महाभारत कालीन पारिजात वृक्ष पर खिले स्वर्ण आभा वाले पुष्प, सावन में उमड़ी भीड़ बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर तहसील के बरौलिया गांव में स्थित महाभारत कालीन पौराणिक पारिजात वृक्ष इन दिनों अपने सुंदर स्वरूप में है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। छह माह की लंबी पतझड़ के बाद पहले वृक्ष में हरी-भरी पत्तियां आईं और अब इस पर सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण आभा वाले सुंदर सफेद पुष्प खिले हैं। पुष्पों की खुशबू से पूरा परिसर सुगंधित हो गया है। इसे देखने के लिए रोज हजारों की संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार यह पारिजात वृक्ष समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्नों में से एक है। अज्ञातवास के दौरान अर्जुन इसे स्वर्ग लोक से माता कुंती के लिए यहां लाए थे। मान्यता है कि आज भी माता कुंती अदृश्य रूप में किंतूर स्थिति भगवान कुंतेश्वर महादेव का जलाभिषेक करती हैं और पारिजात पुष्प भगवान शिव को अर्पित करती हैं। सावन के महीने में तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रद्धालु पारिजात पुष्प को भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए उत्सुक रहते हैं। विश्वास है कि शिव पर चढ़ाए गए पुष्प से धन-धान्य में वृद्धि,मन में शांति और सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां पर्यटक लखनऊ, अयोध्या,अमेठी, बहराइच सीतापुर, गोंडा, कानपुर, हरदोई, सुल्तानपुर, गोरखपुर, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़ उन्नाव, अगरा, प्रयागराज, सहित आदि जगहों से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।
महाभारत कालीन पारिजात वृक्ष पर खिले स्वर्ण आभा वाले पुष्प, सावन में उमड़ी भीड़ बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर तहसील के बरौलिया गांव में स्थित महाभारत कालीन पौराणिक पारिजात वृक्ष इन दिनों अपने सुंदर स्वरूप में है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। छह माह की लंबी पतझड़ के बाद पहले वृक्ष में हरी-भरी पत्तियां आईं और अब
इस पर सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण आभा वाले सुंदर सफेद पुष्प खिले हैं। पुष्पों की खुशबू से पूरा परिसर सुगंधित हो गया है। इसे देखने के लिए रोज हजारों की संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार यह पारिजात वृक्ष समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्नों में से एक है। अज्ञातवास के दौरान
अर्जुन इसे स्वर्ग लोक से माता कुंती के लिए यहां लाए थे। मान्यता है कि आज भी माता कुंती अदृश्य रूप में किंतूर स्थिति भगवान कुंतेश्वर महादेव का जलाभिषेक करती हैं और पारिजात पुष्प भगवान शिव को अर्पित करती हैं। सावन के महीने में तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रद्धालु पारिजात पुष्प को भगवान भोलेनाथ
को अर्पित करने के लिए उत्सुक रहते हैं। विश्वास है कि शिव पर चढ़ाए गए पुष्प से धन-धान्य में वृद्धि,मन में शांति और सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां पर्यटक लखनऊ, अयोध्या,अमेठी, बहराइच सीतापुर, गोंडा, कानपुर, हरदोई, सुल्तानपुर, गोरखपुर, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़ उन्नाव, अगरा, प्रयागराज, सहित आदि जगहों से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।
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- महाभारत कालीन पारिजात वृक्ष पर खिले स्वर्ण आभा वाले पुष्प, सावन में उमड़ी भीड़ बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर तहसील के बरौलिया गांव में स्थित महाभारत कालीन पौराणिक पारिजात वृक्ष इन दिनों अपने सुंदर स्वरूप में है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। छह माह की लंबी पतझड़ के बाद पहले वृक्ष में हरी-भरी पत्तियां आईं और अब इस पर सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण आभा वाले सुंदर सफेद पुष्प खिले हैं। पुष्पों की खुशबू से पूरा परिसर सुगंधित हो गया है। इसे देखने के लिए रोज हजारों की संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार यह पारिजात वृक्ष समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्नों में से एक है। अज्ञातवास के दौरान अर्जुन इसे स्वर्ग लोक से माता कुंती के लिए यहां लाए थे। मान्यता है कि आज भी माता कुंती अदृश्य रूप में किंतूर