में दरवाजे की जाली तोड़कर प्रवेश किया और अंदर रखे सोने के मंगलसूत्र पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो उन्हें चोरी का पता चला; मोटरसाइकिल गायब देखकर और घर का सामान अस्त-व्यस्त पाकर परिवार के लोग हैरान रह गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश जारी है। ग्रामीणों ने रात के समय गांव में 5 से 6 बदमाशों के बेखौफ घूमने पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने एक खास रिपोर्ट दी है।
    1
    मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने एक खास रिपोर्ट दी है।
    user_Ramprasad dhangar
    Ramprasad dhangar
    Photographer शामगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नीमच जिले की ग्राम पंचायत दुधलाई में मनरेगा के तहत हुए कथित 'कागजी जंगल' मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि रिकॉर्ड में 448 दिनों की हाजिरी और लाखों रुपये का खर्च दिखाया गया है, जबकि मौके पर एक भी नया पौधा नहीं मिला है। इस 'कागजी जंगल' के बड़े खेल का खुलासा होने के बाद, शिकायत दर्ज कराई गई है। अब ग्रामीण इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    1
    नीमच जिले की ग्राम पंचायत दुधलाई में मनरेगा के तहत हुए कथित 'कागजी जंगल' मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि रिकॉर्ड में 448 दिनों की हाजिरी और लाखों रुपये का खर्च दिखाया गया है, जबकि मौके पर एक भी नया पौधा नहीं मिला है।

इस 'कागजी जंगल' के बड़े खेल का खुलासा होने के बाद, शिकायत दर्ज कराई गई है। अब ग्रामीण इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_Vinod dhangar
    Vinod dhangar
    रामपुरा, नीमच, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • झालावाड़ जिले के पिडावा में बिजली विभाग द्वारा आए दिन लगातार बिजली कटौती की जा रही है, जिससे स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं। अक्सर ऐसा होता है कि जब भी तेज आंधी-तूफान आने की संभावना होती है, उससे पहले ही बिजली काट दी जाती है। इन लगातार हो रही कटौतियों और भीषण गर्मी के कारण छोटे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती हुई गर्मी ने लोगों की परेशानियाँ बहुत अधिक बढ़ा दी हैं।
    1
    झालावाड़ जिले के पिडावा में बिजली विभाग द्वारा आए दिन लगातार बिजली कटौती की जा रही है, जिससे स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं। अक्सर ऐसा होता है कि जब भी तेज आंधी-तूफान आने की संभावना होती है, उससे पहले ही बिजली काट दी जाती है।

