भारतीय जन मोर्चा पार्टी के अनुसार, कांग्रेस ने श्रवण और पिछड़ा वर्ग का शोषण करने के लिए SC/ST एक्ट कानून बनाया है, जिसे भाजपा ने मजबूत कर देश के इन वर्गों के साथ अन्याय किया है। यह आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों ने श्रवण और पिछड़ा वर्ग के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने के लिए पैसे देने की योजना बनाई है, जिसमें सरकार भी कथित तौर पर सहयोग कर रही है। हालांकि, ऐसी झूठी STC एक्ट की शिकायतें न्यायालय में दोषमुक्त हो रही हैं, लेकिन इन मामलों के कारण श्रवण और पिछड़ा वर्ग के लोगों का जीवन तबाह हो रहा है। पार्टी का कहना है कि 'अन्याय करो, झूठी FIR दर्ज कराओ और पैसा पाओ' जैसी योजनाएं देश में जातिगत भेदभाव पैदा कर रही हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दल देश को जाति संघर्ष में धकेल रहे हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी रुपए देने की इस गलत योजना का पुरजोर विरोध करती है और श्रवण तथा पिछड़ा वर्ग से जागृत होने का आह्वान करती है। पार्टी का कहना है कि सनातनी हिंदू, चाहे वे पिछड़ा वर्ग से हों या श्रवण वर्ग से, उन्हें एक साथ आकर झूठी और गलत FIR दर्ज करने वालों के खिलाफ एक मंच पर आवाज उठानी होगी। भारतीय जन मोर्चा पार्टी भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा किए जा रहे सनातन विरोध का भी विरोध करती है, और स्पष्ट करती है कि जो सनातनी नहीं हैं उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है, चाहे वे किसी भी जाति के हों। पार्टी सनातन हिंदू और सनातन की बात करती है और सनातन विरोधी का मुखर विरोध करती है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी देश में पिछड़ा और श्रवण के साथ अन्याय पर मिलने वाले पैसे का भी विरोध करती है। पार्टी की मांग है कि अपराध करने वाले को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, लेकिन एक जाति विशेष के नाम पर श्रवण और पिछड़ों के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने वालों पर भी अपराध कायम होना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों को ऐसे कानून बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराती है, जिन्होंने देश में पिछड़ा वर्ग के साथ घोर अन्याय किया है।
भारतीय जन मोर्चा पार्टी के अनुसार, कांग्रेस ने श्रवण और पिछड़ा वर्ग का शोषण करने के लिए SC/ST एक्ट कानून बनाया है, जिसे भाजपा ने मजबूत कर देश के इन वर्गों के साथ अन्याय किया है। यह आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों ने श्रवण और पिछड़ा वर्ग के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने के लिए पैसे देने की योजना बनाई है, जिसमें सरकार भी कथित तौर पर सहयोग कर रही है। हालांकि, ऐसी झूठी STC एक्ट की शिकायतें न्यायालय में दोषमुक्त हो रही हैं, लेकिन इन मामलों के कारण श्रवण और पिछड़ा वर्ग के लोगों का जीवन तबाह हो रहा है। पार्टी का कहना है कि 'अन्याय करो, झूठी FIR दर्ज कराओ और पैसा पाओ' जैसी योजनाएं देश में जातिगत भेदभाव पैदा कर रही हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दल देश को जाति संघर्ष में धकेल रहे हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी रुपए देने की इस गलत योजना का पुरजोर विरोध करती है और श्रवण तथा पिछड़ा वर्ग से जागृत होने का आह्वान करती है। पार्टी का कहना है कि सनातनी हिंदू, चाहे वे पिछड़ा वर्ग से हों या श्रवण वर्ग से, उन्हें एक साथ आकर झूठी और गलत FIR दर्ज करने वालों के खिलाफ एक मंच पर आवाज उठानी होगी। भारतीय जन मोर्चा पार्टी भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा किए जा रहे सनातन विरोध का भी विरोध करती है, और स्पष्ट करती है कि जो सनातनी नहीं हैं उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है, चाहे वे किसी भी जाति के हों। पार्टी सनातन हिंदू और सनातन की बात करती है और सनातन विरोधी का मुखर विरोध करती है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी देश में पिछड़ा और श्रवण के साथ अन्याय पर मिलने वाले पैसे का भी विरोध करती है। पार्टी की मांग है कि अपराध करने वाले को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, लेकिन एक जाति विशेष के नाम पर श्रवण और पिछड़ों के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने वालों पर भी अपराध कायम होना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों को ऐसे कानून बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराती है, जिन्होंने देश में पिछड़ा वर्ग के साथ घोर अन्याय किया है।
