पलहरी चौकी से चंद कदम दूर हरा भरा नीम का विशाल पेड़ काटा, अवशेष खोदकर गायब, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल पलहरी चौकी से चंद कदम दूर हरा भरा नीम का विशाल पेड़ काटा, अवशेष खोदकर गायब, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल **संवाददाता मुकेश कुमार** बाराबंकी वन रेंज अंतर्गत पौधशाला सफदरगंज, थाना सफदरगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत पलहरी के मजरा चमराही का पुरवा में वन माफियाओं ने हरे भरे नीम के विशाल पेड़ को बगैर परमिट काटकर नष्ट कर दिया। पीड़ित किसान मनीराम गौतम के घर के यह विशाल नीम का पेड़ बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन माफियाओं ने पहले तो हरा भरा पेड़ काटा और बाद में जुर्माने से बचने के लिए उसके ठूंठ सहित अवशेष को खुदवाकर गायब कर दिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर पेड़ काटा गया है, वहां से पलहरी पुलिस चौकी की दूरी महज चंद कदम है। इसके बावजूद वन माफियाओं में न तो पुलिस का खौफ है और न ही वन विभाग का। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार वृक्षारोपण के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर पर्यावरण बचाने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी हरे पेड़ों के कटान पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में वन माली अवधेश यादव व वन दरोगा अनुराग सिंह की मिलीभगत से लकड़कट्टों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व प्रभागीय वनाधिकारी से मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पलहरी चौकी से चंद कदम दूर हरा भरा नीम का विशाल पेड़ काटा, अवशेष खोदकर गायब, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल पलहरी चौकी से चंद कदम दूर हरा भरा नीम का विशाल पेड़ काटा, अवशेष खोदकर गायब, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल **संवाददाता मुकेश कुमार** बाराबंकी वन रेंज अंतर्गत पौधशाला सफदरगंज, थाना सफदरगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत पलहरी के मजरा चमराही का पुरवा में वन माफियाओं ने हरे भरे नीम के विशाल पेड़ को बगैर परमिट काटकर नष्ट कर दिया। पीड़ित किसान मनीराम गौतम के घर के यह विशाल नीम का पेड़ बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन माफियाओं ने पहले तो हरा भरा पेड़ काटा और बाद में जुर्माने से बचने के लिए उसके ठूंठ सहित अवशेष को खुदवाकर गायब कर दिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर पेड़ काटा गया है, वहां से पलहरी पुलिस चौकी की दूरी महज चंद कदम है। इसके बावजूद वन माफियाओं में न तो पुलिस का खौफ है और न ही वन विभाग का। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार वृक्षारोपण के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर पर्यावरण बचाने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी हरे पेड़ों के कटान पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में वन माली अवधेश यादव व वन दरोगा अनुराग सिंह की मिलीभगत से लकड़कट्टों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व प्रभागीय वनाधिकारी से मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- CM Yogi Adityantah ने Raebareli में Ajay Rai के मछली भोज मामले पर Congress को सुनाया1
- महाभारत कालीन पारिजात वृक्ष पर खिले स्वर्ण आभा वाले पुष्प, सावन में उमड़ी भीड़ बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर तहसील के बरौलिया गांव में स्थित महाभारत कालीन पौराणिक पारिजात वृक्ष इन दिनों अपने सुंदर स्वरूप में है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। छह माह की लंबी पतझड़ के बाद पहले वृक्ष में हरी-भरी पत्तियां आईं और अब इस पर सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण आभा वाले सुंदर सफेद पुष्प खिले हैं। पुष्पों की खुशबू से पूरा परिसर सुगंधित हो गया है। इसे देखने के लिए रोज हजारों की संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार यह पारिजात वृक्ष समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्नों में से एक है। अज्ञातवास के दौरान अर्जुन इसे स्वर्ग लोक से माता कुंती के लिए यहां लाए थे। मान्यता है कि आज भी माता कुंती अदृश्य रूप में किंतूर स्थिति भगवान कुंतेश्वर महादेव का जलाभिषेक करती हैं और पारिजात पुष्प भगवान शिव को अर्पित करती हैं। सावन के महीने में तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रद्धालु पारिजात पुष्प को भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए उत्सुक रहते हैं। विश्वास है कि शिव पर चढ़ाए गए पुष्प से धन-धान्य में वृद्धि,मन में शांति और सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां पर्यटक लखनऊ, अयोध्या,अमेठी, बहराइच सीतापुर, गोंडा, कानपुर, हरदोई, सुल्तानपुर, गोरखपुर, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़ उन्नाव, अगरा, प्रयागराज, सहित आदि जगहों से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।4