इन लगातार हो रही कटौतियों और भीषण गर्मी के कारण छोटे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती हुई गर्मी ने लोगों की परेशानियाँ बहुत अधिक बढ़ा दी हैं।
    user_Mudit sharma
    Mudit sharma
    Astrologer पिरावा, झालावाड़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • मुख्यमंत्री भजनलाल की पहल पर, जयपुर नगर-निगम ने आगामी निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को दान-पुण्य करने के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, निगम शहर में सौ से अधिक स्थानों पर जगह, टेंट और कुर्सियों की व्यवस्था करेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, इन सुविधाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे निर्जला एकादशी पर इस पहल का लाभ उठा सकें।
    1
    मुख्यमंत्री भजनलाल की पहल पर, जयपुर नगर-निगम ने आगामी निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को दान-पुण्य करने के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, निगम शहर में सौ से अधिक स्थानों पर जगह, टेंट और कुर्सियों की व्यवस्था करेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, इन सुविधाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे निर्जला एकादशी पर इस पहल का लाभ उठा सकें।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    36 min ago
  • उत्तराखंड स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव-2026 में खेल आधारित आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय द्वारा हल्द्वानी के गैलापार स्थित आईजी खेल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ कुलपति प्रो. अमित सिंहा ने किया। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में 'खेल हब परियोजना' क्रियान्वित की जा रही है, तथा विश्वविद्यालय में जुलाई से प्रवेश और अगस्त से पाठ्यक्रम शुरू होंगे। कॉन्क्लेव में कोटा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. अनुकृति शर्मा की 'स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फॉर स्पोर्ट्स-लेड इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड यूथ जॉब अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तराखंड' विषय पर प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। डॉ. शर्मा ने तर्क दिया कि उत्तराखंड अपनी अद्वितीय भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विशेषताओं के कारण देश का एक अग्रणी स्पोर्ट्स इकोनॉमी हब बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने रेखांकित किया कि हिमालयी क्षेत्र साहसिक, शीतकालीन और पर्वतीय खेलों के लिए विश्वस्तरीय अवसर प्रदान करता है, वहीं राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य की खेल अधोसंरचना मजबूत हुई है। इसके अतिरिक्त, ऋषिकेश और हरिद्वार ने योग एवं वेलनेस पर्यटन में वैश्विक पहचान स्थापित की है। प्रो. अनुकृति शर्मा ने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट को खेल संगठनों, प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों और खेल व्यवसाय के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ा एक बहुआयामी अनुशासन बताया। उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे खेल आयोजन प्रबंधक, स्पोर्ट्स मार्केटिंग विशेषज्ञ, खेल विश्लेषक, स्टेडियम प्रबंधक, खेल पत्रकार और एडवेंचर टूरिज्म प्रबंधक जैसे विभिन्न व्यवसायों में युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खुलेंगे। डॉ. शर्मा ने स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना पर भी जोर दिया, ताकि युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर मिलें। इस दिशा में खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल विकास कोष, स्टार्टअप इंडिया और उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 जैसी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को सहायक बताया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उपकुलपति डॉ. रशिका सिद्दीकी ने बताया कि खेल विश्वविद्यालय और फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PFI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिससे दोनों संस्थानों के छात्र खेल संसाधनों का परस्पर उपयोग कर सकेंगे। कॉन्क्लेव में प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार, वर्ष 2026-27 से स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कार्यक्रम आरंभ करने, उद्योग एवं सरकारी संस्थाओं के साथ समझौते करने तथा आगामी वर्षों में शोध एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वक्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि विश्वविद्यालयों, सरकार और उद्योग जगत के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड को देश की 'स्पोर्ट्स कैपिटल' के रूप में स्थापित किया जा सकता है। कार्यक्रम में एनएसीआईटी के सलाहकार डॉ. अरुण कुमार, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंहा, अभिषेक इस्तार, गौतम विर्क और डी टाउन रोबोटिक्स के अविनाश चंद पाल ने भी अपने विचार साझा किए।
    4
    उत्तराखंड स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव-2026 में खेल आधारित आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय द्वारा हल्द्वानी के गैलापार स्थित आईजी खेल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ कुलपति प्रो. अमित सिंहा ने किया। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में 'खेल हब परियोजना' क्रियान्वित की जा रही है, तथा विश्वविद्यालय में जुलाई से प्रवेश और अगस्त से पाठ्यक्रम शुरू होंगे।

कॉन्क्लेव में कोटा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. अनुकृति शर्मा की 'स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फॉर स्पोर्ट्स-लेड इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड यूथ जॉब अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तराखंड' विषय पर प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। डॉ. शर्मा ने तर्क दिया कि उत्तराखंड अपनी अद्वितीय भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विशेषताओं के कारण देश का एक अग्रणी स्पोर्ट्स इकोनॉमी हब बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने रेखांकित किया कि हिमालयी क्षेत्र साहसिक, शीतकालीन और पर्वतीय खेलों के लिए विश्वस्तरीय अवसर प्रदान करता है, वहीं राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य की खेल अधोसंरचना मजबूत हुई है। इसके अतिरिक्त, ऋषिकेश और हरिद्वार ने योग एवं वेलनेस पर्यटन में वैश्विक पहचान स्थापित की है।

