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सागर जिले के गढ़ाकोटा अंतर्गत रहली गढ़ाकोटा रोड स्थित लुहागर ग्राम में गांवों में अवैध शराब बंद करने की मांग को लेकर महिलाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया। अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं को समझाने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद, थाना प्रभारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद महिलाओं ने कुछ समय बाद इस जाम को स्थगित कर दिया।
Ravi Soni
सागर जिले के गढ़ाकोटा अंतर्गत रहली गढ़ाकोटा रोड स्थित लुहागर ग्राम में गांवों में अवैध शराब बंद करने की मांग को लेकर महिलाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया। अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं को समझाने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद, थाना प्रभारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद महिलाओं ने कुछ समय बाद इस जाम को स्थगित कर दिया।
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- 11वीं में प्रवेश संकट के विरोध में 'आस एक उम्मीद' ने सागर के देवरी कला में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं के हक में स्थानीय प्रशासन को प्रमुख मांगों के साथ एक ज्ञापन सौंपा गया।1
- सागर जिले में गौ सेवकों ने गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और खिमलासा थाने में 11 गौ सेवकों पर दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपना 166वां ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारियों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सागर जिला प्रशासन की रहेगी। गौ सेवकों का आरोप है कि प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है। खिमलासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोचर भूमि को मुक्त कराने के संबंध में लिखित सूचना देने के बाद जब उन्होंने प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने 11 गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। यही नहीं, गौ सेवक हरकिशन सेन को रात भर थाने में बिठाकर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। इसके ठीक विपरीत, अगले ही दिन सागर बीएमसी (बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज) के डॉक्टरों और स्टाफ ने अति संवेदनशील सड़क पर चक्काजाम किया, जिससे एम्बुलेंस और मरीज परेशान हुए, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौ सेवकों ने तीखा सवाल उठाया है कि आखिर एक ही देश में दो कानून कैसे चल सकते हैं? गौ सेवकों का कहना है कि वे पिछले 3 वर्षों में कलेक्टर से लेकर तहसीलदारों तक को 164 ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की नाकामी की वजह से ही उन्हें चक्काजाम जैसा कदम उठाना पड़ा। उनकी मांग है कि या तो गौ सेवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं या फिर मेडिकल स्टाफ पर भी चक्काजाम की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक O D003 के अनुसार बीना विधानसभा के ग्राम देवल में 3614 एकड़ की गो-अभ्यारण्य भूमि समेत सभी गोचर भूमियों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। इस प्रदर्शन में करणी सेना के गौ सेवक, शिवसेना और ग्राम पड़रिया के लोग शामिल रहे।4
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