- बेरिया पुल की टूटी रेलिंग बनी हादसे का सबब, ग्रामीणों ने खुद भरा गड्ढा जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल बाराबंकी /उत्तर प्रदेश जनपद के ग्राम बेरिया के निकट शारदा सहायक नहर पर बना पुल इन दिनों बदहाली और विभागीय उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। कई गांवों और कस्बों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की रेलिंग लंबे समय से टूटी पड़ी है। पुल के समीप डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और राहगीर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की खुली दस्तक बनी हुई है।पुल पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति टूटी रेलिंग को लेकर है। नीचे गहरी नहर में पानी का बहाव और ऊपर पुल पर बेतरतीब आवागमन ऐसे में सामने से आने वाले वाहन से बचने के दौरान यदि किसी बाइक सवार का संतुलन बिगड़ जाए तो उसके सीधे नहर में गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।कुछ दिन पहले ही इस खतरे की एक बानगी भी सामने आ चुकी है। चर्चा के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पूर्व एक युवक पुल पर गिर गया और उसकी बाइक पुलिया की ओर लटक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को संभाला और बाइक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना पुल की भयावह स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद टूटी रेलिंग के पास बांस लगाकर उस पर लाल कपड़ा बांध दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था भी महज खानापूर्ति साबित हुई। कुछ ही दिनों बाद बांस टूटकर नहर में जा गिरा और खतरा फिर जस का तस खड़ा हो गया।जब व्यवस्था सोई रही, ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी पुल पर बने गहरे गड्ढे को भरने के लिए ग्रामीणों ने आखिरकार विभाग का इंतजार छोड़ दिया। उन्होंने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट और कंक्रीट खरीदा और अपने स्तर से गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों की यह पहल केवल सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति एक बड़ा सवाल है।जिस काम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी, उसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से पूरा किया, ताकि किसी स्कूली बच्चे, छात्र-छात्रा या राहगीर की जिंदगी खतरे में न पड़े। यह तस्वीर व्यवस्था के उस चेहरे को सामने लाती है, जहां जनता अपने जीवन की सुरक्षा के लिए भी खुद ही इंतजाम करने को मजबूर दिखाई दे रही है।बेरिया पुल पर ग्रामीणों ने सिर्फ एक गड्ढा नहीं भरा है, बल्कि उन्होंने जिम्मेदार व्यवस्था के सामने आईना रख दिया है। टूटी रेलिंग और जर्जर पुलिया किसी हादसे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सवाल अब यह है कि संबंधित अधिकारी इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए पुल की स्थायी मरम्मत कराएंगे या फिर किसी अनहोनी के बाद ही सरकारी मशीनरी की नींद टूटेगी।1
- सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में तेंदुए की आहट की सूचना के बाद वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बीते करीब 10 दिनों से गांव के आसपास जंगली जानवरों के शिकार किए जाने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम होते ही गांव के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की आशंका बनी रहती है। वहीं, एक बछड़े को तेंदुए द्वारा खींचकर ले जाने की बात भी सामने आई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। रेंजर रामचंद्र सिंह और वन दरोगा अनुज सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में कांबिंग कर रही है।तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा भी लगाया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन एवं वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 📍पूरा मामला सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव का है। #Barabanki #Subeha #Sharifabad #LeopardAlert #ForestDepartment BarabankiNews UPNews WildlifeAlert InstagramNews1
- आप सभी देशवासियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद अब्दुल मुईद जिला संवाददाता बाराबंकी धारा लक्ष्य समाचार 99369006771