प्रो. अनुकृति शर्मा ने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट को खेल संगठनों, प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों और खेल व्यवसाय के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ा एक बहुआयामी अनुशासन बताया। उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे खेल आयोजन प्रबंधक, स्पोर्ट्स मार्केटिंग विशेषज्ञ, खेल विश्लेषक, स्टेडियम प्रबंधक, खेल पत्रकार और एडवेंचर टूरिज्म प्रबंधक जैसे विभिन्न व्यवसायों में युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खुलेंगे। डॉ. शर्मा ने स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना पर भी जोर दिया, ताकि युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर मिलें। इस दिशा में खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल विकास कोष, स्टार्टअप इंडिया और उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 जैसी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को सहायक बताया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उपकुलपति डॉ. रशिका सिद्दीकी ने बताया कि खेल विश्वविद्यालय और फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PFI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिससे दोनों संस्थानों के छात्र खेल संसाधनों का परस्पर उपयोग कर सकेंगे। कॉन्क्लेव में प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार, वर्ष 2026-27 से स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कार्यक्रम आरंभ करने, उद्योग एवं सरकारी संस्थाओं के साथ समझौते करने तथा आगामी वर्षों में शोध एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वक्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि विश्वविद्यालयों, सरकार और उद्योग जगत के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड को देश की 'स्पोर्ट्स कैपिटल' के रूप में स्थापित किया जा सकता है। कार्यक्रम में एनएसीआईटी के सलाहकार डॉ. अरुण कुमार, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंहा, अभिषेक इस्तार, गौतम विर्क और डी टाउन रोबोटिक्स के अविनाश चंद पाल ने भी अपने विचार साझा किए।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • रामप्रसाद धनगर गुर्जर की खास खबर के अनुसार, चंदवास में श्री राघव शरण जी महाराज द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
    1
    रामप्रसाद धनगर गुर्जर की खास खबर के अनुसार, चंदवास में श्री राघव शरण जी महाराज द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
    user_Ramprasad dhangar
    Ramprasad dhangar
    Photographer शामगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कोटा में जिला प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सियाम ऑडिटोरियम में ई-मित्र कियोस्क धारकों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क संचालकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, योजनाओं और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुँचाने में ई-मित्र कियोस्क की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में नागरिक ई-मित्र केंद्रों पर आते हैं, इसलिए संचालकों को सभी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी होना अनिवार्य है। जिला कलक्टर ने ई-मित्र संचालकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक आईटी टूल्स के उपयोग के प्रति अपडेट रहने का आह्वान किया, जिससे तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक उनके घर के नजदीक पारदर्शी और त्वरित तरीके से पहुँचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ई-मित्र केंद्रों पर सेवाओं के लिए केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए और किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग न की जाए, अन्यथा आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अतिरिक्त निदेशक महेन्द्र पाल सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोटा जिले में वर्तमान में लगभग 2200 सक्रिय ई-मित्र कियोस्क संचालित हैं। कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर आशुतोष कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, मास्टर ट्रेनर्स विमल खंडेलवाल, बी.एस. शेखावत, सुरेश मीणा और विनोद कुमार ने आधार कार्ड, जनाधार, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, बिजली-पानी बिल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, कृषि विभाग की अनुदान योजनाएं तथा एनएफएसए में नाम जोड़ने सहित विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने यह सुझाव भी दिया कि दस्तावेजों को बार-बार स्कैन करने के बजाय मेटाडाटा के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार हो सके। कार्यशाला में यह भी सूचित किया गया कि यदि किसी ई-मित्र संचालक के विरुद्ध ओवरचार्जिंग की तीन शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो उसका कियोस्क ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ई-मित्र संचालक दीपक कुमार प्रजापति और इदरीस अहमद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ई-मित्र केंद्र संचालन से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे आमजन की सेवा के साथ अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पा रहे हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश चौधरी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक एम.एम. शेख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क धारक उपस्थित रहे।
    2
    कोटा में जिला प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सियाम ऑडिटोरियम में ई-मित्र कियोस्क धारकों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क संचालकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, योजनाओं और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुँचाने में ई-मित्र कियोस्क की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में नागरिक ई-मित्र केंद्रों पर आते हैं, इसलिए संचालकों को सभी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी होना अनिवार्य है। जिला कलक्टर ने ई-मित्र संचालकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक आईटी टूल्स के उपयोग के प्रति अपडेट रहने का आह्वान किया, जिससे तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक उनके घर के नजदीक पारदर्शी और त्वरित तरीके से पहुँचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ई-मित्र केंद्रों पर सेवाओं के लिए केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए और किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग न की जाए, अन्यथा आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अतिरिक्त निदेशक महेन्द्र पाल सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोटा जिले में वर्तमान में लगभग 2200 सक्रिय ई-मित्र कियोस्क संचालित हैं।

कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर आशुतोष कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, मास्टर ट्रेनर्स विमल खंडेलवाल, बी.एस. शेखावत, सुरेश मीणा और विनोद कुमार ने आधार कार्ड, जनाधार, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, बिजली-पानी बिल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, कृषि विभाग की अनुदान योजनाएं तथा एनएफएसए में नाम जोड़ने सहित विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने यह सुझाव भी दिया कि दस्तावेजों को बार-बार स्कैन करने के बजाय मेटाडाटा के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार हो सके। कार्यशाला में यह भी सूचित किया गया कि यदि किसी ई-मित्र संचालक के विरुद्ध ओवरचार्जिंग की तीन शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो उसका कियोस्क ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान ई-मित्र संचालक दीपक कुमार प्रजापति और इदरीस अहमद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ई-मित्र केंद्र संचालन से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे आमजन की सेवा के साथ अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पा रहे हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश चौधरी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक एम.एम. शेख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और 600 से अधिक ई-मित्र कियोस्क धारक उपस्थित रहे।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • उज्जैन में अवैध संबंधों को लेकर एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ पवासा थाना क्षेत्र के बजरंग नगर में थाने के ठीक बाहर एक युवती ने अपने बॉयफ्रेंड शुभम प्रजापत की पत्नी के गले पर ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में घायल महिला के गले में 12 टाँके आए हैं और पुलिस ने उसे लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुँचाया। जानकारी के अनुसार, शुभम प्रजापत शादीशुदा होने के बावजूद एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। आरोप है कि यह युवती कुछ समय से शुभम के परिवार को प्रताड़ित कर रही थी। विवाद के दौरान, आरोपी युवती शुभम के घर गई और वहाँ हाथापाई की, जिसमें उसकी 18 महीने की मासूम बच्ची भी गिर गई। जब पीड़ित परिवार इस घटना की शिकायत दर्ज कराने पवासा थाने पहुँचा, तो आरोपी युवती ने थाने के बाहर ही शुभम की पत्नी के गले पर ब्लेड मार दिया।
    1
    उज्जैन में अवैध संबंधों को लेकर एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ पवासा थाना क्षेत्र के बजरंग नगर में थाने के ठीक बाहर एक युवती ने अपने बॉयफ्रेंड शुभम प्रजापत की पत्नी के गले पर ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में घायल महिला के गले में 12 टाँके आए हैं और पुलिस ने उसे लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुँचाया।

जानकारी के अनुसार, शुभम प्रजापत शादीशुदा होने के बावजूद एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। आरोप है कि यह युवती कुछ समय से शुभम के परिवार को प्रताड़ित कर रही थी। विवाद के दौरान, आरोपी युवती शुभम के घर गई और वहाँ हाथापाई की, जिसमें उसकी 18 महीने की मासूम बच्ची भी गिर गई।

जब पीड़ित परिवार इस घटना की शिकायत दर्ज कराने पवासा थाने पहुँचा, तो आरोपी युवती ने थाने के बाहर ही शुभम की पत्नी के गले पर ब्लेड मार दिया।
    user_Kishan Lal jangid
    Kishan Lal jangid
    Real Estate Developer Ladpura, Kota•
    53 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.