Shuru
Apke Nagar Ki App…
कुरई विकासखंड के अंतर्गत आने वाला श्यामटोला से चक्की खमरिया तक का कच्चा पहुँच मार्ग भारी बरसात के कारण पूरी तरह दलदल में बदल गया है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में आवागमन करने वाले राहगीरों को आवाजाही में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहारीलाल सोनी
कुरई विकासखंड के अंतर्गत आने वाला श्यामटोला से चक्की खमरिया तक का कच्चा पहुँच मार्ग भारी बरसात के कारण पूरी तरह दलदल में बदल गया है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में आवागमन करने वाले राहगीरों को आवाजाही में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- कुरई विकासखंड के अंतर्गत आने वाला श्यामटोला से चक्की खमरिया तक का कच्चा पहुँच मार्ग भारी बरसात के कारण पूरी तरह दलदल में बदल गया है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में आवागमन करने वाले राहगीरों को आवाजाही में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत, पुलिस प्रशासन लगातार गांव के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए कोटवार गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में, "सेफ क्लिक 2.0" के 12वें दिन, झमाझम बारिश के दौरान भी ग्राम कोटवारों ने अपनी मुनादी से साइबर सुरक्षा का संदेश हर गांव तक पहुंचाया।1
- घरों में पानी भर जाने से लोगों का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इस स्थिति के कारण प्रभावित परिवारों को एक दर्दनाक कहानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बालाघाट जिले के नांदी में एक पीड़ित व्यक्ति को तहसीलदार के स्पष्ट आदेश के बावजूद अपना मकान बनाने में लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से परेशान होकर, पीड़ित ने अब प्रशासनिक सहयोग की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और वे अपने घर का निर्माण पूरा कर सकें।1
- दशकों पहले छिंदवाड़ा जिला, जिसे कोयले के कारण 'हीरे के नाम' से पहचाना जाता था और जहाँ परासिया, जमाई तथा दमोह जैसे विभिन्न विकासखंडों में कई खदानें संचालित होने से रोजगार एवं व्यापार में खासी रौनक थी, वहाँ अब हालात बदल गए हैं। बीते लगभग 15 वर्षों से प्रशासन द्वारा लगातार खदानें बंद की जा रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। मध्य भारत के इस जिले में, खासकर परासिया-पेंच और कन्हान क्षेत्र में, कभी कई भूमिगत और ओपन कास्ट कोयला खदानें थीं। ये खदानें धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और नियमित कामगार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक लगातार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर एवं उच्च अधिकारियों से मिलकर नई खदानें खोलने का अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थानीय व्यापार को फिर से फायदा मिल सके। जानकारी के अनुसार, बीते कई वर्षों से कोयला मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत कई क्षेत्र निजी सेक्टर में चले गए हैं, और वर्ष 2004 के बाद से कोयला कामगारों को मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। पेंच और कन्हान क्षेत्र की पुरानी रौनक अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र का अस्तित्व ही अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ काम के अभाव के कारण व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।1
- छिंदवाड़ा जिले में SafeClick2_0 पहल के तहत एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम साहस और समर्पण के नाम' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Cyber Safe Dance प्रस्तुत किए गए, साइबर जागरूकता से संबंधित संदेश प्रसारित किए गए और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण का संकल्प लेना था।1
- मध्यप्रदेश शासन द्वारा मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही 108 एम्बुलेंस सेवा स्वयं ही बदहाल स्थिति में है। सिवनी जिला मुख्यालय परिसर में लगभग 40 से 50 एम्बुलेंस वाहन जर्जर और खराब अवस्था में खड़े हैं, वहीं जो वाहन चालू स्थिति में थे, वे भी रखरखाव के अभाव में बंद हो गए हैं। इस कारण जिले में स्थिति यह हो गई है कि मरीजों को अस्पताल पहुँचने के लिए अपने निजी साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि शासन की ओर से मिलने वाली यह महत्वपूर्ण सुविधा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक नहीं पहुँच पा रही है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि 108 एम्बुलेंस का संचालन भोपाल से होता है। वे इस समस्या को लेकर लगातार पत्राचार कर रहे हैं और दूरभाष पर भी चर्चा जारी है।1
- सिवनी जिले के खैरी क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के चलते सागर कुलार पुल (रपटा) के ऊपर से पानी बहने लगा है। इस स्थिति के कारण आमाकोला और जामुनटोला सहित आसपास के कई गाँवों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पुल पार करने का जोखिम न लें और पानी का स्तर कम होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहें।1