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी के अनुसार, कांग्रेस ने श्रवण और पिछड़ा वर्ग का शोषण करने के लिए SC/ST एक्ट कानून बनाया है, जिसे भाजपा ने मजबूत कर देश के इन वर्गों के साथ अन्याय किया है। यह आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों ने श्रवण और पिछड़ा वर्ग के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने के लिए पैसे देने की योजना बनाई है, जिसमें सरकार भी कथित तौर पर सहयोग कर रही है। हालांकि, ऐसी झूठी STC एक्ट की शिकायतें न्यायालय में दोषमुक्त हो रही हैं, लेकिन इन मामलों के कारण श्रवण और पिछड़ा वर्ग के लोगों का जीवन तबाह हो रहा है। पार्टी का कहना है कि 'अन्याय करो, झूठी FIR दर्ज कराओ और पैसा पाओ' जैसी योजनाएं देश में जातिगत भेदभाव पैदा कर रही हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दल देश को जाति संघर्ष में धकेल रहे हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी रुपए देने की इस गलत योजना का पुरजोर विरोध करती है और श्रवण तथा पिछड़ा वर्ग से जागृत होने का आह्वान करती है। पार्टी का कहना है कि सनातनी हिंदू, चाहे वे पिछड़ा वर्ग से हों या श्रवण वर्ग से, उन्हें एक साथ आकर झूठी और गलत FIR दर्ज करने वालों के खिलाफ एक मंच पर आवाज उठानी होगी। भारतीय जन मोर्चा पार्टी भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा किए जा रहे सनातन विरोध का भी विरोध करती है, और स्पष्ट करती है कि जो सनातनी नहीं हैं उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है, चाहे वे किसी भी जाति के हों। पार्टी सनातन हिंदू और सनातन की बात करती है और सनातन विरोधी का मुखर विरोध करती है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी देश में पिछड़ा और श्रवण के साथ अन्याय पर मिलने वाले पैसे का भी विरोध करती है। पार्टी की मांग है कि अपराध करने वाले को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, लेकिन एक जाति विशेष के नाम पर श्रवण और पिछड़ों के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने वालों पर भी अपराध कायम होना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों को ऐसे कानून बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराती है, जिन्होंने देश में पिछड़ा वर्ग के साथ घोर अन्याय किया है।1
- सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटी रोड स्थित गांधीनगर में खुलेआम अवैध शराब बिक्री का एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में एक दुकान के भीतर देशी शराब की पेटी और फ्रिज में सजी बियर की बोतलें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि अवैध शराब का कारोबार बेखौफ तरीके से चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, सिविल लाइन क्षेत्र में शराब माफियाओं ने गांव-गांव और मोहल्लों तक अपना नेटवर्क फैला रखा है। आरोप है कि शराब दुकान से जुड़े मैनेजर और पैकारी तंत्र द्वारा अवैध "ब्रांच" बनाकर शराब की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री जारी है और कई शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की, न ही आबकारी विभाग ने कोई प्रभावी अभियान चलाया। रिपोर्ट में यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि जब शहर के बीचों-बीच खुलेआम शराब बिक रही थी, तो सिविल लाइन थाना पुलिस क्या कर रही थी और क्या आबकारी विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर सब कुछ संरक्षण में चल रहा था। जनता यह भी पूछ रही है कि क्या अवैध शराब कारोबारियों को राजनीतिक या विभागीय संरक्षण प्राप्त है, और आखिर क्यों कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो रही। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि क्या कोई बड़ी कार्रवाई होती है या केवल खानापूर्ति की कार्यवाही की जाती है।1