- *ब्रेकिंग न्यूज* *शाबाश हजरतगंज पुलिस शाबाश* *हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रहे सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार शर्मा का सराहनीय कार्य* *बारिश में असहाय दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद को दौड़े चौकी प्रभारी* सचिवालय सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया *लखनऊ तेज बारिश के बीच अटल चौराहे पर पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली* 25 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे *चौकी प्रभारी सचिवालय बागेश कुमार शर्मा वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान अटल चौराहे पर मौजूद थे* *इसी दौरान उनकी नजर एक दृष्टिबाधित व्यक्ति पर पड़ी*, जो बारिश में असहाय अवस्था में भीग रहा था *चौकी प्रभारी बागेश शर्मा तत्काल उसके पास पहुंचे* और सहारा देकर उसे सुरक्षित चौकी के पास लाए पानी पिलाने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई *इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑटो रिक्शा की व्यवस्था कर उसका किराया अपने स्तर से दिया और दृष्टिबाधित व्यक्ति को सकुशल उसके गंतव्य के लिए रवाना किया* *चौकी प्रभारी के इस संवेदनशील कदम की सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं* बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है *“वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह किसी असहाय की आंखों में उम्मीद और दिल में भरोसा जगा दे।”* *उत्सव सिंह* *ब्रेकिंग न्यूज* *शाबाश हजरतगंज पुलिस शाबाश* *हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रहे सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार शर्मा का सराहनीय कार्य* *बारिश में असहाय दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद को दौड़े चौकी प्रभारी* सचिवालय सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया *लखनऊ तेज बारिश के बीच अटल चौराहे पर पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली* 25 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे *चौकी प्रभारी सचिवालय बागेश कुमार शर्मा वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान अटल चौराहे पर मौजूद थे* *इसी दौरान उनकी नजर एक दृष्टिबाधित व्यक्ति पर पड़ी*, जो बारिश में असहाय अवस्था में भीग रहा था *चौकी प्रभारी बागेश शर्मा तत्काल उसके पास पहुंचे* और सहारा देकर उसे सुरक्षित चौकी के पास लाए पानी पिलाने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई *इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑटो रिक्शा की व्यवस्था कर उसका किराया अपने स्तर से दिया और दृष्टिबाधित व्यक्ति को सकुशल उसके गंतव्य के लिए रवाना किया* *चौकी प्रभारी के इस संवेदनशील कदम की सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं* बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है *“वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह किसी असहाय की आंखों में उम्मीद और दिल में भरोसा जगा दे।”* *उत्सव सिंह*1
- बाराबंकी पुलिस अधीक्षक ने महादेव धाम में खुद संभाला मोर्चा वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल सोमवार को प्राचीन लोधेश्वर महादेवा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाराबंकी पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय ने स्वयं मोर्चा संभाला श्रद्धालुओं की समस्त सुख सुविधाओं का धयान रखते हुए SP ने खुद ही कराए श्रद्धालुओं को भगवान महादेव के दर्शन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बाराबंकी द्वारा श्रावण मास मेला/कांवड़ मेला के चतुर्थ सोमवार के दृष्टिगत लोधेश्वर महादेवा मंदिर एवं कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा, सम्बन्धित को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश* आज दिनांक 24.08.2026 को श्रावण मास/कांवड़ मेला के चतुर्थ सोमवार के दृष्टिगत जिलाधिकारी बाराबंकी श्री ईशान प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा संयुक्त रूप से थाना रामनगर क्षेत्रान्तर्गत स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा मंदिर पहुंचकर मेला परिसर एवं कांवड़ियों/श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा मंदिर परिसर, दर्शन एवं जलाभिषेक व्यवस्था तथा कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग का निरीक्षण किया गया। साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था, वाहनों के रूट डायवर्जन, पुलिस पिकेट, बैरियर, पेट्रोलिंग एवं प्रमुख स्थानों पर तैनात पुलिस बल की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। अधिकारियों द्वारा मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखते हुए श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन/जलाभिषेक सुनिश्चित कराने तथा कांवड़ियों की यात्रा को व्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।1
- “केवल सैफई सिंडिकेट को सम्मान मिले...” Akhilesh Yadav पर CM Yogi Adityanath का बड़ा हमला1