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बालाघाट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम के सामने स्टेशन की कई कमियां उजागर हुईं। स्टेशन की टपकती छत, सीपेज की समस्या और जलभराव जैसी स्थिति को देखकर डीआरएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसी के साथ, बालाघाट-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। बताया गया है कि इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Samarpit sahu
बालाघाट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम के सामने स्टेशन की कई कमियां उजागर हुईं। स्टेशन की टपकती छत, सीपेज की समस्या और जलभराव जैसी स्थिति को देखकर डीआरएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसी के साथ, बालाघाट-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। बताया गया है कि इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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- स्थानीय मुस्लिम कब्रिस्तान में 'एक पेड़ अपने बुजुर्गों के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर एसडीएम गोपाल सोनी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह पहल बुजुर्गों की स्मृति में पेड़ लगाने और पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से की गई।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील में स्थित शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय में शासन के निर्देशानुसार 1 से 3 जुलाई तक तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का महाविद्यालय परिवार में आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से गहराई से परिचित कराना था। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर, नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया। इसके उपरांत उन्हें विभिन्न कक्षा समूहों से जोड़ने के लिए सूची तैयार की गई, और उन्हें महाविद्यालय परिसर का विस्तृत भ्रमण कराया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को ग्रंथालय, कार्यालय, विभिन्न प्रयोगशालाओं, खेल मैदान, छात्रावास और कंप्यूटर लैब सहित सभी उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। द्वितीय दिवस का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. एस.एस. गेड़ाम के अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व और महाविद्यालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। इसके बाद विभिन्न विभागाध्यक्षों और प्रभारियों ने अपने-अपने विभागों की गतिविधियों और उनमें उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। प्रो. दोमदत्त सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में प्रो. रक्षा निकोसे (हिंदी), प्रो. वी.के. सिंह (प्राणीशास्त्र), प्रो. मोहनीश इडपाचे (रसायनशास्त्र), प्रो. हिमांशु गुर्दे (वाणिज्य), ग्रंथपाल श्री युगल किशोर लांझेवार, प्रो. कृष्णा पराते (एनएसएस), प्रो. नरेंद्र डोंगरे (विधि) और प्रो. अनिरुद्ध काकोड़िया (अर्थशास्त्र) सहित कई प्राध्यापकों ने अपने विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कीं। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का संचालन प्रो. कृष्णा पराते ने किया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन, शैक्षणिक वातावरण और उपलब्ध सभी संसाधनों की समग्र जानकारी प्रदान की गई।1
- बालाघाट जिले की ग्राम पंचायत मिरिया के स्कूल ग्राउंड और सड़कों पर पानी भर गया है। यह जलभराव नालियों की सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुआ है। ग्राम पंचायत मिरिया में नालियों की सफाई नहीं होने के चलते, अब गाँव के घरों में भी पानी घुसता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।3
- कुरई विकासखंड के अंतर्गत आने वाला श्यामटोला से चक्की खमरिया तक का कच्चा पहुँच मार्ग भारी बरसात के कारण पूरी तरह दलदल में बदल गया है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में आवागमन करने वाले राहगीरों को आवाजाही में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत, पुलिस प्रशासन लगातार गांव के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए कोटवार गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में, "सेफ क्लिक 2.0" के 12वें दिन, झमाझम बारिश के दौरान भी ग्राम कोटवारों ने अपनी मुनादी से साइबर सुरक्षा का संदेश हर गांव तक पहुंचाया।1
- घरों में पानी भर जाने से लोगों का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इस स्थिति के कारण प्रभावित परिवारों को एक दर्दनाक कहानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बालाघाट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम के सामने स्टेशन की कई कमियां उजागर हुईं। स्टेशन की टपकती छत, सीपेज की समस्या और जलभराव जैसी स्थिति को देखकर डीआरएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसी के साथ, बालाघाट-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। बताया गया है कि इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।1
- लांजी के कारंजा में लगातार हो रही बारिश ने ग्राम पंचायत की तैयारियों की पोल खोल दी है, जहाँ नालियों की अनदेखी के कारण मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। कारंजा बस स्टैंड से हनुमान मंदिर तक के मुख्य मार्ग पर नालियों की समय पर सफाई न होने और कई जगह जाम होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर आसपास की दुकानों में घुस गया है। इससे व्यापारियों को हजारों रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पार्थ पशु आहार के संचालक तेजराम मोरघाडे ने बताया कि उन्होंने बारिश से पहले ही ग्राम पंचायत को नालियों की सफाई के संबंध में मौखिक शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण उनकी दुकान में पानी घुस गया, जिससे हजारों रुपये का सामान खराब हो गया। मोरघाडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल उनकी दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे मार्ग पर स्थित कई अन्य दुकानें भी इसी तरह की जलभराव की स्थिति का सामना कर रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति को दोबारा बनने से रोकने के लिए स्थायी समाधान की भी जोरदार पैरवी की है।1