स्थिति भगवान कुंतेश्वर महादेव का जलाभिषेक करती हैं और पारिजात पुष्प भगवान शिव को अर्पित करती हैं। सावन के महीने में तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रद्धालु पारिजात पुष्प को भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए उत्सुक रहते हैं। विश्वास है कि शिव पर चढ़ाए गए पुष्प से धन-धान्य में वृद्धि,मन में शांति और सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां पर्यटक लखनऊ, अयोध्या,अमेठी, बहराइच सीतापुर, गोंडा, कानपुर, हरदोई, सुल्तानपुर, गोरखपुर, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़ उन्नाव, अगरा, प्रयागराज, सहित आदि जगहों से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।4
- बेरिया पुल की टूटी रेलिंग बनी हादसे का सबब, ग्रामीणों ने खुद भरा गड्ढा जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल बाराबंकी /उत्तर प्रदेश जनपद के ग्राम बेरिया के निकट शारदा सहायक नहर पर बना पुल इन दिनों बदहाली और विभागीय उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। कई गांवों और कस्बों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की रेलिंग लंबे समय से टूटी पड़ी है। पुल के समीप डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और राहगीर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की खुली दस्तक बनी हुई है।पुल पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति टूटी रेलिंग को लेकर है। नीचे गहरी नहर में पानी का बहाव और ऊपर पुल पर बेतरतीब आवागमन ऐसे में सामने से आने वाले वाहन से बचने के दौरान यदि किसी बाइक सवार का संतुलन बिगड़ जाए तो उसके सीधे नहर में गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।कुछ दिन पहले ही इस खतरे की एक बानगी भी सामने आ चुकी है। चर्चा के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पूर्व एक युवक पुल पर गिर गया और उसकी बाइक पुलिया की ओर लटक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को संभाला और बाइक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना पुल की भयावह स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद टूटी रेलिंग के पास बांस लगाकर उस पर लाल कपड़ा बांध दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था भी महज खानापूर्ति साबित हुई। कुछ ही दिनों बाद बांस टूटकर नहर में जा गिरा और खतरा फिर जस का तस खड़ा हो गया।जब व्यवस्था सोई रही, ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी पुल पर बने गहरे गड्ढे को भरने के लिए ग्रामीणों ने आखिरकार विभाग का इंतजार छोड़ दिया। उन्होंने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट और कंक्रीट खरीदा और अपने स्तर से गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों की यह पहल केवल सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति एक बड़ा सवाल है।जिस काम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी, उसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से पूरा किया, ताकि किसी स्कूली बच्चे, छात्र-छात्रा या राहगीर की जिंदगी खतरे में न पड़े। यह तस्वीर व्यवस्था के उस चेहरे को सामने लाती है, जहां जनता अपने जीवन की सुरक्षा के लिए भी खुद ही इंतजाम करने को मजबूर दिखाई दे रही है।बेरिया पुल पर ग्रामीणों ने सिर्फ एक गड्ढा नहीं भरा है, बल्कि उन्होंने जिम्मेदार व्यवस्था के सामने आईना रख दिया है। टूटी रेलिंग और जर्जर पुलिया किसी हादसे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सवाल अब यह है कि संबंधित अधिकारी इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए पुल की स्थायी मरम्मत कराएंगे या फिर किसी अनहोनी के बाद ही सरकारी मशीनरी की नींद टूटेगी।1
- छोटी बच्ची ने DM साहब से रोड बनवाने की अपील वीडियो में DM साहब से रोड बनवाने की गुहार लगा रही है जनपद बाराबंकी में क्रिटल गॉर्डन की रोड मेंबड़े बड़े गड्ढे हैं बारिश के मौसम में सड़क पर पानी और कीचड़ भरा रहता है ऐसा लगता है... सड़क में गड्ढे नहीं...बल्कि गड्ढों में सड़क है... छोटे बच्ची की पुकार सुन लीजिए DM साहब... वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...1
- छोटे छोटे बच्चे भाजपा के मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहे है, बिहार मे शिक्षा मामलो से छोटे छोटे बच्चे भी परेशान है व सड़को पर है, घटना पटना की बताई जा1
