बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखण्ड स्थित राई गांव में पिछले तीन वर्षों से मुख्य गौरव पथ (सीसी रोड) पर नाले का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। यह समस्या ग्राम पंचायत भवन और अटल सेवा केंद्र के ठीक सामने, सड़क पर नाली निर्माण न होने के कारण उत्पन्न हुई है। सड़क पर चौबीसों घंटे पानी और कीचड़ जमा रहने से क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु पिछले वर्ष आयोजित एक शिविर में लिखित मांग पत्र भी सौंपा था, लेकिन प्रशासन ने इस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले का निर्माण करवाकर जल निकासी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त करवाने की भी बात कही है। इस संबंध में, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने उपखण्ड अधिकारी को संबोधित एक पत्र में कहा है कि यदि आगामी 24 जून 2026 को राई में आयोजित होने वाले शिविर से पहले नाला निर्माण का कार्य शुरू कर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो समस्त ग्रामीण एकजुट होकर 24 तारीख के शिविर का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखण्ड स्थित राई गांव में पिछले तीन वर्षों से मुख्य गौरव पथ (सीसी रोड) पर नाले का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। यह समस्या ग्राम पंचायत भवन और अटल सेवा केंद्र के ठीक सामने, सड़क पर नाली निर्माण न होने के कारण उत्पन्न हुई है। सड़क पर चौबीसों घंटे पानी और कीचड़ जमा रहने से क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु पिछले वर्ष आयोजित एक शिविर में लिखित मांग पत्र भी सौंपा था, लेकिन प्रशासन ने इस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले का निर्माण करवाकर जल निकासी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त करवाने की भी बात कही है। इस संबंध में, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने उपखण्ड अधिकारी को संबोधित एक पत्र में कहा है कि यदि आगामी 24 जून 2026 को राई में आयोजित होने वाले शिविर से पहले नाला निर्माण का कार्य शुरू कर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो समस्त ग्रामीण एकजुट होकर 24 तारीख के शिविर का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखण्ड स्थित राई गांव में पिछले तीन वर्षों से मुख्य गौरव पथ (सीसी रोड) पर नाले का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। यह समस्या ग्राम पंचायत भवन और अटल सेवा केंद्र के ठीक सामने, सड़क पर नाली निर्माण न होने के कारण उत्पन्न हुई है। सड़क पर चौबीसों घंटे पानी और कीचड़ जमा रहने से क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु पिछले वर्ष आयोजित एक शिविर में लिखित मांग पत्र भी सौंपा था, लेकिन प्रशासन ने इस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले का निर्माण करवाकर जल निकासी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त करवाने की भी बात कही है। इस संबंध में, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने उपखण्ड अधिकारी को संबोधित एक पत्र में कहा है कि यदि आगामी 24 जून 2026 को राई में आयोजित होने वाले शिविर से पहले नाला निर्माण का कार्य शुरू कर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो समस्त ग्रामीण एकजुट होकर 24 तारीख के शिविर का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- बारां में एक रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत श्री राम स्टेडियम से होगी। यह रैली 15 जून 2026, सोमवार को सुबह 10:00 बजे निर्धारित की गई है।1
- यदि आपका बैंक खाता फ्रीज या होल्ड हो गया है, तो इस स्थिति में आपको अपने बैंक से संपर्क करना होगा। इस समस्या के समाधान के लिए बैंक में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।1
- रविवार को बड़गांव कस्बे में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके बाद करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस मूसलाधार वर्षा ने पूरे क्षेत्र को तर-बतर कर दिया, जिससे सड़कों पर पानी बहने लगा और खेतों में भी अच्छी-खासी आवक दर्ज की गई। खेतों में लबालब पानी भरने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि उन्हें लंबे समय से इस बारिश का इंतजार था। यह वर्षा कृषि क्षेत्र के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इसने फसलों की सिंचाई की चिंता कम की है। बारिश के कारण तापमान में भी भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और क्षेत्र का मौसम पूरी तरह से खुशनुमा हो गया है। हालांकि, बारिश के चलते कस्बे के मुख्य मार्गों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों को हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा। फिर भी, ग्रामीण इलाकों में फसल की बुवाई और सिंचाई की तैयारियों में जुटे किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है।1
- एक AN-32 प्लेन हादसे ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घटना में, विमान की लैंडिंग ही उसकी आखिरी उड़ान साबित हुई, जिससे यह हादसा और भी भयावह हो गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, छिपाबड़ौद के स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।1
- केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री के संबंध में एक नया नियंत्रण लागू किया है। इस नए नियम के तहत, अब खुदरा पेट्रोल पंपों से थोक में पेट्रोल या डीजल की खरीद पर रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, 200 लीटर से अधिक डीजल की आपूर्ति पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।1
- खानपुर क्षेत्र के बिशनखेड़ी गांव स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर से जुड़ा एक पुराना विवाद आज बड़े टकराव में बदल गया। यह गतिरोध मंदिर की 30 बीघा जमीन और उसके मालिकाना हक को लेकर ग्रामीणों और पुजारी के बीच लंबे समय से चला आ रहा था। ग्रामीण इस जर्जर हो चुके प्राचीन मंदिर का नवनिर्माण कराना चाहते हैं, जिसका पुजारी पक्ष विरोध कर रहा है। इस मामले को सुलझाने के लिए प्रशासन के साथ हुई वार्ता भी पहले विफल हो चुकी थी। वहीं, आज उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासन और पुलिस की टीम पुजारी के पक्ष में जमीन पर कब्ज़ा दिलाने के लिए मौके पर पहुंची। इसके परिणामस्वरूप, मंदिर की जमीन को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच सीधा आमना-सामना हुआ, जिससे स्थिति गरमा गई।2