06 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन सहित कई अधिकारी मौजूद थे, वहीं जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। कलेक्टर ने जर्जर शासकीय भवनों और इमारतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मरम्मत योग्य न होने वाले भवनों या दीवारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन जर्जर भवन में न हो, तथा मरम्मत आवश्यक भवनों को प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण अभियंता को बारिश और आंधी-तूफान के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने तथा झूलते बिजली के तारों की शिकायतें न मिलने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को मानसून को देखते हुए सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों पर जलभराव की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों एवं विद्यालयों का निरीक्षण कर छत टपकने जैसी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) के सभी पट्टाधारियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने, पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में 92 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 31 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी होने की जानकारी दी गई, जिस पर कलेक्टर ने शेष ई-केवाईसी को 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को संबल योजना के 50 दिन से अधिक पुराने प्रकरणों को लंबित न रखने तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के ऋण प्रकरणों में तेजी लाने को भी कहा गया। कटंगी एवं खैरलांजी जनपदों से सर्वाधिक समग्र आईडी संशोधन शिकायतों को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों को 50 दिन से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को अपनी ग्रेडिंग प्रदेश स्तर पर 'ए' ग्रेड बनाए रखने के लिए गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।
06 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन सहित कई अधिकारी मौजूद थे, वहीं जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। कलेक्टर ने जर्जर शासकीय भवनों और इमारतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मरम्मत योग्य न होने वाले भवनों या दीवारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन जर्जर भवन में न हो, तथा मरम्मत आवश्यक भवनों को प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण अभियंता को बारिश और आंधी-तूफान के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने तथा झूलते बिजली के तारों की शिकायतें न मिलने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को मानसून को देखते हुए सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों पर जलभराव की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों एवं विद्यालयों का निरीक्षण कर छत टपकने जैसी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) के सभी पट्टाधारियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने, पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में 92 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 31 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी होने की जानकारी दी गई, जिस पर कलेक्टर ने शेष ई-केवाईसी को 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को संबल योजना के 50 दिन से अधिक पुराने प्रकरणों को लंबित न रखने तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के ऋण प्रकरणों में तेजी लाने को भी कहा गया। कटंगी एवं खैरलांजी जनपदों से सर्वाधिक समग्र आईडी संशोधन शिकायतों को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों को 50 दिन से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को अपनी ग्रेडिंग प्रदेश स्तर पर 'ए' ग्रेड बनाए रखने के लिए गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।
- बालाघाट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम के सामने स्टेशन की कई कमियां उजागर हुईं। स्टेशन की टपकती छत, सीपेज की समस्या और जलभराव जैसी स्थिति को देखकर डीआरएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसी के साथ, बालाघाट-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। बताया गया है कि इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।1
- डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत, पुलिस प्रशासन लगातार गांव के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए कोटवार गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में, "सेफ क्लिक 2.0" के 12वें दिन, झमाझम बारिश के दौरान भी ग्राम कोटवारों ने अपनी मुनादी से साइबर सुरक्षा का संदेश हर गांव तक पहुंचाया।1
- छत्तीसगढ़ की विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का 70 वर्ष की आयु में 5 जुलाई को रायपुर एम्स में निधन हो गया। सुबह लगभग 3:15 बजे, लंबी बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव गनियारी लाया गया, जो दुर्ग जिले में स्थित है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस भावुक अंतिम विदाई में हजारों लोगों ने नम आंखों से पारंपरिक लोकगीत 'चोला माटी के हे राम' गाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। पंडवानी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली डॉ. तीजन बाई की इस विरासत को पूरा देश हमेशा याद रखेगा।1
- घरों में पानी भर जाने से लोगों का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इस स्थिति के कारण प्रभावित परिवारों को एक दर्दनाक कहानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- राजनांदगांव में हुई पहली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है, जिसके चलते बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। इस वजह से मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं करता, यही कारण है कि हर साल बारिश के मौसम में ऐसे ही हालात उत्पन्न होते हैं। जलभराव की ये तस्वीरें केवल जिला अस्पताल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉलोनियों, बस्तियों और नालों के समीप के क्षेत्रों से भी सामने आई हैं। यह स्थिति इस गंभीर सवाल को उठाती है कि बरसात से पहले साफ-सफाई और निरीक्षण की तस्वीरें तो ली जाती हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरा शहर पानी-पानी क्यों हो जाता है।1
- मध्यप्रदेश शासन द्वारा मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही 108 एम्बुलेंस सेवा स्वयं ही बदहाल स्थिति में है। सिवनी जिला मुख्यालय परिसर में लगभग 40 से 50 एम्बुलेंस वाहन जर्जर और खराब अवस्था में खड़े हैं, वहीं जो वाहन चालू स्थिति में थे, वे भी रखरखाव के अभाव में बंद हो गए हैं। इस कारण जिले में स्थिति यह हो गई है कि मरीजों को अस्पताल पहुँचने के लिए अपने निजी साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि शासन की ओर से मिलने वाली यह महत्वपूर्ण सुविधा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक नहीं पहुँच पा रही है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि 108 एम्बुलेंस का संचालन भोपाल से होता है। वे इस समस्या को लेकर लगातार पत्राचार कर रहे हैं और दूरभाष पर भी चर्चा जारी है।1
- छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद रविवार, 5 जुलाई 2026 को रायपुर के एम्स अस्पताल में 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पंडवानी, जो महाभारत की कथाओं को संगीत और अभिनय के जरिए प्रस्तुत करने की एक पारंपरिक लोक कला है, को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए जाना जाता था। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गनियारी (दुर्ग) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।1
- लांजी के कारंजा में लगातार हो रही बारिश ने ग्राम पंचायत की तैयारियों की पोल खोल दी है, जहाँ नालियों की अनदेखी के कारण मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। कारंजा बस स्टैंड से हनुमान मंदिर तक के मुख्य मार्ग पर नालियों की समय पर सफाई न होने और कई जगह जाम होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर आसपास की दुकानों में घुस गया है। इससे व्यापारियों को हजारों रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पार्थ पशु आहार के संचालक तेजराम मोरघाडे ने बताया कि उन्होंने बारिश से पहले ही ग्राम पंचायत को नालियों की सफाई के संबंध में मौखिक शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण उनकी दुकान में पानी घुस गया, जिससे हजारों रुपये का सामान खराब हो गया। मोरघाडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल उनकी दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे मार्ग पर स्थित कई अन्य दुकानें भी इसी तरह की जलभराव की स्थिति का सामना कर रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति को दोबारा बनने से रोकने के लिए स्थायी समाधान की भी जोरदार पैरवी की है।1