- सतना शहर में ई-रिक्शा चालक नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से वाहन चला रहे हैं, जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इन ई-रिक्शा को चलाने वालों में ज्यादातर नाबालिग और नशेड़ी शामिल हैं। कई रिक्शा बिना नंबर प्लेट के चलते हैं, और अधिकांश चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। ई-रिक्शा चालकों की इस बेलगाम मनमानी के बीच यातायात विभाग की सख्ती पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शहर में हो रही लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद, यातायात पुलिस केवल चालानी कार्रवाई तक ही सीमित दिखाई दे रही है।1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- चित्रकूट जनपद के मानिकपुर तहसील अंतर्गत रायपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव के ग्रामीणों ने लेखपाल पर पत्थर गड्डी (भूमि नाप) में धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले की शिकायत लेकर आज बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे लगभग एक सैकड़ा ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दबंगों द्वारा की गई जमीन पर कब्जे को लेकर अब तक चार बार नाप की जा चुकी है। उनके अनुसार, राजस्व की टीम द्वारा पहले की गई नाप बिल्कुल सही थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते दोबारा गठित की गई टीम ने जो नाप की है, वह पूरी तरह से गलत है। ग्रामीणों ने इस नई नाप को अमान्य कर दिया है और जिलाधिकारी से इस धांधली की शिकायत कर न्याय की मांग की है।4
- पन्ना। शाहनगर1
- क्षेत्र में युवाओं को डिजिटल और कंप्यूटर कौशल सिखाने के उद्देश्य से एक निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया है। यहां छात्रों और बेरोजगार युवाओं को बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान, इंटरनेट के उपयोग और विभिन्न डिजिटल कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उन्हें रोजगार दिलाने और ऑनलाइन काम सीखने में मदद करना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। बड़ी संख्या में छात्रों का प्रशिक्षण के लिए पहुंचना इसे रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित करता है।1
- सतना से पंडित जितेंद्र राय ने भारतीय जन मोर्चा पार्टी के साथ मिलकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग और सवर्ण वर्ग के लोगों को गलत तरीके से फंसाने के लिए रुपए दिए जाते हैं, जो कि एक गलत प्रथा है और इसका दुरुपयोग करके निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने इस प्रथा का कड़ा विरोध करते हुए बताया है कि इस योजना के कारण 95% मामलों में न्यायालय से लोग निर्दोष साबित होते हैं। आरोप है कि भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने सवर्ण और पिछड़े वर्ग के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई हैं, जिससे इन वर्गों का जीवन बर्बाद हो रहा है। पंडित राय ने सरकार से सवाल किया है कि इसकी जवाबदेही कब ली जाएगी। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने भारत सरकार से तत्काल मांग की है कि पैसा देने वाली यह स्कीम तुरंत बंद की जाए। उनका तर्क है कि यह योजना कहीं न कहीं गलत काम करने के लिए प्रेरित करती है, क्योंकि कोई भी अपराध जांच के बाद ही दर्ज होना चाहिए। पार्टी का कहना है कि वे किसी भी व्यक्ति के गलत काम करने पर कठोर से कठोर कानून बनने का समर्थन करते हैं, लेकिन निर्दोषों को फंसाने में उपयोग होने वाले किसी भी कानून का पुरजोर विरोध करते हैं। पार्टी ने सरकार से अपील की है कि पिछड़ा वर्ग और सवर्ण वर्ग के साथ अन्याय करने वाले इस तरह के पैसे देने वाले कानून को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।1