- आप सभी देशवासियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद अब्दुल मुईद जिला संवाददाता बाराबंकी धारा लक्ष्य समाचार 99369006771
- *ब्रेकिंग न्यूज* *शाबाश हजरतगंज पुलिस शाबाश* *हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रहे सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार शर्मा का सराहनीय कार्य* *बारिश में असहाय दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद को दौड़े चौकी प्रभारी* सचिवालय सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया *लखनऊ तेज बारिश के बीच अटल चौराहे पर पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली* 25 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे *चौकी प्रभारी सचिवालय बागेश कुमार शर्मा वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान अटल चौराहे पर मौजूद थे* *इसी दौरान उनकी नजर एक दृष्टिबाधित व्यक्ति पर पड़ी*, जो बारिश में असहाय अवस्था में भीग रहा था *चौकी प्रभारी बागेश शर्मा तत्काल उसके पास पहुंचे* और सहारा देकर उसे सुरक्षित चौकी के पास लाए पानी पिलाने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई *इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑटो रिक्शा की व्यवस्था कर उसका किराया अपने स्तर से दिया और दृष्टिबाधित व्यक्ति को सकुशल उसके गंतव्य के लिए रवाना किया* *चौकी प्रभारी के इस संवेदनशील कदम की सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं* बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है *“वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह किसी असहाय की आंखों में उम्मीद और दिल में भरोसा जगा दे।”* *उत्सव सिंह* *ब्रेकिंग न्यूज* *शाबाश हजरतगंज पुलिस शाबाश* *हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रहे सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार शर्मा का सराहनीय कार्य* *बारिश में असहाय दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद को दौड़े चौकी प्रभारी* सचिवालय सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया *लखनऊ तेज बारिश के बीच अटल चौराहे पर पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली* 25 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे *चौकी प्रभारी सचिवालय बागेश कुमार शर्मा वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान अटल चौराहे पर मौजूद थे* *इसी दौरान उनकी नजर एक दृष्टिबाधित व्यक्ति पर पड़ी*, जो बारिश में असहाय अवस्था में भीग रहा था *चौकी प्रभारी बागेश शर्मा तत्काल उसके पास पहुंचे* और सहारा देकर उसे सुरक्षित चौकी के पास लाए पानी पिलाने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई *इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑटो रिक्शा की व्यवस्था कर उसका किराया अपने स्तर से दिया और दृष्टिबाधित व्यक्ति को सकुशल उसके गंतव्य के लिए रवाना किया* *चौकी प्रभारी के इस संवेदनशील कदम की सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं* बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है *“वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह किसी असहाय की आंखों में उम्मीद और दिल में भरोसा जगा दे।”* *उत्सव सिंह*1
- सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में तेंदुए की आहट की सूचना के बाद वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बीते करीब 10 दिनों से गांव के आसपास जंगली जानवरों के शिकार किए जाने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम होते ही गांव के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की आशंका बनी रहती है। वहीं, एक बछड़े को तेंदुए द्वारा खींचकर ले जाने की बात भी सामने आई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। रेंजर रामचंद्र सिंह और वन दरोगा अनुज सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में कांबिंग कर रही है।तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा भी लगाया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन एवं वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 📍पूरा मामला सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव का है। #Barabanki #Subeha #Sharifabad #LeopardAlert #ForestDepartment BarabankiNews UPNews WildlifeAlert InstagramNews1